कौशल प्रशिक्षण का स्कूल खोलकर लाखों युवाओं को ट्रेनिंग देने वाली दिव्या जैन

By yourstory हिन्दी
August 28, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:17 GMT+0000
कौशल प्रशिक्षण का स्कूल खोलकर लाखों युवाओं को ट्रेनिंग देने वाली दिव्या जैन
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

पूरे देश में 'सेफडुकेट' के 150 सेंटर हैं और अभी तक यह संस्था 50,000 से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दे चुकी है। दिव्या बताती हैं कि इस साल के अंत तक यह आंकड़ा 1,50,000 तक हो जाएगा।

image


'सेफडुकेट को मुनाफे के लिए जरूर शुरू किया गया, लेकिन इसका मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं है। यह एक ऐसा नवाचार है जिससे इंडस्ट्री की जरूरतें पूरी होती हैं। यह उन लोगों के लिए है जो सीखने की चाहत रखते हैं।'

2007 की बात है, दिव्या जैन अपने ससुर पवन जैन और पति रूबल की लॉजिस्टिक एंड सप्लाई चैन कंपनी 'सेफक्सप्रेस' (Safexpress) में ट्रेनिंग डिविजन को संभालती थीं। इस इंडस्ट्री में उन्होंने देखा अच्छी स्किल और पेशेवर लोगों की काफी कमी है। इस खाई को मिटाने के लिए दिव्या ने 2013 में 'सेफडुकेट' (Safeducate) की स्थापना की। वह कहती हैं, 'सेफडुकेट को मुनाफे के लिए जरूर शुरू किया गया, लेकिन इसका मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं है। यह एक ऐसा नवाचार है जिससे इंडस्ट्री की जरूरतें पूरी होती हैं। यह उन लोगों के लिए है जो सीखने की चाहत रखते हैं।'

पूरे देश में 'सेफडुकेट' के 150 सेंटर हैं और अभी तक यह संस्था 50,000 से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दे चुकी है। दिव्या बताती हैं कि इस साल के अंत तक यह आंकड़ा 1,50,000 तक हो जाएगा। दिव्या अपने शुरुआत के दिनों को याद करते हुए कहती हैं, 'समाज में एक महिला होने के नाते आपको कम गंभीरता से लिया जाता है। जब मैंने इसकी शुरुआत की थी तो लोग कहते थे कि क्या हम आपके ससुर या पति से मिल सकते हैं। ऐसे लगता था कि जैसे उन्हें मुझपर यकीन ही नहीं है। मुझे खुद को स्थापित करने में कुछ वर्ष लग गए।'

दिव्या का मकसद आने वाले दस सालों में लाखों लोगों को 'सेफडुकेट' के माध्यम से स्किल प्रदान करना है। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी के लिए सपना नहीं बल्कि एक अधिकार होना चाहिए। 'सेफडुकेट' के सरकार द्वारा प्रायोजित प्रोग्राम राजस्थान, बिहार, असम, महाराष्ट्र और अन्य कई राज्यों में संचालित किए जाते हैं। वहीं स्टूडेंट द्वारा प्रायोजित प्रोग्राम्स के लिए इंदौर, आगरा, दिल्ली, कोच्चि और जयपुर जैसे शहरों में संस्थान स्थापित किए गए हैं।

'सेफडुकेट में ट्रेनिंग  करने वाले युवा

'सेफडुकेट में ट्रेनिंग  करने वाले युवा


इन प्रोग्राम के माध्यम से सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों को सक्षम बनाया जाता है ताकि वे अच्छी तरह से इंडस्ट्री की जरूरत को पूरा कर सकें। हर एक ट्रेनिंग सेंटर में प्रैक्टिकल लैब और ट्रेनिंग की सारी सुविधाएं भी होती हैं। 'सेफडुकेट' नियमित रूप से इंटरव्यू आयोजित कराने के साथ-साथ लोकल यूथ तक पहुंचने के लिए अभियान भी चलाता है। संस्थानन के प्रशिक्षित काउंसलर घर-घर जाकर पंचायत और स्थानीय प्रशासन की मदद से 18 से 35 साल के लोगों को प्रशिक्षित करने का काम करते हैं।

'सेफडुकेट' के पास पूरी तरह से सक्रिय प्लेसमेंट सेल और गाइडेंस करने वाले ट्रेनर हैं। लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन सेक्टर की बड़ी कंपनियां जैसे बिग बाजार, टीसीआई, फ्लिपकार्ट, जबॉन्ग, केएफसी, मेट्रो 'सेफडुकेट' द्वारा ट्रेनिंग पाने वाले युवाओं को अपने यहां नौकरी पर रखती हैं। दिव्या कहती हैं, 'मैं एक ऐसी इंडस्ट्री में काम करती हूं जिसका कोई अस्तित्व ही नही है। व्यावसायिक कौशल एक नवोदित उद्योग है।'

यह भी पढ़ें: लिंक्डइन ने जारी की समाज को बदलने के लिए काम कर रहे 8 भारतीयों की लिस्ट

Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close