जेएनयू के इस कंप्यूटर ऑपरेटर के नाम हैं 9 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, इनमें से 8 टाइपिंग स्किल के लिए हैं

2014 में अपनी नाक से सबसे तेज टाइपिंग का रिकॉर्ड बनाने से लेकर, आंखों पर पट्टी बांधकर सबसे तेज टाइपिंग और माउथ स्टिक से सबसे तेज टाइपिंग करने का रिकॉर्ड बनाने वाले विनोद कुमार चौधरी जेएनयू में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं और वे गरीब और विकलांग बच्चों के लिए अपने घर में भी एक सेंटर चलाते हैं।

जेएनयू के स्कूल ऑफ एनवायर्नमेंटल साइंसेज (SES) के एक कंप्यूटर ऑपरेटर विनोद कुमार चौधरी, जो अपने घर पर भी एक कंप्यूटर सेंटर चलाते हैं, जहां वे गरीब छात्रों और जरूरतमंद लोगों को पढ़ाते हैं, के नाम 9 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Records) हैं।


ताज्जुब की बात तो यह है कि इनमें से 8 गिनीज रिकॉर्ड तो उन्हें सिर्फ टाइपिंग स्किल्स के लिए मिलें हैं, जबकि 1 खेल में प्राप्त हुआ है।


समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, विनोद ने कहा, "मेरे पास अपनी नाक से, आंखों पर पट्टी बांधकर और माउथ स्टिक से टाइप करने के रिकॉर्ड हैं। मैंने 2014 में अपनी नाक से टाइप करने का पहला रिकॉर्ड बनाया था। मेरे पास अन्य रिकॉर्ड हैं जैसे आंखों पर पट्टी बांधकर, एक हाथ से टाइप करना , एक उंगली से टाइप करना और माउथ स्टिक से टाइप करना। किसी ने भी मेरा रिकॉर्ड नहीं तोड़ा है। मैं अपना खुद का रिकॉर्ड तोड़ता हूं और सुधार करने की कोशिश करता हूं। मेरा आखिरी रिकॉर्ड 1 मिनट के भीतर टेनिस बॉल द्वारा हाथ को अधिकतम छूने का है। मैंने 205 बार इसे किया था।"

विनोद ने आगे बताया, "मैंने नाक से निर्धारित 103 कैरेक्टर टैक्सट टाइप करने का रिकॉर्ड लगभग 46.3 सेकंड में बनाया था। जब मैंने एक हाथ से टाइप किया, तो समय लगभग 6 सेकंड था। जब मैंने आंखों पर पट्टी बांधकर टाइप किया, तो यह लगभग 6 सेकंड था। जब मैंने पहली बार टाइप किया था रिक्त स्थान के साथ एक माउथ स्टिक से, इसका समय लगभग 18 सेकंड था। मैंने वह रिकॉर्ड तोड़ा और नया रिकॉर्ड समय 7.01 सेकंड है।"


41 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर ने कहा कि जब उन्होंने न्यूज़ में देखा कि कैसे एक शख्स नाक से टाइप कर रहा था, तब उन्हें यह विचार आया।

उन्होंने कहा, "2014 में, मैंने एक शख्स को न्यूज़ में देखा, जो नाक से टाइप कर रहा था। मुझे लगा कि मैं भी ऐसा कर सकता हूं। मुझे उस रात नींद नहीं आई। उसके बाद, जब भी मुझे समय मिलता, मैं निश्चित रूप से इसका अभ्यास करता था, तब तक, जब तक कि रिकॉर्ड नहीं टूटा, मैंने अभ्यास किया। मुझे लगता है कि भगवान की कृपा से मैं रिकॉर्ड बनाना जारी रखूंगा।"


विनोद ने कहा कि एथलीट मिल्खा सिंह बचपन से ही उनकी प्रेरणा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि एथलीट बनने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन एक एथलीट के तौर पर वह जो गति हासिल करना चाहते थे, वह अब टाइपिंग में हासिल कर ली गई है।


उन्होंने कहा, "मेरी बचपन की प्रेरणा एथलीट मिल्खा सिंह हैं। मैं उन्हें बचपन से पसंद करता हूं। एथलीट बनने का मेरा सपना पूरा नहीं हुआ।"


कंप्यूटर ऑपरेटर ने दावा किया कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने 19 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किए और कहा कि वह महान बल्लेबाज के रिकॉर्ड को पार करने की इच्छा रखते हैं।


Edited by Ranjana Tripathi