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डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए लगाए जाएंगे 7.5 लाख पब्लिक वाई-फाई

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21st Oct 2017
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आधुनिक युग में बगैर इंटरनेट के विकास की गति को हासिल करना नामुमकिन सा लगता है। अगर देखा जाए तो दुनिया के सभी विकसित देशों में हर एक इंसान तक इंटरनेट की पहुंच काफी सुलभ है।

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार-ई गवर्नेंस)

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार-ई गवर्नेंस)


केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों की एक हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को पहुंचाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा।

हालांकि पहले ही देश के सभी रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर फ्री वाईफाई की सुविधा पहुंच चुकी है, लेकिन अभी बाकी जगहों पर इंटरनेट की पहुंच सुनिश्चित नहीं हो पाई है। 

भारत में दिन ब दिन तकीनक की पहुंच को आम आदमी तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। डिजिटल इंडिया के अभियान के माध्यम से सरकार ने पूरे देश में वाई-फाई पब्लिक हॉटस्पॉट लगाने का फैसला किया है। अगले साल के अंत तक इसे संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत पूरे देश में अगले साल के आखिर तक वाई-फाई के जरिए कम से कम 7.5 लाख पब्लिक इंटरनेट हॉटस्पॉट्स स्थापित किए जाएंगे। खास तौर पर अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराने के मकसद से किए गए इस फैसले में कई प्राइवेट कंपनियां भी अपनी सेवाएं देंगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए टेलीकॉम सचिव अरुणा सुंदराजन ने बताया कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के अलावा, रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया और सरकारी कंपनी बीएसएनएल की मदद से इस योजना को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इसके पीछे सरकार की मंशा हाई स्पीड और सस्ते इंटरनेट के जरिए ई-गवर्नेंस और डिजिटल-डिवलेपमेंट पहल को आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सस्ता और सुलभ इंटरनेट उपलब्ध करवाने के लिए इस योजना पर काम किया जा रहा है।

आधुनिक युग में बगैर इंटरनेट के विकास की गति को हासिल करना नामुमकिन सा लगता है। अगर देखा जाए तो दुनिया के सभी विकसित देशों में हर एक इंसान तक इंटरनेट की पहुंच काफी सुलभ है। विशेषज्ञ भी इंटरनेट को डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्टर का बैकबोन मानते हैं। लेकिन भारत इस मामले में अभी काफी पीछे है। उसे अभी काफी मेहनत करने की जरूरत है। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि 2016 तक भारत में सिर्फ 31,000 हॉट स्पॉट थे। दूसरे देशों की बात करें तो फ्रांस में 1.3 करोड़, अमेरिका में 98 लाख और ब्रिटेन में 56 लाख वाई फाई हॉट स्पॉट मौजूद हैं।

टेलीकॉम सचिव सुंदराजन ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया, 'अभी तक 75,000 ग्राम पंचायतों में यह किया जा चुका। हमारा लक्ष्य दिसंबर तक एक लाख ग्राम पंचायतों को कवर करना है।' टेलिकॉम मंत्रालय वाई-फाई के इस मेगा प्रॉजेक्ट के लिए टेंडर जारी करेगा। मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों की एक हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को पहुंचाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। दिल्ली के कनॉट प्लेस में भी एमटीएनएल ने फ्री वाई फाई देने की बात कही थी, जो कि जल्द ही शुरू होने वाली है।

हालांकि पहले ही देश के सभी रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर फ्री वाईफाई की सुविधा पहुंच चुकी है, लेकिन अभी बाकी जगहों पर इंटरनेट की पहुंच सुनिश्चित नहीं हो पाई है। वहीं दिल्ली सरकार ने भी जनता को फ्री वाई फाई देने का वादा किया था। हाल ही में दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया था कि फ्री वाई फाई के लिए सर्वे हो चुका है। टेलिकॉम सचिव ने कहा कि एक तरफ टेलिकॉम कंपनियां पूरे देश में तेजी से 4G नेटवर्क फैला रही हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह काम काफी धीमा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना उन इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की है। सरकार चाहती है कि हर ग्राम पंचायत में तीन वाई-फाई स्पॉट हों। सरकार का लक्ष्य हर ग्राम पंचायत को एक GB डेटा देने का है।

यह भी पढ़ें: कैंसर मरीजों के लिए टाटा का दिवाली गिफ्ट, इन शहरों में खुलेंगे कैंसर अस्पताल

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