Fortune 500 की लिस्ट में आईं 9 भारतीय कंपनियां, LIC समेत 5 कंपनियां सरकारी

एलआईसी 97.26 अरब डॉलर की रिवेन्यू और 55.38 करोड़ डॉलर के प्रॉफिट के साथ देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है. हाल में जारी फॉर्च्यून 500 सूची में एलआईसी को 98वां स्थान मिला.
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हाल में शेयर बाजार में लिस्टेड हुई जीवन बीमा निगम (LIC) फॉर्च्यून ग्लोबल 500 (Fortune Global 500) की ताजा सूची में शामिल हो गई है. वहीं इस सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 51 स्थान की छलांग लगाई है.

एलआईसी 97.26 अरब डॉलर की रिवेन्यू और 55.38 करोड़ डॉलर के प्रॉफिट के साथ देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है. हाल में जारी फॉर्च्यून 500 सूची में एलआईसी को 98वां स्थान मिला.

फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में 31 मार्च 2022 या उससे पहले समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए कुल राजस्व के आधार पर कंपनियों को स्थान दिया जाता है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 51 स्थान की छलांग लगाई

2022 की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज Reliance Industries 51 स्थान की छलांग लगाकर 104वें स्थान पर पहुंच गई. रिलायंस 93.98 अरब डॉलर के राजस्व और 8.15 अरब डॉलर के शुद्ध लाभ के साथ 19 साल से इस सूची में बनी हुई है.

सूची में कुल नौ भारतीय कंपनियां हैं, जिनमें से पांच सार्वजनिक क्षेत्र की हैं और चार निजी क्षेत्र की हैं. भारतीय कंपनियों में सिर्फ एलआईसी ही रिलायंस से ऊपर है.

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन Indian Oil Corporation(आईओसी) 28 स्थान की बढ़त के साथ 142वें स्थान पर पहुंच गई. ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी) 16 स्थान चढ़कर 190 पर है.

इस सूची में टाटा समूह Tata Group की दो कंपनियां- टाटा मोटर्स Tata Motors (370वें स्थान पर) और टाटा स्टील Tata Steel (435वें स्थान पर) हैं. राजेश एक्सपोर्ट्स सूची में 437वें स्थान के साथ एक अन्य निजी भारतीय कंपनी है.

भारतीय स्टेट बैंक State Bank of India (एसबीआई) 17 पायदान चढ़कर 236वें स्थान पर और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड Bharat Petroleum 19 पायदान चढ़कर 295वें स्थान पर है.

वॉलमार्ट लगातार 9वें साल शीर्ष पर बरकरार

फॉर्च्यून 500 सूची में शीर्ष पर अमेरिका की खुदरा कंपनी वॉलमार्ट है. वॉलमार्ट लगातार 9वें साल शीर्ष पर बरकरार है. उसके बाद अमेजन Amazon दूसरे स्थान पर है. यह अमेजन का अब तक का बेस्ट प्रदर्शन है. इसके बाद चीन की ऊर्जा कंपनी स्टेट ग्रिड, चाइना नेशनल पेट्रोलियम और सिनोपेक ने शीर्ष पांच में जगह बनाई.

पहली बार ग्रेटर चीन (ताइवान सहित) की कंपनियों का कुल राजस्व सूची में शामिल अमेरिकी कंपनियों के कुल राजस्व से अधिक है. ग्रेटर चाइना का कुल राजस्व अमेरिकी कंपनियों के मुकाबले 31 फीसदी अधिक है.

फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में शामिल कंपनियों के एग्रीगेट सेल्स में 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह बढ़कर 37.8 लाख करोड़ हो गई है. फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में शामिल कंपनियों के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी ग्रोथ है.