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100rupis.com पर जाएं और पैसे कमाएं

कम दाम पर बेहतर सेवा के लिए क्लिक करें 100rupis.comक्रेता और विक्रेता के लिए लाभ का सुनहरा अवसर है यह साइट।घर बैठे सुविधानुसार कमा सकते हैं आप पैसे।2020 तक 100rupis.com की योजना एक बिलियन यूजर्स से जुडऩे की है।

26th May 2015
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अमेरिका से पढ़ाई करने के बाद भारत लौटे कीर्ति कदम कुछ नया और हटकर काम करना चाहते थे। वे नौकरी के झंझट में न पड़ते हुए कुछ ऐसा काम करना चाहते थे जिससे वे पैसा कमा सकें। दिसंबर 2013 में इन्होंने एक ऑफिस लिया और वहां से वेबसर्विस 'माइंट टेकÓ शुरु की। कीर्ति को पूरा भरोसा था कि उन्हें कुछ प्रोजेक्ट अमेरिका और कुछ प्रोजेक्ट पुणे से मिल जाएंगे। लेकिन उम्मीद के मुताबिक उन्हें इस काम में ज्यादा सफलता नहीं मिली। उसके बाद कीर्ति ने कुछ ऐसा काम करना चाहा जो भारतीय बाजार और लोगों से जुड़ा हो और उनकी जरूरतों को पूरा कर रहा हो। उनकी इस सोच ने एक नए आइडिया को जन्म दिया और कीर्ति ने 100रुपीज.कॉम की शुरुआत की। यह ऐसा मंच है जहां लोग मात्र सौ रुपए में प्रोडक्ट या सर्विसेज खरीद व बेच सकते हैं। बस आपको एक बार वहां रजिस्टर्ड होना होगा। इस साइट में कोई भी खरीददार या कोई भी विक्रेता बन सकता है। एक बिक्रेता के रूप में आपको सर्विस को या तो सौ रुपए में देना है या फिर वह संख्या 100 के गुणा में होनी चाहिए। इसके अलावा आपको स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि यह सर्विस या प्रोडक्ट क्या है और इसकी डिलीवरी कब तक हो जाएगी। वहीं खरीददार आसानी से जो भी सर्विस उन्हें चाहिए उस सर्विस को इस वेबसाइट पर पा सकते हैं। 100रुपीज.कॉम एक ईकॉमर्स साइट की तरह ही काम कर रही है।

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कीर्ति शुरुआत से ही विभिन्न वेबसाइट्स के लिए स्वतंत्र रूप से काम करते रहे हैं। उनको अपने घर में रहकर अपनी सुविधानुसार समय पर काम करने में ही मज़ा आता है। फ्रीलांस के जरिए उनके पास यह मौका होता था कि वे उसी प्रोजेक्ट को चुनें जिसको वो करना चाहते हैं। साथ ही पैसा भी बन जाता था। एक फ्रीलांसर के तौर पर फीवर साइट कीर्ति को बहुत आकर्षित करती थी। इसलिए कीर्ति ने प्लान किया कि वे भारतीय बाजार को ध्यान में रखते हुए इसी तरह की कोई साइट बनाएंगे। इस बीच कीर्ति को कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्हें कंप्यूटर ज्ञान न होने की वजह से अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही थी। जबकि वही चीज़ें काफी कम पैसों में हो सकती थीं। इसलिए कीर्ति ने खासकर उन लोगों के लिए भी यह मंच बनाया जिन्हें अपने छोटे-छोटे काम कराने होते हैं। इस मंच पर यह छोटी-छोटी सर्विसेज भी बहुत सस्ते दामों पर बहुत आसानी से उपलब्ध हो सकती थीं।

कुछ महीनों की कड़ी मेहनत के बाद कीर्ति ने अपनी टीम की मदद से 100रुपीज.कॉम नाम की वेबसाइट डेवलप की। उन्हें लोगों को बस यह समझाना था कि वे केवल सस्ती सर्विस ही नहीं दे रहे बल्कि गुणवत्ता के साथ सर्विस दे रहे हैं। क्योंकि आमतौर पर नई कंपनियां ग्राहकों को सस्ता माल तो दे देती हैं लेकिन सस्ते के चक्कर में वे क्वालिटी से समझौता कर देती हैं।

