फंडिंग जुटाने की फिराक में बायजू रवींद्रन, एडटेक कंपनी के 15% शेयर खरीदेंगे: रिपोर्ट

By रविकांत पारीक
January 05, 2023, Updated on : Thu Jan 05 2023 08:02:45 GMT+0000
फंडिंग जुटाने की फिराक में बायजू रवींद्रन, एडटेक कंपनी के 15% शेयर खरीदेंगे: रिपोर्ट
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BYJU'S के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) एडटेक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को 40% तक बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं. वे फर्म में कुछ निवेशकों को बाहर निकलने का भी मौका दे सकते हैं.


ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फाउंडर अपने शेयरों को कोलैटरल के रूप में उपयोग करके कंपनी में हिस्सेदारी की पुनर्खरीद (बायबैक) के फंडिंग जुटाने की फिराक में हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि हिस्सेदारी का बायबैक एडटेक कंपनी के 15% शेयर तक हो सकता है.


पिछली बार जब फंडिंग जुटाई गई थी तब एडटेक डेकाकॉर्न BYJU'S की वैल्यू 22 बिलियन डॉलर थी. हालांकि, बायबैक कम वैल्यूएशन पर हो सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयरधारकों और फाइनेंसरों के साथ चर्चा अभी भी शुरुआती चरण में है और खत्म भी हो सकती है.


बायजू रवींद्रन की कंपनी में लगभग 25% हिस्सेदारी है. Traxn के अनुसार, एडटेक फर्म ने 27 राउंड में कुल 5.08 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है. पिछले साल अक्टूबर में, BYJU'S ने कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी सहित अपने मौजूदा निवेशकों से फंडिंग राउंड में 250 मिलियन डॉलर जुटाए थे.


ब्लूमबर्ग की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, BYJU’S 2021 में जुटाए गए 1.2 बिलियन डॉलर के लोन पर फिर से काम करने के लिए लेनदारों के साथ बातचीत कर रहा है.


हाल ही में, अपने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक ईमेल में, बायजू रवींद्रन ने कहा कि कंपनी ने अपने सेल्स मॉडल को आंतरिक बिक्री में ट्रांसफर कर दिया है और 2023 में समूह स्तर पर लाभप्रदता को लक्षित कर रही है.


BYJU’S का घाटा पिछले वर्ष की तुलना में FY21 में लगभग 20 गुना बढ़कर 4,588 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इसकी कुल आय 2,428 करोड़ रुपये थी.


आपको बता दें कि Byju's को बायजू रविंद्रन और उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने 2011 में थिंक एंड लर्न नाम से शुरू किया था. 2015 में इसे बायजूज ऐप नाम से शुरू किया गया. शुरू होने के 7 साल बाद 2018 में बायजूज इंडिया की पहली एडटेक और 11वीं यूनिकॉर्न कंपनी बन गई.


थिंक एंड लर्न शुरू होने के 2 साल बाद ही 2013 में कंपनी को ऐरिन कैपिटल से 9 मिलियन डॉलर की पहली फंडिंग मिली. 2015 में ही कंपनी को सिकोया कैपिटल से 25 मिलियन डॉलर मिल गए. इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद थिंक एंड लर्न और बिल्कुल रॉकेट की स्पीड में ग्रो करने लगी. 


2016 में कंपनी ने फंडिंग के मामले में एक नया खिताब अपने नाम किया. Byju's चान जुकरबर्ग इनीशिएटिव से फंडिंग पाने वाली एशिया की पहली कंपनी बन गई. साल 2017 कंपनी के लिए और बड़े खिताबों से भरा रहा. ब्रसेल्स के एक फैमिली ऑफिस वर्लिनइनवेस्ट ने 600 मिलियन डॉलर का निवेश किया.