सीईओ रैंकिंग में भारतीय सुंदर पिचाई से भी नौ पायदान नीचे गए जकरबर्ग

सीईओ रैंकिंग में भारतीय सुंदर पिचाई से भी नौ पायदान नीचे गए जकरबर्ग

Sunday June 23, 2019,

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वर्ष 2013 से हर साल अमेरिका के सीईओ स्तर के सबसे कामयाब सौ कर्मचारियों की अवॉर्ड लिस्ट जारी करने वाली संस्था ग्लासडोर ने इस बार वीएम वेयर कंपनी के पैट गेलसिंगर को नंबर एक सीईओ घोषित किया है। टॉप टेन में भारतीय मूल के शांतनु नारायण और सत्या नडेला को भी जगह मिली है। सुंदर पिचाई 46वें पायदान पर हैं।


zuckerberg

सुंदर पिचाई और मार्क जकरबर्ग

फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग की अपने कर्मचारियों के बीच लोकप्रियता कम हो रही है। वर्ष 2013 से हर साल अमेरिका के सीईओ स्तर के सबसे कामयाब सौ कर्मचारियों की अवॉर्ड लिस्ट जारी करने वाली संस्था ग्लासडोर ने इस बार 2019 की इस ताज़ा सूची में अमेरिकी कंपनी वीएम वेयर के पैट गेलसिंगर को नंबर एक सीईओ घोषित किया है। पिछले साल 15वें स्थान पर रहे फेसबुक के जकरबर्ग इस बार लुढ़कते-लुढ़कते रैंकिंग के 55वें पायदान पर जा चुके हैं। वह 94 प्रतिशत अप्रूवल के बावजूद फिसलकर 39 पायदान नीचे चले गए हैं। गूगल के भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचाई इस बार 46वें पायदान पर हैं। ग्लासडोर की इस लिस्ट में पिछले साल 78वें स्थान पर रहे लेकिन इस बार के सबसे टॉपर वीएम वेयर के सीईओ पैट गेलसिंगर को 99 फीसदी अप्रूवल मिला है।


गौरतलब है कि पिछले साल जूम वीडियो के सीईओ एरिक युआन नंबर एक रहे थे। इस बार तो वह ऐसे लुढ़के हैं कि पूरी सौ की लिस्ट से ही बाहर चले गए। इससे पहले मार्च-2019 में फोर्ब्स मैग्जीन ने भी एक इसी तरह की लिस्ट दुनिया के चोटी के अमीरों और सीईओ के बारे में जारी की थी, जिसमें अमेजन कंपनी के सीईओ जेफ बेजोस को पहला स्थान दिया गया था। उल्लेखनीय है कि यह लिस्ट मुख्यतः सीईओ नहीं, अमीरी का अनुपात दर्शाने वाली रही थी। फोर्ब्स की उस टॉप टेन लिस्ट में जेफ बेजोस के बाद क्रमशः बिल गेट्स, वॉरेन बफेट, बर्नार्ड अरनॉल्ट, कार्लोस स्लिम हेलू, अमानसियो ओर्टेगा, लैरी एलिसन, मार्क जुकरबर्ग, माइकल ब्लूमबर्ग और दसवें पायदान पर लेरी पेज को घोषित किया गया था।


आज से सात साल पहले ग्लासडोर की वर्ष 2013 की पहली लिस्ट में तो जकरबर्ग पहले स्थान पर रहे थे। यहांतक कि पिछले साल तक भी वह कम से कम टॉप ट्वेंटी में टिके रहे लेकिन ताज़ा रैंकिंग में उनके औंधेमुंह गिरने की खुद उनकी कंपनी की कई अंदरूनी और बाहरी वजहें रही हैं। गौरतलब है कि लंबे समय से फेसबुक तरह-तरह के विवादों से जूझ रहा है। कैंब्रिज एनालिटिका मामले से कंपनी की साख गिरी है। सोशल मीडिया पर डिलीट फेसबुक कैंपेन भी चल चुका है। जकरबर्ग को अपने अधिकारों में कमी की मांग भी उठ चुकी है। फिलहाल जकरबर्ग और एप्पल के कुक ही दो ऐसे सीईओ हैं, जो ऐसी लिस्ट की शुरुआत से अब तक हर साल टॉप हंड्रेड में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। सौ की लिस्ट में 30 टेक कंपनियों के सीईओ हैं।


टॉप टेन में भारतीय मूल के शांतनु नारायण और सत्या नडेला को जगह मिली है। इस श्रेणीकरण में नंबर एक पर कंपनी वीएम वेयर के पैट गेलसिंगर, दो पर कंपनी एचईबी के चा‌र्ल्स सी बट, तीन पर कंपनी आईओ बर्गर के लिन्सी स्नाइडर, चार पर कंपनी टी-मोबाइल के जॉन लेगर, पांचवें पर कंपनी अडोबी के शांतनु नारायण, छठवें पर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला, सातवें पर कंपनी मैकिंसी के केविन स्नीडर, आठवें पर कंपनी लिंक्ड इन के जेफ वेइनर, नौवें पर कंपनी इनट्यूटिव के गैरी गर्थाट और दसवें पायदान पर कंपनी बेस्ट बाय के ह्यूबर्ट जॉली को रखा गया है। लिस्ट के मुताबिक पिछले साल 96वें स्थान पर रहे एपल के सीईओ टिम कुक की स्थिति इस बार 69वें स्थान पर आकर बेहतर हुई है। एक साथ 27 पायदान ऊपर जा पहुंचे कुक को 92 प्रतिशत समर्थन मिला है।