इन दो भारतीय उद्यमियों द्वारा स्थापित बुकुवारुंग (BukuWarung) इंडोनेशिया में बदल रहा है SMEs बहीखाते का तरीका

इंडोनेशिया में एसएमई बाज़ार बदल रहे हैं ये दो भारतीय युवा, अपनी ऐप बुकुवारुंग से व्यापारियों के लिए बहीखाता को बना दिया है डिजिटल।
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"अब तक इंडोनेशिया में लगभग 6 करोड़ छोटे और मध्यम उद्यमों के कारोबारी कागजों पर लिखकर अपना हिसाब-किताब रखते थे और इस कारण हुई मानवीय गलतियों के चलते उन्हें कई बार नुकसान भी उठाना पड़ता था। अभिनय पेड्डीसेट्टी और चिन्मय चौहान द्वारा छोटे व्यापारियों के लिए बनाया गया 'ऑपरेटिंग सिस्टम' बुकुवारुंग (BukuWarung) अब इस इकोसिस्टम को बदल रहा है।"

अभिनय पेड्डीसेट्टी और चिन्मय चौहान के लिए इंडोनेशिया के के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 60 प्रतिशत और इसके घरेलू कार्यबल के 97 प्रतिशत हिस्से वाले लाखों एसएमई (छोटे और मध्यम उद्यमों) के लिए समाधान उपलब्ध करना कोई संयोग नहीं था। उनके अपने माता-पिता के छोटे व्यवसाय हैं और वे इस क्षेत्र में बहीखाता और पैसे से जुड़े संघर्षों को समझते थे।

हालांकि अपने करियर की शुरुआत से तमाम स्टार्टअप के साथ काम करने वाली इस जोड़ी के लिए बुकुवारुंग की स्थापना किसी जल्दबाज़ी में नहीं हुई है। गौरतलब है कि अभिनय और चिन्मय ने बुकुवारुंग की स्थापना 2019 में की थी।

अभिनय का कहना है कि उनकी यात्रा एक प्रोफ़ाइल के साथ शुरू हुई, जिसे उन्होंने योरस्टोरी पर 'एडनियर' नामक एक कंपनी के बारे में पढ़ा, जो अब नियर नाम का एक लोकेशन इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है। उन्होंने स्टार्टअप के साथ नौकरी की और दक्षिण पूर्व एशिया और हांगकांग में विस्तार करने के लिए कंपनी के प्रयासों के साथ शामिल हो गए।

इस अनुभव के बाद में अभिनव कैरोसेल में अपने सह-संस्थापक चिन्मय से मिले। कैरोसेल उस समय 300 मिलियन डॉलर की कंपनी थी जो पूरे एशिया में विस्तार करना चाह रही थी। हालांकि कैरोसेल ने दोनों की अपेक्षा से अलग स्केलिंग के मामले में एक अलग दृष्टिकोण लिया और इसी के साथ इन दोनों ने खुद से कुछ ऐसा बनाने का फैसला किया जो लोगों के जीवन को सार्थक तरीके से बदल सके।

अभिनय ने योरस्टोरी से बात करते हुए कहा,

“मैं कैरोसेल के साथ इन बाजारों में कारोबार का विस्तार करने के लिए इंडोनेशिया की यात्रा कर रहा था। चिन्मय उससे पहले ही वहाँ थे, जहां वे इंडोनेशिया के लिए निर्माण कर रहे थे और उसे बाजार से काफी परिचित थे। हम दोनों, सामान्य तौर पर, बाजार, समस्याओं और लोगों के नेटवर्क के बारे में जानने में बहुत अधिक सहज थे और हम इस पर बात करते थे। और इस तरह हमने तय किया कि इंडोनेशिया वह बाजार होगा जिसे हम लक्षित करेंगे।”

 

