हरियाणा में करें इसकी खेती, सरकार दे रही है 1.20 लाख का अनुदान

हरियाणा में करें इसकी खेती, सरकार दे रही है 1.20 लाख  का अनुदान

Monday July 11, 2022,

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हरियाणा सरकार (Haryan government) द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए और खेती को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की सरकारी योजनाओं की शुरुआत की गई है. हाल ही में ही हरियाणा सरकार के द्वारा एक नई योजना की शुरुआत की गई है जिसके तहत हरियाणा सरकार ऐसे किसानो को आर्थिक सहायता देने का फैसला किया गया है जो ड्रैगन फ्रूट (Dragon fruit) की खेती करना चाहते हैं. ड्रैगन फ्रूट की बाजार में काफी मांग है. जिससे किसान इस फल की खेती करके अच्छा मुनाफा ले सकते हैं.

क्या है योजना?

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (Agriculture and Farmers Welfare Department) द्वारा लागू किये गए इस विशेष अनुदान योजना के तहत ड्रैगन फ्रूट के बाग के लिए 1,20,000 रूपए प्रति एकड़ के अनुदान का प्रावधान रखा गया है. इसमें पौधा रोपण के लिए 50,000 रूपए एवं ट्रैलिसिंग सिस्टम (जाल प्रणाली) के लिए 70,000 रूपए प्रति एकड़ है. पौधा रोपण के लिए 50,000 रुपये का अनुदान तीन किस्तों में प्रथम वर्ष 30,000 रूपए, दूसरे वर्ष 10,000 रूपए व तीसरे वर्ष 10,000 रूपए दिये जाएंगे. इस योजना के तहत एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक अनुदान की सुविधा का लाभ ले सकता है. अनुदान प्राप्त करने के लिए किसान का ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा‘ पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है.


ड्रैगन फ्रूट के लिए इस तरह की योजना लागू करने वाला हरयाणा पहला राज्य बन गया है. ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए लागू की गयी यह योजना हरयाणा सरकार के अपने राज्य में ड्रैगन फ्रूट, खजूर और मशरूम को बढ़ावा देने की स्कीम का हिस्सा है. इनकी खेती को बढ़ावा देकर हरयाणा सरकार किसानों और युवाओं के लिए मुनाफे और रोज़गार के अवसर बढ़ाना चाहती है.

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क्या हैं इसके फायदे?

ड्रैगन फ्रूट में अनेक पोषक तत्त्व पाए जाते हैं. डायबिटीज, कैंसर, कोलेस्ट्रोल कण्ट्रोल के लिए काफी फायदेमंद है ड्रैगन फ्रूट और इसीलिए ये बाज़ार में महंगी मिलती हैं. भारत में ड्रैगन फ्रूट का 150 रू. किलो भाव है.

ड्रैगन फ्रूट से कमलम:

इस फल का नाम ड्रैगन फ्रूट उसकी बनावट के कारण पड़ा. ड्रैगन फ्रूट चीन का एक बहुत लोकप्रिय फल है. हालांकि, यह फ्रूट मूलतः अमेरिका का है. इसकी पैदावार चीन के अलावा अमेरिका, कैरेबियन और ऑस्ट्रेलिया में भी होती है. भारत में गुजरात में इसकी खेती की जाती है. चीन के यहां बनने वाली वस्तुओं पर भारत में बैन लगने पर भारत में इसका नाम ड्रैगन फ्रूट से बदलकर कमलम (kamlam) कर दिया गया है.