अपने समाधान के जरिए कोरोनावायरस से लड़ने में मदद कर रहे हैं ये 4 हेल्थटेक स्टार्टअप

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पिछले दो महीनों में हमने जो दुनिया देखी है, वह ऐसी नहीं है जिससे हम परिचित हैं। कोरोनावायरस महामारी ने कई जिंदगियों को निगल लिया है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पाबंदियां लगा दी हैं। हालांकि इस संकट से निपटने के लिए कई व्यक्ति, सामूहिक और संगठन इन अभूतपूर्व समयों में सार्वजनिक सहूलियत की दिशा में योगदान करने के लिए अपना काम कर रहे हैं।

योरस्टोरी आज आपके लिए ऐसे चार भारतीय हेल्थटेक स्टार्टअप्स लेकर आया है जो इन कठिन समय में समाज की मदद के लिए आगे आए हैं।

डॉक्टर्नल (Docturnal)

राहुल पथरी द्वारा अप्रैल 2016 में स्थापित, मेडटेक स्टार्टअप डॉक्टर्नल ने 'COVID-19 इनोवेशन’ नामक एक सलूशन-बेस्ड प्रोडक्ट पेश किया है। फ्लैगशिप प्रोडक्ट घर पर फेफड़ों की टीबी (pulmonary tuberculosis) की स्क्रीनिंग के साथ मदद करेगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से, प्रोडक्ट घर से किसी व्यक्ति की खांसी की आवाज को स्क्रीन करता है। हालांकि, एक क्लीनिकल सेटिंग में, एक एक्सटर्नल माइक्रोफोन आरे (external microphone array) प्रदान की जाती है। टेस्टिंग को बिना किसी डर और डेटा के सटीक मिलान के प्रोसेस किया जाता है।

कलेक्ट किए गए डेटा के साथ, एक मौजूदा स्क्रीनिंग टूल, जो मशीन लर्निंग मॉडल पर काम करता है, ध्वनिक खांसी (acoustic cough) और क्लीनिकल डेटा जो कि निमोनिया, सीओपीडी, टीबी, अस्थमा, वातस्फीति, जैसे फेफड़ों के रोगों के एक पूरे स्पेक्ट्रम की पहचान करता है।

Docturnal

प्रोडक्ट सत्यापन के बाद डिप्लॉय करने के लिए तैयार है, और तुरंत बाद, यह Google Play Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा। एक बार व्यावसायिक रूप से जारी होने के बाद, कोई भी अपने घरों से टेस्ट दे सकता है। इसके अतिरिक्त, यह ऐप ऑनलाइन अपने पार्टनर पोर्टल्स, साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उपलब्ध होगा, जहाँ टेस्ट मैडिकल चिकित्सकों द्वारा किए जाएंगे।



क्यूर डॉट एआई (Qure.ai)

प्रशांत वारियर और पूजा राव द्वारा 2016 में स्थापित, Qure.ai एक्स-रे, सीटी और एमआरआई स्कैन की तरह रेडियोलॉजी एग्जाम्स की एक ऑटोमैटिक इंटरप्रिटेशन प्रदान करता है और समय-समय पर मेडिकल इमेजिंग प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित करता है। इसका मुख्यालय मुंबई में है और यह संचालन के साथ सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क में भी।

नोवेल कोरोना वायरस के समय में, Qure.ai ने अतिरिक्त क्षमताओं को विकसित किया है जो कोरोनावायरस के संकेत का पता लगाने की अनुमति देता है, और एक ऐसा स्कोर देता है जो रोगियों को हाई, मीडियम या लो रिस्क में कैटेगराइज करने में मदद करता है। हेल्थकेयर कार्यकर्ता इसका उपयोग उन रोगियों के लिए कर सकते हैं जिन्हें परीक्षण से गुजरना पड़ता है, और रोगी की प्रगति की निगरानी करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। यह परीक्षण किट और चिकित्सा कर्मियों की कमी वाली जगहों के लिए एकदम सही है।

प्रशांत वारियर, कॉ-फाउंडर, Qure.ai

Qure.ai द्वारा विकसित एक और ऐप-बेस्ड सलूशन qSCOUT है, जो पांच देशों में 10,000 से अधिक जिंदगियों को प्रभावित कर रहा है। COVID-19 रोगियों के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और रिमोट ट्रिपिंग के लिए ऐप का उपयोग किया जा सकता है। यह इंटीग्रेटेड टेलीहेल्थ सर्विस का उपयोग कर रिमोट-मॉनिटर करने के लिए मरीजों का स्मार्टफोन-बेस्ड रजिस्ट्रेशन होता है। qSCOUT डोर-टू-डोर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए हॉटस्पॉट मैप करने के लिए एक एम्बेडेड AI को भी होस्ट करता है, जिससे सरकारी अधिकारियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए सप्लाई चैन और टेस्टिंग किट वितरण का अनुकूलन होता है।



