सरकार ने किसानों की मदद के लिए जारी किया 37 करोड़ रुपये का इक्विटी अनुदान

केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने ई-नाम के तहत प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स (पीओपी) का किया शुभारंभ, 1018 एफपीओ को 37 करोड़ रुपये से ज्यादा का इक्विटी अनुदान जारी

सरकार ने किसानों की मदद के लिए जारी किया 37 करोड़ रुपये का इक्विटी अनुदान

Thursday July 14, 2022,

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कर्नाटक के बेंगलुरु में गुरुवार को राज्यों के कृषि और बागवानी मंत्रियों के सम्मेलन के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राष्ट्रीय कृषि बाजार (National Agriculture Market) (ई-नाम e-NAM) के तहत प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स (Platform of Platforms - PoP) का शुभारंभ किया. साथ ही, लगभग साढ़े 3 लाख किसानों को लाभान्वित करने के लिए उनके 1,018 कृषक उत्पादक संगठनों (Farmer Producer Organizations - FPO) को 37 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी अनुदान (Equity grant) जारी किया.

इस अवसर पर तोमर के साथ ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय रसायन व उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे व कैलाश चौधरी, कर्नाटक के कृषि मंत्री बी.सी. पाटिल, राज्यों के मंत्री, केंद्रीय कृषि सचिव मनोज अहूजा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

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फोटो साभार: PIB

PoP का फायदा

पीओपी की शुरूआत होने से किसानों को उपज राज्य की सीमाओं से बाहर बेचने में सुविधा होगी. इससे कई बाजारों, खरीददारों, सेवा प्रदाताओं तक किसानों की डिजिटल रूप से पहुंच बढ़ेगी और मूल्य खोज तंत्र, गुणवत्ता के अनुरूप मूल्य प्राप्ति में सुधार के उद्देश्य से व्यापार लेन-देन में पारदर्शिता आएगी.

पीओपी पर विभिन्न मूल्य श्रृंखला सेवाओं जैसे व्यापार, परख, भंडारण, फिनटेक, बाजार की जानकारी, परिवहन आदि की सुविधा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्मों के 41 सेवा प्रदाताओं को शामिल किया गया है. पीओपी से डिजिटल इकोसिस्टम तैयार होगा, जिससे कृषि मूल्य श्रृंखला के विभिन्न खंडों में अलग-अलग प्लेटफार्मों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा.

कैसे काम करता है PoP?

ई-नाम "प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स" के रूप में सेवा प्रदाताओं के मंच का एकीकरण करता है, जिसमें समग्र सेवा प्रदाता (सेवा प्रदाता जो कृषि उपज के व्यापार के लिए समग्र सेवाएं प्रदान करते हैं, जिसमें गुणवत्ता परख, व्यापार, भुगतान प्रणाली और लॉजिस्टिक्स से संबंधित सेवाएं शामिल हैं), लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता, गुणवत्ता परख सेवा प्रदाता, सफाई, ग्रेडिंग, छंटाई और पैकेजिंग सेवा प्रदाता, भंडारण सुविधा सेवा प्रदाता, कृषि आदान सेवा प्रदाता, प्रौद्योगिकी सक्षम वित्त व बीमा सेवा प्रदाता, सूचना प्रसार पोर्टल (सलाहकार सेवाएं, फसल अनुमान, मौसम अद्यतन, किसानों के लिए क्षमता निर्माण आदि), अन्य प्लेटफार्म (ई-कॉमर्स, अंतरराष्ट्रीय कृषि-व्यापार प्लेटफॉर्म, वस्तु विनिमय, निजी बाजार प्लेटफॉर्म आदि) शामिल हैं.

विभिन्न सेवा प्रदाताओं के शामिल होने से न केवल ई-नाम प्लेटफॉर्म के मूल्य में वृद्धि होती है, बल्कि प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ताओं को विभिन्न सेवा प्रदाताओं से सेवाएं प्राप्त करने के विकल्प मिलते हैं. यह किसानों, एफपीओ, व्यापारियों व अन्य हितधारकों को एकल खिड़की के माध्यम से कृषि मूल्य श्रृंखला में विभिन्न प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाता है, जिससे हितधारकों के पास अधिक विकल्प होते हैं. इसके अलावा, अच्छी कोटि की वस्तु/सेवा प्रदाता का चयन करते समय, हितधारकों का समय और श्रम कम लगता है. पीओपी तक ई-नाम मोबाइल ऐप के माध्यम से पहुंचा जा सकता है जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.

1018 FPO को मिले 37 करोड़ रुपये

तोमर ने 10 हजार FPO के गठन के लिए CSS के तहत 1018 FPO को 37 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी अनुदान जारी किया. इससे लगभग साढ़े 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे. केंद्र सरकार से समान इक्विटी अनुदान द्वारा अनुपूरित निर्माता सदस्यों की इक्विटी से FPO का वित्तीय आधार सुदृढ़ होगा और उन्हें अपनी परियोजनाओं एवं व्यवसाय विकास हेतु कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने में मदद मिलेगी.

योजना के तहत FPO को 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रति FPO 18 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. इसके अलावा, प्रति FPO 15 लाख रुपये की सीमा के साथ FPO के प्रत्येक किसान सदस्य के लिए 2 हजार रुपये तक के समतुल्य अनुदान व पात्र ऋणदाता संस्थान से प्रति FPO के लिए 2 करोड़ रुपये के परियोजना ऋण तक की क्रेडिट गारंटी सुविधा का प्रावधान है ताकि संस्थागत ऋण पहुंच सुनिश्चित हो सके.

कृषि मंत्री द्वारा विमोचित "कॉफी टेबल बुक" इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के माध्यम से देश में कृषि उत्पादों के व्यापार में पारदर्शिता व दक्षता लाने में ई-नाम के प्रयास और यात्रा को प्रदर्शित करती है. ई-नाम पर कॉफी टेबल बुक APMC मंडियों के डिजिटलीकरण की सुविधा द्वारा किसानों और हितधारकों के लाभों तथा सफलता को प्रदर्शित करने पर केंद्रित है.