आईटी रेड्स, फायरिंग, और वेंडर डिसएग्रीमेंट्स - जानें वो सब जो OYO के अंदर चल रहा है

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ऐसा प्रतीत होता है कि भारत के तीसरे सबसे मूल्यवान स्टार्टअप - OYO के अंदर सब ठीक नहीं चल रहा है। कंपनी के एक करीबी सूत्र ने योरस्टोरी को बताया कि गुरुग्राम स्थित स्टार्टअप मौजूदा समय में एक आईटी रेड का सामना कर रहा है, और कंपनी के भीतर करीब 5,000 कर्मचारियों को निकाला जा रहा है।


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रितेश अग्रवाल, संस्थापक और सीईओ, OYO



कंपनी के एक सूत्र ने कहा,

“यहाँ की स्थिति खराब है। कंपनी में आईटी-विभाग के अधिकारी हैं, और सीएक्सओ कहीं नहीं दिख रहे हैं।”


हालांकि, कंपनी के एक आधिकारिक बयान ने इन दावों का खंडन किया है और कहा है कि आईटी-विभाग एक रूटीन जांच कर रहा है।


प्रवक्ता ने कहा,

“हमारे एक ऑफिस में एक नियमित टीडीएस सर्वेक्षण चल रहा है। हम अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं, और सभी संबंधित हितधारकों के साथ इस पर बात करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। OYO होटल और होम्स ने यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है कि व्यापक असंगठित क्षेत्र व्यवस्थित रहे, और यह फॉर्मल इकॉनमी का हिस्सा है। हम उद्यमशीलता के अवसरों को बनाकर और उन्हें प्रौद्योगिकी और अन्य संसाधनों तक पहुंच प्रदान करके छोटे संपत्ति मालिकों का समर्थन करना जारी रखते हैं।”


सब ठीक नहीं है

हालांकि कंपनी के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने आश्वासन दिया है कि ओयो के अंदर सब ठीक है, लेकिन कई सूत्रों ने कहा है कि पिछले कई हफ्तों से कंपनी कई मुद्दों का सामना कर रही है।


नाम न छापने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया,

“आने वाले सप्ताह में सीएक्सओ स्तर पर फायरिंग होने की संभावना है। हमारा मानना है कि मिड और सीनियर लेवल के करीब 5,000 लोगों को सभी डिवीजनों से निकाला जा रहा है। फिलहाल अभी थोड़ी स्पष्टता प्रतीत हो रही है। लेकिन वर्तमान में यहां का एनवायरमेंट ठीक नहीं है।”



वर्तमान में 10 बिलियन डॉलर की वैल्यू वाली OYO ने प्रॉपर्टी को लीज पर लेने और 'मैरियट' जैसे मॉडल को अपनाया है और कई वर्टिकल खोले हैं। जब से ये कंपनी लीज-एंड-ब्रांड मॉडल में बदली है तब से ओयो ने 80 से अधिक देशों में 800 से अधिक शहरों तक विस्तार किया है। कंपनी का दावा है कि अब तक 50 मिलियन मेहमानों की मेजबानी की जा चुकी है।


धुंआ और आईना

हाल ही में, ओयो को एक हार्वर्ड केस स्टडी में फीचर किया गया था, और कंपनी कई अन्य हाई राइड्स पर सवार है। “लेकिन WeWork पराजय के बाद, निवेशकों ने अब उन मॉडलों से सावधान रहना शुरू कर दिया है जो प्रॉफिटेबिलिटी से काफी दूर हैं। निवेशकों द्वारा प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर पुश किया जा रहा है। और वर्तमान में, OYO इससे दूर है। इसलिए, निवेशक कंपनी पर हर तरह से अपनी लागत में कटौती करने के लिए जोर दे रहे हैं।" एक अन्य सूत्र ने कंपनी की अंदरूनी समस्या के बारे में बताया। यह मुद्दा केवल प्रॉफिटेबिलिटी और फायरिंग्स के बारे में नहीं है। एक अन्य उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि वेंडर्स को प्लेटफॉर्म से बाहर कर दिया गया है और वे ओयो के साथ बहुत खुश नहीं हैं।


सूत्र ने बताया,

"वेंडर्स को 1,000 रुपये के व्यवसाय का वादा किया जाता है, और कमरे 900 रुपये में बेचे जाते हैं, जहां वेंडर्स को 800 रुपये मिलते हैं। कॉन्ट्रैक्ट में एक क्लॉज है जो कहता है कि अगर कमरे बिकते नहीं हैं तो ओयो वेंडर्स को कम भुगतान दे सकता है। इसलिए, वेंडर्स इससे बाहर निकलने का रास्ता खोज रहे हैं।”


हालांकि अभी तक कंपनी ने फायरिंग और वेंडर्स से जुड़े मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है।  



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