दोनों ने कुछ समय विचारों के साथ कुछ समय इसे समझने में बिताया और उन्होंने स्टार्टअप ईकोसिस्टम में अपने दोस्तों से बात करने का फैसला किया। ऐसी ही एक बैठक में वे किसी व्यक्ति से एक रेस्टोरेन्ट में मिले और बाद में उस व्यक्ति ने रेस्टोरेन्ट मालिक से बिल बाद में चुकाने को कहा, जिसके बाद उस रेस्टोरेन्ट मालिक यह बकाया बही खाते में दर्ज़ कर लिया।

दोनों यह बात जानते थे कि इंडोनेशनिया में इस तरह भौतिक रूप से बही खाते में बकाया लिखा जाना आम है, जिसके चलते दुकान मालिकों को बाद में परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। उन्होने अपने शोध में पाया कि छोटे व्यवसाय के मालिक शायद भुगतान ना होने की दशा में अपने सभी लेन-देन को इसी तरह से रिकॉर्ड करते हैं।

अभिनय याद करते हैं,

"हमें यकीन नहीं था कि इंडोनेशिया में यह समस्या कितनी बड़ी और गहरी थी, लेकिन जब हमने वास्तव में उन महीनों में शोध किया, तो हमने पाया कि इस समस्या को समझने के तीन तरीके हैं: क्या यह समस्या विभिन्न प्रकार के व्यवसाय में है? क्या यह समस्या व्यवसाय के विभिन्न पैमानों पर है? और क्या यह विभिन्न स्थानों पर है?" 

उन्हें जल्द ही यह समझ आ गया था कि उनके पास हल करने के लिए एक बड़ी समस्या है और उसके बाद की सफलता अब सभी के सामने है।

बुकुवारुंग का काम क्या है?

बुकुवारुंग इंडोनेशिया के लाखों एसएमई के बनाया गया है, यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा भारत के लिए खाताबुक है। यह अनिवार्य रूप से एक ऐसी सेवा है जो डिजिटल बहीखाता पद्धति को सक्षम बनाती है, जिसका प्रमुख उद्देश्य छोटे व्यवसाय के दैनिक लेनदेन का रिकॉर्ड रखान, बकाया पर नज़र रखना और अन्य चीजों के साथ चालान प्रबंधन में मदद करना है।

पूरे इंडोनेशिया में अपने व्यापक शोध से, संस्थापकों ने महसूस किया कि व्यापारी अनिवार्य रूप से लेनदेन को तीन लेयर में वर्गीकृत कर रहे थे:

1.    सबसे पहले इसमें आपूर्तिकर्ताओं के साथ लेन-देन शामिल है, जिसे व्यापारी भौतिक रूप से लिखकर रिकॉर्ड में रखते हैं।

2.    साथ ही बाज़ार में आपूर्तिकर्ताओं या स्थानीय उधारदाताओं द्वारा व्यापारियों को दिए गए चालान के रूप में कागज के टुकड़े शामिल थे।

3.    ग्राहकों द्वारा की गई खरीददारी का ब्योरा भी इसमें शामिल था।

अभिनय कहते हैं,

“लेनदेन को रिकॉर्ड करने के लिए व्यापारी के लिए कोई आंतरिक मूल्य या आंतरिक प्रेरणा नहीं है। हमने अब उनके लेयर वन ट्रांजैक्शन को सफलतापूर्वक कैप्चर कर लिया है और हमने इनवॉइस मैनेजमेंट भी लॉन्च किया है, जो लेयर टू ट्रांजैक्शन को कैप्चर करने में हमारी मदद कर रहा है। लेयर थ्री वह जगह है जहां मुझे लगता है कि कोई भी खिलाड़ी इसका बैकअप नहीं ले पाया है और हम एक संभावित समाधान पर काम कर रहे हैं, जो लेयर थ्री ट्रांजैक्शन के मूल्य को कैप्चर करने में हमें अपनाने में मदद कर सकता है।"

केवल अच्छी बहीखाता पद्धतियों को स्थापित करने के अलावा, अभिनय और चिन्मय ने महसूस किया कि मानकीकृत बहीखाता एसएमई को बैंकिंग ईकोसिस्टम, विशेष रूप से आवश्यक उत्पादों जैसे क्रेडिट तक पहुंच प्रदान कर सकते हैं। यहाँ पर इसकी कमी थी क्योंकि बैंकों को छोटे व्यवसायों पर उनके गलत वित्तीय रिकॉर्ड के लिए पर्याप्त भरोसा नहीं था।

