संस्करणों
विविध

ट्रेन में आईडी प्रूफ लेकर चलने की जरूरत नहीं, डिजी लॉकर में रखा आधार और डीएल होगा मान्य

यात्रियों की पहचान प्रमाण के रूप में डिजिटल लॉकर से डिजिटल आधार तथा ड्राइविंग लाइसेंस को मंजूरी

yourstory हिन्दी
7th Jul 2018
Add to
Shares
5
Comments
Share This
Add to
Shares
5
Comments
Share

असुविधा से बचाने के लिए रेल मंत्रालय ने रेल यात्रियों को डिजी लॉकर में रखे आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को प्रमाणिक दस्तावेज के रूप में मानने की मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक अब आपको ट्रेन में अपने कागजात लेकर चलने की जरूरत नहीं है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


ट्रेन में यात्रा करते समय यात्री अपने डिजिटल लॉकर एकाउंट के ‘जारी दस्तावेज’ सेक्शन से आधार/ ड्राइविंग लाइसेंस दिखाते हैं तो इन पहचानों को वैध प्रमाण माना जाएगा। 

कई बार ट्रेन की यात्रा करते वक्त ऐसा होता है कि आईडी प्रूफ के तौर पर हमारे पास कोई कागजात नहीं होता है। कई बार हम घर पर ही आईडी भूल जाते हैं और कई बार तो सफर में ही वह खो जाता है। ऐसी हालत में किसी असुविधा से बचने के लिए रेल मंत्रालय ने रेल यात्रियों को डिजी लॉकर में रखे आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को प्रमाणिक दस्तावेज के रूप में मानने की मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक अब आपको ट्रेन में अपने कागजात लेकर चलने की जरूरत नहीं है।

जिस ऐप में आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी सुरक्षित करने की बात की जा रही है वह सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। इसके तहत देश के प्रत्येक नागरिक को क्लाउड बेस्ड सिस्टम में अपने कागजात सुरक्षित करने की सुविधा प्रजान की जाती है। आईआरसीटीसी ने अपने सभी जोनल प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजर को निर्देश जारी कर कहा है कि वे डिजीलॉकर में रखे यात्रियों के दस्तावेजों को पहचान प्रमाण पत्र के रूप में मान्य करें।

रेल मंत्रालय ने डिजिटल लॉकर से वैध पहचान प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किये जाने वाले आधार और ड्राइविंग लाइसेंस के विषय की समीक्षा की है और यह निर्णय लिया गया है कि ट्रेन में यात्रा करते समय यात्री अपने डिजिटल लॉकर एकाउंट के ‘जारी दस्तावेज’ सेक्शन से आधार/ ड्राइविंग लाइसेंस दिखाते हैं तो इन पहचानों को वैध प्रमाण माना जाएगा लेकिन यह स्पष्ट किया जाता है कि यूजर द्वारा ‘अपलोडेड डॉक्यूमेंट’ में अपलोड किये गए दस्तावेज पहचान के वैध प्रमाण नहीं माने जायेंगे।

फिलहाल भारतीय रेल की किसी भी आरक्षित श्रेणी में यात्रा करने के लिए निम्नलिखित पहचान प्रमाण पत्र वैध माने जाते हैं –

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो युक्त पहचान पत्र

पासपोर्ट

आयकर विभाग द्वारा जारी पैनकार्ड

आरटीओ द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस

केंद्र/राज्य सरकार द्वारा जारी क्रम संख्या वाला फोटो युक्त पहचान पत्र

मान्यता प्राप्त स्कूल/ कॉलेज द्वारा अपने विद्यार्थियों के लिए फोटो युक्त पहचान पत्र

फोटो के साथ राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक

लैमिनेटिड फोटो के साथ बैंकों द्वारा जारी क्रेडिट कार्ड

आधार, एम आधार तथा ई-आधार कार्ड

राज्य/ केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान, जिला प्रशासन, पालिका प्रशासन तथा पंचायत द्वारा क्रमसंख्या के साथ जारी फोटो पहचान पत्र

कम्प्यूटरीकृत यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) केंद्रों द्वारा बुक किये गए आरक्षित टिकटों के मामलें में शयनयान तथा द्वितीय आरक्षित सीटिंग श्रेणियों में यात्रा करने के लिए फोटो के साथ राशनकार्ड की फोटो कॉपी, फोटो के साथ राष्ट्रीयकृत बैंक के पासबुक को स्वीकार किया जाता है।

यह भी पढ़ें: अस्पताल से 6 दिन के बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 24 घंटे में खोज निकाला

Add to
Shares
5
Comments
Share This
Add to
Shares
5
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें