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देश के सरकारी अफसर और नेताओं के लिए मंगवाई जाएंगी इलेक्ट्रिक कार

18th Aug 2017
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सरकार भी अब पूरे देश में इलेक्ट्रिक कारों के चलन को बढ़ावा देने के लिए पहल कर रही है। उसी योजना के तहत सरकारी विभागों और नेताओं के लिए इलेक्ट्रिक कारें खरीदी जाएंगी।

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: निसान मोटर्स)

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: निसान मोटर्स)


ऐसी कारें खरीदने की कोशिश शुरू हो गई है और पूरी दुनिया की कंपनियों से कारें मंगाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं।

अधिक तेल की खपत करने वाली बड़ी लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए यह कोशिश की जा रही है। देश में इलेक्ट्रिक कारें बनाने वाली कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही हैं। इसीलिए सरकार इन कारों को विदेश से इंपोर्ट करेगी। 

बड़ी-बड़ी गाड़ियों के काफिले में चलने वाले देश के नेता और बड़े अधिकारी अब इलेक्ट्रिक कार में घूमा करेंगे। पर्यावरण की फिक्र करते हुए सरकार की ओर से ऐसी कारें खरीदने की कोशिश शुरू हो गई है और पूरी दुनिया की कंपनियों से कारें मंगाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि अधिक तेल की खपत करने वाली बड़ी लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए यह कोशिश की जा रही है। देश में इलेक्ट्रिक कारें बनाने वाली कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही हैं। इसीलिए सरकार इन कारों को विदेश से इंपोर्ट करेगी।

सरकार भी अब पूरे देश में इलेक्ट्रिक कारों के चलन को बढ़ावा देने के लिए पहल कर रही है। उसी योजना के तहत सरकारी विभागों और नेताओं के लिए इलेक्ट्रिक कारें खरीदी जाएंगी। इससे पहले सरकारी अधिकारियों और नेताओं के लिए एंबैस्डर कार का ही इस्तेमाल होता था। एंबेसडर पहली ऐसी कार थी जिसका निर्माण भारत में किया गया। उस वक्‍त भारत में इसे स्‍टेटस सिंबल माना जाता था। अभी भी अधिकतर अधिकारी सरकारी काम के लिए इसी गाड़ी से चलना पसंद करते हैं।

इलेक्टिक कारों की दिशा में आगे बढ़ते हुए 10 हजार बैटरी ऑपरेटेड कारों की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए गए हैं। इसके अलावा, पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 4000 चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। देश में ईंधन के खपत की स्थिति काफी बदतर है। ईंधन के इस्तेमाल में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर आता है। इसीलिए सरकार 2030 से देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों के लक्ष्य पर काम कर रही है।

ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत सरकारी कंपनियों द्वारा प्रमोट एनर्जी एफ़िशंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) ने टेंडर जारी कर दिए हैं। शुक्रवार को आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल्स) जारी किए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने बताया, 'हम सरकारी विभागों से इसकी शुरुआत करेंगे।' इससे पहले, ईईएसएल और सरकारी ईंधन रिटेल कंपनियों के बीच पेट्रोल पंप पर कम बिजली खपत वाले एलईडी बल्ब बेचने को लेकर समझौते पत्र पर साइन हुआ।

ईईएसएल के एमडी सौरभ कुमार ने कहा कि कंपनी शुरुआती छह महीनों के पहले चरण में चार दरवाजों वाली 1000 इलेक्ट्रिक कारें खरीदेगी। ये एक बार चार्ज करने पर 120 से 150 किमी चल सकती हैं। कुमार ने बताया कि एनडीएमसी इलाके में नवंबर महीने तक 300 से 400 इलेक्ट्रिक वीइकल (EV) शुरू करने की योजना है। बता दें कि इसी इलाके में अधिकतर मंत्रालय और सरकारी इमारतें हैं। सौरभ ने बताया, 'हमने सरकार को कहा है कि हम EV, ड्राइवर और इन कारों की मरम्मत मुहैया कराएंगे। इसलिए सरकारी विभागों के लिए कुछ नहीं बदलने वाला क्योंकि उन्हें सर्विस मिलती रहेगी और खर्च भी 5 हजार रुपये तक काम आएगा। इसके अलावा, प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी।'

यह भी पढ़ें: सरकारी पेट्रोल पंप पर खुलेंगे 'जन औषधि स्टोर', मिलेंगी जेनरिक दवाएं

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