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100 रुपए भारत के हिसाब से सबसे उपयुक्त राशि है। जिसे हर कोई आसानी से अफोड कर सकता है। अब ग्राहकों को भी छोटे कामों के लिए ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ रहे थे और केवल उसी चीज़ के लिए पैसा देना पड़ रहा था जो सर्विसेज वे लेना चाहते थे। साथ ही इससे कई नए विक्रेताओं को भी मंच मिला। जो लोग बेरोजगार थे उनके लिए भी फ्रीलांस काम करने का यह बहुत बढिय़ा जरिया बन गया। यह आइडिया हर किसी को आत्मनिर्भर बना रहा था। साथ ही कीर्ति इसके जरिए इस बात को भी सुनिश्चित कर रहे थे कि छोटी से छोटी चीज़ भी अच्छी तरह से हो। इस साइट पर ना ही किसी क्रेता को दिक्कत हो और ना ही किसी विक्रेता को दिक्कत हो। वेबसाइट के एडमिन पैनल के द्वारा इनकी टीम किसी भी एक्शन को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है। यह लोग सुनिश्चित करते हैं कि वेबसाइट पर कोई भी गलत पोस्ट न करे। और जो भी चीज़ यहां दिखाई जाए उसमें से कुछ भी फेक न हो।

इंटरनेट के विस्तार के कारण 100रुपीज.कॉम को न सिर्फ भारत में बल्कि विश्व भर से कॉम्पटीशन मिल रहा है। और हाल ही में कुछ समय से जो फ्रीलांसिंग साइट्स हैं उसमें भारी प्रतिस्पर्धा हो गई है। बड़ी-बड़ी कंपनियां इस बिजनेस में कूद चुकी हैं। इसके अलावा ईकॉमर्स भी भारत में नई ऊंचाईयों को छू रहा है जिस कारण नई-नई कंपनियां फ्रीलांसरों की तलाश में रहती हैं जोकि कम बजट में उनका काम कर सकें। ऐसे में 100रुपीज.कॉम बहुत उपयोगी साइट बनकर उभर रही है। यह लोग न केवल खरीददारों के लिए ही अच्छी डील पेश कर रहे हैं बल्कि फ्रीलांसरों की भी इनकम बढ़ा रहे हैं। इससे युवाओं को भी बहुत लाभ मिल रहा है वे अपने छोटे-मोटे हुनर से भी अपनी अच्छी खासी पॉकेट मनी निकाल पा रहे हैं। इसके अलावा रिटायर हो चुके लोग, ग्रामीण युवाओं, घरेलू गृहणियां और छोटे बिजनेस मैंन भी इस साइट के जरिए पैसा कमा सकते हैं। खास कर औरतें जोकि पढ़ी-लिखी हैं और घर पर रहती हैं। वो अपनी काबलियत के हिसाब से यहां पैसा कमा सकती हैं।

100रुपीज.कॉम की टीम अब रोजगार कार्यालय, ग्रामीण पंचायतों व अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर भी काम शुरु करने की सोच रही हैं ताकि लोगों को खाली समय में पैसे कमाने का जरिया मिल सके।

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100रुपीज.कॉम अब छोटी शुरुआती कंपनियों को भी साथ लेना चाहती हैं ताकि वे अपने छोटे-मोटे प्रोडक्ट्स को यहां बेच सकें और उन्हें भी ग्राहक मिल सकें। कीर्ति के अनुसार फ्रीलांसिंग को पिछले कुछ समय में लोगों ने बहुत स्वीकार किया है। क्योंकि यह काम करने का बहुत लचीला तरीका है।

बेशक 100रुपीज.कॉम ने अपनी बहुत ज्यादा मार्किटिंग नहीं की लेकिन कीर्ति का मानना है कि जो भी एक बार हमारी साइट पर आएगा वह खुद ही इसकी मार्किटिंग करने लगेगा। यह बात अपने आप में बहुत रोचक है कि 100रुपीज.कॉम अभी खुद एक स्टॉर्टअप फॉर्म है और फिर भी वह स्टॉर्टअप कंपनियों की मदद कर रही है।

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2020 तक 100रुपीज.कॉम की योजना एक बिलियन यूजर्स से जुडऩे की है। कीर्ति यह भी चाहते हैं कि उनके साइट के हर यूर्जस की कम से कम दस हजार रुपए की इंकम हर महीने जरूर हो।

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