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बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद करने के लिए आगे आए गूगल और फेसबुक

3rd Sep 2017
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गूगल के अलावा सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए अपने फेसबुक पेज पर इसकी घोषणा की है।

असम में बाढ़ का नजारा (साभार: आकाशवाणी)

असम में बाढ़ का नजारा (साभार: आकाशवाणी)


कंपनी ने 'गूंज' और 'सेव द चिल्ड्रन' नाम के दो संगठनों के माध्यम से एक करोड़ डॉलर डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। ये संगठन भारत, नेपाल और बांग्लादेश में काम करेंगे।

यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश, भारत और नेपाल में बाढ़ से करीब एक हजार लोगों की जान जा चुकी है और हजारों मकान, स्कूल तथा अस्पताल ध्वस्त हो गए हैं।

इस मॉनसून में भारत समेत कई दक्षिण एशियाई देशों में तबाही का मंजर पसरा हुआ है। यूनीइटेड नेशन की एक एजेंसी के मुताबकि इस साल बाढ़ और मॉनसून जैसी आपदा से लगभग 4 करोड़ लोगों पर असर पड़ा है। वहीं कुछ इलाकों में इससे भी बुरे हालात पैदा हो गए हैं। इस संकट से निपटने के लिए सरकार के अलावा गूगल और फेसबुक जैसी इंटरनेट कंपनियां भी आगे आई हैं। गूगल और फेसबुक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद करने के लिए कदम उठाया था। कंपनी ने 'गूंज' और 'सेव द चिल्ड्रन' नाम के दो संगठनों के माध्यम से एक करोड़ डॉलर डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। ये संगठन भारत, नेपाल और बांग्लादेश में काम करेंगे।

बाढ़ और भूस्खलन का मार झेल रहे 4.1 करोड़ लोगों के लिए साफ पानी, भोजन, रहने की व्यवस्था और मेडिकल हेल्प के लिए नेपाल में यूनाइटेड नेशन जैसी शीर्ष संस्थाएं भी काम कर रही हैं। यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश, भारत और नेपाल में बाढ़ से करीब एक हजार लोगों की जान जा चुकी है और हजारों मकान, स्कूल तथा अस्पताल ध्वस्त हो गए हैं। 'सेव द चिल्ड्रन' नाम का एनजीओ लोगों को खाना और अन्य सहायता के साथ बहुत जरूरतमंदों को अस्थाई राहत सामग्री, स्वास्थ्यजनक सामान और जलस्रोतों की मरम्मत इत्यादि करने का काम कर रहा है। साथ ही वह बच्चों के अनुकूल स्थान बनाने का भी काम कर रहा है जहां वे शैक्षिक सामग्रियों से लाभ उठा सकें।

वहीं 'गूंज' के राहत प्रयासों में परिवारों को खाना, चटाई, कंबल और स्वास्थ्यजनक सामान उपलब्ध कराना शामिल है। दीर्घावधि में इसका लक्ष्य सामुदायिक ढांचे जैसे कि सड़क, पुल और स्कूलों की पुन:स्थापना करना है। इन संगठनों को कोष उपलब्ध कराने के अलावा गूगल की आपदा प्रतिक्रिया टीम ने तीनों देशों में एसओएस अलर्ट भी शुरु किए हैं। कंपनी के दक्षिणपूर्व एशिया और भारत के लिए उपाध्यक्ष राजन आनंदन ने कहा हमारी भावनाएं क्षेत्र के लोगों के साथ हैं। गुरुवार को गूगल ने भारत, नेपाल और बांग्लादेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों के मदद के लिए 1 करोड़ डॉलर के मदद की घोषणा की है। इनमें से अधिकांश रकम गूगल के कर्मचारियों की सैलरी से ली जाएगी।

भारत में असम और बिहार समेत भारत के छह राज्य बाढ़ से बुरी तरह जूझ रहे हैं। मुंबई में भी बीते दिनों भारी बारिश हुई। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए बाढ़ से खतरे की संभावना देखी जा रही है। वहीं हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन की हानि हुई है और कई रास्ते पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुके हैं।

गूगल के अलावा सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए अपने फेसबुक पेज पर इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कंपनी दक्षिण एशिया में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए फंड जुटाने का अभियान शुरू कर रही है। कंपनी ने यह पहल गैर सरकारी संगठन सेव द चिल्ड्रन के साथ मिलकर की है। जुकरबर्ग ने इस दिशा में जमीनी स्तर पर काम कर रहे संगठनों को कंपनी की ओर से 10 लाख डॉलर देने की घोषणा की है। साथ ही फेसबुक ने अपने पेज पर कुछ पहल की हैं। इसमें वह फेसबुक इस्तेमाल करने वाले लोगों से बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए दान करने की अपील कर रही है। फेसबुक के माध्यम से लोग सीधे मदद की राशि डोनेट कर सकते हैं। 

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