भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंदर भारत को दुनिया का इनोवेशन और आविष्कार का केंद्र बनाने की क्षमता और ऐसा करने का वादा है: पीयूष गोयल

By रविकांत पारीक
August 17, 2021, Updated on : Tue Aug 17 2021 10:24:56 GMT+0000
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंदर भारत को दुनिया का इनोवेशन और आविष्कार का केंद्र बनाने की क्षमता और ऐसा करने का वादा है: पीयूष गोयल
सरकार लालफीताशाही में कमी, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में सुधार, स्टार्टअप सीड फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने, इन्क्यूबेटरों का समर्थन करने, कौशल बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है — पीयूष गोयल
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री, पीयूष गोयल ने "राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद" की वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक की अध्यक्षता की है।


बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि वित्त पोषण, मेंटरशिप, कराधान आदि के विचारों को लागू करने से हम अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और उनकी समझदारी का प्रतिबिंब है। देश में स्टार्टअप इंडिया आंदोलन ने हमारी मानसिकता 'कर सकते हैं' से बदल कर “करेंगे” में तब्दील” कर दी है।


अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारे स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत को दुनिया का इनोवेशन एंड इन्वेंशन हब बनाने की क्षमता और उसे पूरा करने का हमारा वादा है। और नेशनल स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल एसी पर भारत में नए स्टार्टअप उद्यमियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। गोयल ने कहा कि एनएसएसी उच्च प्रतिस्पर्धा हासिल के लक्ष्य के लिए स्टार्टअप्स का बढ़ावा देगा और भारत को स्टार्टअप की राजधानी बनाएगा।

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फोटो साभार: vcbaynews

उन्होंने आह्वान किया कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में एनएसएसी को 75वें स्वतंत्रता दिवस तक 75 स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' हमारे स्टार्टअप के साथ गूंजता है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य 'स्टार्टअप इंडिया' को राष्ट्रीय भागीदारी और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बनाना है।


कोविड-19 के इस युग में, जब हर कोई गंभीर तनाव से उबर रहा है, उन्होंने कहा कि वह हमारे स्टार्टअप इकोसिस्टम के लचीलापन और 'कभी नहीं मरो' की भावना को देखकर खुश थे। मंत्री ने कहा कि 21वीं सदी 'स्टार्टअप की सदी' है और हमारे स्टार्टअप्स के साथ यह 'भारत की सदी' है। उन्होंने कहा कि 21 यूनिकॉर्न पिछले 6 महीनों से सभी को बड़े सपने देखने और बड़ा हासिल करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। लगभग 60 यूनिकॉर्न के साथ, भारत के पास पूरी दुनिया में सबसे बड़ा स्टार्टअप है


मंत्री ने स्टार्टअप क्रांति शुरू करने का आग्रह किया, उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 के साथ, स्कूल अब कम उम्र में स्टार्टअप विचारों के बीज बोएंगे। उन्होंने कहा कि आज के युवा कल के रोजगार सृजनकर्ता और इन्नोवेशन के लिए चौथी औद्योगिक क्रांति के नेता हैं। गोयल ने कहा कि वह चाहते हैं कि पूरे भारत में विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए स्टार्टअप उभरें। उन्होंने कहा, यह रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा और अगड़ों एवं पिछड़ों के संबंधों को मजबूत करेगा।


गोयल ने कहा DPIIT को अब खुले दरवाजे, खुले हाथ और खुले दिमाग के साथ एक 'सुविधाकर्ता' के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार लालफीताशाही को कम करने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार लाने के लिए स्टार्टअप सीड फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने, इन्क्यूबेटरों को बढ़ावा देने, कौशल बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस समग्र दृष्टिकोण का उद्देश्य पूंजी जुटाने से संबंधित मुद्दों को हल करना, टिंकरिंग लैब के साथ इन्नोवेशन का समर्थन करना है। साथ ही स्टार्टअप्स की क्षमता और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना है।

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फोटो साभार: istock

उन्होंने कहा कि आज हमारा नजरिया, विकास के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़ चुका है। हमारा उद्देश्य एक नया भारत बनाना है यानी आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप के साहस, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की कुंजी हैं। और इस तरह के एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सभी संबंधित पक्षों से सहभागी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग को इन्नोवेटर्स की पहचान करके और टैलेंट में निवेश करके सुपरस्टार स्टार्टअप बनाने में मदद करनी चाहिए।


हमारा उद्देश्य यह होना चाहिए कि भारत के स्टार्टअप भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ें और वैश्विक स्तर पर अपना असर डालें।


बैठक में देश के शीर्ष हितधारकों, अधिकारियों और मौजूदा स्टार्टअप ने भाग लिया। उनमें से एलआईसी के चेयरमैन एम.आर. कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ आर.एस. शर्मा, सिकोइया कैपिटल के प्रबंध निदेशक राजन आनंदन, ओयो रूम्स के संस्थापक रितेश अग्रवाल, सॉफ्ट बैंक इंडिया के कंट्री हेड मनोज कोहली, अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक अभिराज भाल, स्नैपडील के सह-संस्थापक कुणाल बहल, एसोचैम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल, इंफोएज के सह-संस्थापक संजीव भीखचंदानी, आरिन कैपिटल के सह-संस्थापक और अध्यक्ष मोहनदास पाई, एक्सेल पार्टनर्स के पार्टनर प्रशांत प्रकाश, अवाना कैपिटल के संस्थापक शरद शर्मा, आईस्पिरिट की संस्थापक अंजलि बंसल, नैसकॉम की अध्यक्ष देबजानी घोष प्रमुख रूप से शामिल हैं।


(साभार: PIB)