एआई हाइवे (AI Highway)

एआई हेल्थ हाईवे इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एक बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप है, जिसकी स्थापना सितंबर 2019 में डॉ. सतीश एस जीवननावर, डॉ. राधाकृष्ण एस जमदाग्नि और अनुज पंडित ने की थी। वर्तमान में, यह भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC) में सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (SID) में भारत के अग्रणी डीप टेक / डीप साइंस इनक्यूबेटर का एक हिस्सा भी है। इसके COVID-19 प्री-स्क्रीनिंग और ट्राइएज टूल को स्टार्टअप की वेबसाइट पर एक्सेस किया जा सकता है। सलूशन COVID-19 के लिए रिस्क-असिसमेंट स्कोर पर आधारित है, जो क्लीनिकल सिम्टम्स, comorbidities, कॉन्टैक्ट हिस्ट्री और बहुत कुछ से जुड़ा हुआ है। यह तेजी से उभरते वर्तमान वैज्ञानिक, साक्ष्य-आधारित प्रकाशनों और प्रशंसित प्रकाशित दिशानिर्देशों को कैप्चर करता है।

डॉ. राधाकृष्ण एस जमदग्नि, अनुज पंडित, डॉ. सतीश एस जीवननावर, फाउंडर्स, एआई हाईवे

यह शून्य, तीन, सात और 14 दिनों में सोशल डिस्टेंसिंग को मजबूत करने और स्थिति की निगरानी करने में मदद करता है। पिन कोड-बेस्ड कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग लो से लेकर हाई-रिस्क कैटेगरी तक सिचुएशन को मैप करती है। 21 मार्च को इसके टूल के रिलीज होने के बाद से 1,000 से अधिक लोगों की जांच की गई है।



बायोडिजाइन इनोवेशन लैब्स (Biodesign Innovation Labs)

बायोडिजाइन इनोवेशन लैब्स की स्थापना जुलाई 2017 में गौतम पसुपुलेटी और आदित्य पसुपुलेटी द्वारा की गई थी। बेंगलुरु स्थित बायोडिजाइन इनोवेशन लैब्स एक मेडिकल डिवाइस और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो कम संसाधन वाली स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स में मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वदेशी रेस्पिरेटरी सपोर्ट डिवाइसेस जैसे सस्ते और सुलभ लाइफ-सेविंग इनोवेशन्स को डेवलप करती है। इसके अलावा यह लंबे समय तक मैनुअल वेंटिलेशन के विकल्प के रूप में आपात स्थिति और बड़े पैमाने पर कैजुअलटी के दौरान सांस के रोगियों का इलाज करने के लिए इनोवेटिव मैकेनिकल वेंटिलेशन डिवाइसेस को भी डेवलप करती है।

बायोडिजाइन इनोवेशन लैब्स ने एक कम लागत वाली डिवाइस डेवलप की है जिसे रेस्पिरऐड (RespirAid) कहा जाता है। यह रोगियों के अस्पताल में प्रवेश के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले एएमबीयू बैग या बीवीएम के लंबे समय तक मैनुअल वेंटिलेशन के लिए एक विकल्प है या एम्बुलेंस, और ऑपरेशन थिएटर में ट्रांसिट करता है।

RespirAID device

सिस्टम की कार्य स्थितियों का पता लगाने के लिए विभिन्न सेंसर का उपयोग किया जाता है, और आवश्यकताओं के अनुसार काम करने के लिए एक फीडबैक लूप पेश किया जाता है। इसका उपयोग मौजूदा COVID-19 स्थितियों के लिए किया जा सकता है। यह एक पोर्टेबल वेंटिलेटर या ऑटो रिससिटेशन या ऑटोमैटेड रेस्पिरेटरी असिस्ट डिवाइस है जो अचानक सांस रुक जाने के दौरान मकैनिकली स्पेसिफिक डिजायर्ड वेंटीलेटर पैरामीटर्स पर इंटरमिटेंट पॉजिटिव प्रेशर वेंटिलेशन प्रदान करके रोगी को स्थिर कर सकता है।

यह पूरे भारत में अस्पतालों और एम्बुलेंस को इन उपकरणों की आपूर्ति कर सकता है, जिनकी कीमत लगभग 70,000 रुपये है। स्टार्टअप का लक्ष्य देश भर में महामारी से लड़ने के लिए शीघ्र ही वेंटिलेटर की 50,000 से अधिक इकाइयों का निर्माण करना है।


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