स्टार्टअप का लक्ष्य अंततः लेनदेन-प्रबंधन उपकरण के शीर्ष पर वित्तीय सेवाओं को लॉन्च करना है। अभिनय का कहना है कि इसे अपने व्यापारी समुदाय से जो प्रतिक्रिया मिली है, वह बहुत ही अद्भुत है।

अभिनय कहते हैं,

"हालांकि पैमाना अभी भी छोटा है, लेकिन परिणाम देखने लायक रहे हैं और यह हमें दिखाता है कि वित्तीय सेवाओं को स्वीकार करने के लिए व्यापारी समुदाय में रुचि अधिक है।"

बुकुवारुंग के पास पहले से ही 750 इंडोनेशियाई शहरों में 6.5 मिलियन से अधिक पंजीकृत व्यापारी हैं, इसने पिछले छह महीनों में कुल भुगतान मात्रा में लगभग 1.4 बिलियन डॉलर दर्ज़ की है और अगले वर्ष तक इसके जरिये वार्षिक भुगतान लगभग 10 बिलियन डॉलर पहुंचने की उम्मीद है।

अपनी इस सेवा के अलावा, स्टार्टअप ने टोकोको भी लॉन्च किया, जो एक ऐसा एप्लिकेशन है जो व्यापारियों को अपने स्टोरफ्रंट को ऑनलाइन स्थापित करने और डिजिटल रूप से अपने ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करता है।

राजस्व मॉडल और दृष्टिकोण

हालांकि इस तरह के व्यवसाय में अधिकांश कंपनियां सदस्यता शुल्क लेती हैं, लेकिन यह स्टार्टअप ऐसा नहीं करता है। इसके बजाय, यह व्यापारियों से केवल एक बार भुगतान की एक निश्चित संख्या पार करने के बाद चार्ज करना शुरू कर देता है। इसके तहत यह उम्मीद है कि 'लागत' कारक को हटाने से व्यापारियों को एक नई प्रणाली को और अधिक आसानी से अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

अभिनय का कहना है कि स्टार्टअप अपने द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सेवाओं और अपने डिजिटल भुगतान की पेशकश से पैसा बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहता है, जिसके लिए व्यापारी आसानी से पैसे देने के लिए तैयार रहेंगे क्योंकि वे किसी भी और सभी प्रकार के भुगतानों को स्वीकार करने के लिए खुले रहना चाहते हैं।

लंबे समय में, बुकुवारुंग, जिसने इंडोनेशिया में एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने में अपनी योग्यता साबित की है, इसका उद्देश्य अन्य वर्कफ़्लो-संबंधित उत्पादों को रोल आउट करना और अधिक मजबूत पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है। 

अभिनव कहते हैं,

"मुझे लगता है कि हमारे लिए छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय सफलता में तेजी लाना लक्ष्य है और इन व्यापारियों को अपना व्यवसाय चलाने में सफल बनाना ही हमारी सफलता है।”

इंडोनेशिया में बुकुवारुंग के प्रतिस्पर्धियों में बुकुकास और जर्नल शामिल हैं, हालांकि अभिनय का कहना है कि 60 मिलियन व्यापारी विभिन्न खिलाड़ियों के लिए भी पर्याप्त अवसर प्रदान करते हैं।

स्टार्टअप के निवेशकों में खाताबुक के रवीश नरेश शामिल हैं, जो भारतीय डिजिटल बहीखाता पद्धति को इंडोनेशिया से बाहर निकालने के बाद ऑनबोर्ड आए थे। इसी के साथ इस सूची में गुडवाटर कैपिटल, वेलर वेंचर्स, रॉकेटशिप.वीसी और वाई-कॉम्बिनेटर भी शामिल हैं। अब तक, कंपनी ने पांच फंडिंग राउंड में 80 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।


Edited by Ranjana Tripathi

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