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यूरोपीय संघ से हटेगा ब्रिटेन, कैमरन की इस्तीफे की घोषणा, बाजारों में उठापटक

YS TEAM
25th Jun 2016
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पूर्वानुमानों को झुठलाते हुये ब्रिटेन के लोगों ने आखिर यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर होने का फैसला कर दिया। उम्मीद के उलट आये इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।

हैरत में डालने वाले इस फैसले से दुनिया भर के बाजारों में आज जोरदार उठा-पटक देखने को मिली। इसके साथ ही ब्रिटेन में आव्रजन जैसे मुद्दों पर फिर से बहस छिड़ गई।

ऐसी अटकलें हैं कि कैमरन के संभावित उत्तराधिकारी लंदन के पूर्व मेयर 52 वर्षीय बोरिस जॉनसन होंगे जिन्होंने ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने (ब्रेक्जिट) के पक्ष में झंडा उठाया था। वह कंर्जवेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेता चांसलर जार्ज ओसबर्न तथा गृह मंत्री थेरेसा मई जैसे वरिष्ठ नेताओं के बीच शीर्ष दावेदार के रूप में उभरे हैं।

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यूरोपीय संघ से अलग होने के निर्णय के बाद ब्रिटेन को यूरोप एवं भारत समेत अन्य देशों के साथ बाजार पहुंच तथा सेवाओं समेत व्यापार को लेकर नये सिरे से चीजों को देखना पड़ सकता है।

जनमत संग्रह के परिणाम की आधिकारिक घोषणा के कुछ ही देर बाद अपना संक्षिप्त बयान देने के लिए कैमरन अपने 10 डाउनिंग स्ट्रीट दफ्तर से बाहर निकले और उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा देने की अपनी मंशा जता दी कि नए प्रधानमंत्री यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अक्तूबर में पदभार ग्रहण करेंगे। ब्रिटेन चुनाव आयोग की प्रमुख गणना अधिकारी जेनी वाटसन ने अंतिम परिणाम की घोषणा करते हुए कहा कि जनमत संग्रह में ईयू से अलग होने के पक्ष में 51.9 प्रतिशत मत पड़े जबकि विपक्ष में 48.1 प्रतिशत वोट पड़े। इसके साथ ही यूरोपीय संघ के चार दशक से सदस्य रहे ब्रिटेन ने अलग होने का फैसला सुना दिया। यूरोप में जर्मनी के बाद ब्रिटेन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और वह ग्रीनलैंड के बाद दूसरा देश है जिसने ईयू से हटने का फैसला किया है।

जनमत संग्रह में तीन करोड़ से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया जो कुल मतदाताओं का 72.2 प्रतिशत है। वर्ष 1992 के बाद सर्वाधिक मतदान हुआ है। ब्रिटेन के 49 वर्षीय नेता जब इस्तीफे की घोषणा कर रहे थे, तो उनकी पत्नी सामंता उनके पास खड़ी थीं। कैमरन ने अपने दूसरे पांच साल के कार्यकाल में एक साल से कुछ ही अधिक समय बिताया है। उन्होंने दुनिया भर के निवेशकों तथा बाजारों को यह भरोसा दिलाया कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मूल रूप से मजबूत है।

कैमरन ने विश्व और विशेष तौर पर यूरोपीय देशों को आश्वस्त किया कि इससे तुरंत कोई बदलाव नहीं आने वाला है। लोग जैसे पहले यात्रा करते थे और ब्रिटेन में सेवाएं बेची जाती थीं उसमें कोई बदलाव तुरंत नहीं आयेगा।

उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘‘इस आगे ले जाने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत होगी। यह महत्वपूर्ण है कि मैं जहाज को संतुलित रखने के लिए रूकूंगा, लेकिन इसका कप्तान बने रहना ठीक नहीं होगा। मैं मदद करने के लिए सब कुछ करूंगा।’’ मंत्रिमंडल की सोमवार को बैठक होगी और उनके इस्तीफे के लिए समयसीमा तय की जाएगी। कैमरन ने कहा कि नये प्रधानमंत्री को यूरोपीय संघ से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के लिये अक्तूबर तक पदभार संभालना चाहिए।

जनमत संग्रह के परिणाम के बाद अमेरिकी डालर के मुकाबले पौंड 10 प्रतिशत लुढ़ककर 31 वर्ष के न्यूनतम स्तर 1.3229 पर आ गया। यूरोपीय शेयर बाजारों में शुरूआती कारोबार में करीब आठ प्रतिशत की गिरावट आयी।

ब्रिटेन के ईयू से बाहर निकलने के निर्णय के बाद अपने पहले बयान में जानसन ने कहा कि यूरोपीय संघ से अलग होने को लेकर जल्दबाजी की कोई जरूरत नहीं है और भरोसा दिलाया कि अल्पकाल में कुछ भी नहीं बदलेगा।

प्रधानमंत्री कैमरन के इस्तीफे पर जॉनसन ने कहा कि वह इस खबर से ‘उदास’ हैं, लेकिन निर्णय का सम्मान करते हैं।

जॉनसन ने जोर देकर कहा कि ईयू अपने समय में एक श्रेष्ठ विचार था लेकिन इस देश के लिए अब यह उपयुक्त नहीं रह गया था।

जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्कल ने परिणाम को यूरोप के लिए झटका बताया। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रास्वा ओलोंद ने इसे ‘चिंतित करने वाला अनुभव’ करार दिया। यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने कहा कि ब्रिटेन के बाहर निकलने के पक्ष में मतदान के बाद संगठन एकजुट बने रहने के लिए दृढ़ है। साथ ही उन्होंने उन्मादी प्रतिक्रिया के प्रति आगाह किया।

टस्क ने ब्रसेल्स में संवाददाताओं से कहा, ‘‘27 नेताओं की ओर से मैं कह सकता हूं कि हम अपनी एकता बरकरार रखने के लिए दृढ़ हैं।’’ यूरोपीय संघ की संसद के अध्यक्ष मार्टिन शुल्ज ने उम्मीद जताई कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने से संगठन में यह संक्रमण नहीं फैलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ के बारे में आशंकित लोग अब इसकी प्रतिक्रिया का जश्न मना रहे हैं।’’ शुल्ज ने कहा कि यूरोपीय संघ विश्व का सबसे बड़ा एकल बाजार है और ब्रिटेन ने इस बाजार से अपने संबंध काट लिया है।

बैंक आफ इंगलैंड के गवर्नर मार्क कार्ने ने मजबूत बयान जारी कर दुनिया भर के बाजारों में उठा-पटक को शांत करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी इसके लिये तैयार हैं। ट्रेजरी तथा बैंक ऑफ इंगलैंड ने व्यापक आपात योजना तैयार की है तथा वित्त मंत्री और मैं संपर्क में हूं.. बैंक अतिरिक्त कदम उठाने से नहीं झिझकेगा और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी।’’ 

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