पाक को जवाब देने के लिए अधिक सैन्य ताकत का प्रयोग कर सकता है भारत: अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, पाकिस्तान द्वारा की गई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उकसावे की कार्रवाई का जवाब पहले के मुकाबले अब और अधिक सैन्य ताकत से दे सकता है : रिपोर्ट

पाक को जवाब देने के लिए अधिक सैन्य ताकत का प्रयोग कर सकता है भारत: अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट

Wednesday April 14, 2021,

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"ऑफिस ऑफ द डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ओडीएनआई) ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को सौंपी अपनी वार्षिक ‘संकट समीक्षा रिपोर्ट’ में कहा है कि हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच पारंपरिक युद्ध होने की संभावना नहीं के बराबर है, फिर भी दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।"

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, पाकिस्तान द्वारा की गई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उकसावे की कार्रवाई का जवाब पहले के मुकाबले अब और अधिक सैन्य ताकत से दे सकता है।

वाशिंगटन: अमेरिका की ‘इंटेलिजेंस कम्यूनिटी’ (खुफिया विभागों का समूह) ने संसद को सौंपी गई अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, पाकिस्तान द्वारा की गई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उकसावे की कार्रवाई का जवाब पहले के मुकाबले अब और अधिक सैन्य ताकत से दे सकता है।


‘ऑफिस ऑफ द डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ (ओडीएनआई) ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को सौंपी अपनी वार्षिक ‘संकट समीक्षा रिपोर्ट’ में कहा है कि हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच पारंपरिक युद्ध होने की संभावना नहीं के बराबर है, फिर भी दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। 


रिपोर्ट में कहा गया,

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, पाकिस्तान द्वारा की गई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उकसावे की कार्रवाई का जवाब पहले के मुकाबले अब और अधिक सैन्य ताकत से दे सकता है तथा तनाव बढ़ने से परमाणु अस्त्र संपन्न दोनों देशों के बीच संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। कश्मीर में अशांति का हिंसक माहौल या भारत में आतंकवादी हमले से इसकी आशंका है।” 


ओडीएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान, इराक और सीरिया में चल रहे युद्ध से अमेरिकी सेनाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है और परमाणु अस्त्र संपन्न भारत तथा पाकिस्तान के बीच तनाव विश्व के लिए चिंता का कारण हैं। 


अफगानिस्तान पर ओडीएनआई की रिपोर्ट ने कहा कि अगले साल के दौरान शांति समझौते की संभावना कम रहेगी।


(साभार : PTI)