फंडिंग अलर्ट] डेटा साइंस स्टार्टअप ग्याना ने ट्विटर के को-फाउंडर बिज स्टोन सहित यहां से हासिल की $3.9M की फंडिंग

By yourstory हिन्दी
March 09, 2020, Updated on : Mon Mar 09 2020 05:31:31 GMT+0000
फंडिंग अलर्ट] डेटा साइंस स्टार्टअप ग्याना ने ट्विटर के को-फाउंडर बिज स्टोन सहित यहां से हासिल की $3.9M की फंडिंग
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ग्याना यूरोप और भारत में जल्द ही विस्तार करते हुए अपने प्रोडक्ट यूजर बेस को बढ़ाने में मदद करने के लिए लेटेस्ट राउंड की फंडिंग का उपयोग करने की योजना बना रहा है।

(प्रतीकात्मक चित्र)

(प्रतीकात्मक चित्र)



लंदन स्थित डेटा साइंस स्टार्टअप ग्याना (Gyana) ने बताया है कि उसने फ्यूल एडवेंचर्स, ट्विटर के सह-संस्थापक बिज स्टोन, ग्रीन शोर कैपिटल और यू+आई के नेतृत्व में प्री-सीरीज राउंड की फंडिंग में में 3.9 मिलियन डॉलर (लगभग 28.5 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। एक बयान में कहा गया है कि ग्याना यूरोप और भारत में जल्द ही विस्तार करते हुए अपने प्रोडक्ट यूजर बेस को बढ़ाने में मदद करने के लिए लेटेस्ट राउंड की फंडिंग का उपयोग करने की योजना बना रहा है।


जोयीता दास और डेविड केल द्वारा 2015 में स्थापित, स्टार्टअप का पहला प्रोडक्ट नीरा (Neera) दुनिया के सबसे व्यापक ह्यूमन मूवमेंट डेटा टूल में से एक है, जो 80 से अधिक अज्ञात डेटा प्वाइंट्स से जानकारी जुटाता है। 


हालिया फंडिंग पर टिप्पणी करते हुए, सह-संस्थापक जोयीता दास ने कहा,

“हम लैंग्वेज के लिए ट्रांसलेशन सर्विस में नो-कोड देखते हैं। जैसे-जैसे बिजनेस तेजी से टेक-हैवी होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे डेवलपमेंट टीमों का बोझ उठाने के लिए केवल बिना किसी कोड प्लेटफॉर्म की बढ़ती जरूरत भी है।"

उन्होंने भारतीय बाजार में प्रवेश को लेकर कहा,

"जैसे ही हम वहां एक बड़ा बाजार देखेंगे, हम भारतीय बाजार में प्रवेश करने पर विचार कर रहे हैं।"


स्टार्टअप के एआई टूल का इस्तेमाल उद्योगों द्वारा संपत्ति से लेकर खुदरा और परामर्श के लिए किया जा रहा है। इसके ग्राहकों में वोडाफोन, बार्कलेज, ईवाई, प्रेट ए मंगर, नाइट फ्रैंक और यूके रक्षा मंत्रालय शामिल हैं।


जोयीता कहती हैं,

"प्लानेट पर हर कोई एक डेवलपर होने के लिए अनुकूल नहीं है। और भले ही नई पीढ़ी कंप्यूटर के बारे में अधिक जानती है, हमें लगता है कि अभी भी एक प्रोफेशनल्स, हाई-लेवल डेवलपर्स की जरूरत रहेगी।"

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे व्यवसाय तेजी से टेक-हेवी होते जा रहे हैं, डेवलपर टीमों का बोझ उठाने के लिए नो-कोड प्लेटफॉर्म की आवश्यकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हम भारतीय बाजार में प्रवेश करने पर भी विचार कर रहे हैं।