महज एक साल में 25 करोड़ रुपये का कारोबार कर ये कंपनी बन गई अमेजॉन की 'सबसे तेजी से बढ़ने वाली एसएमबी'

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1 फरवरी को अपने बजट भाषण के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने, आर्थिक मंदी का मुकाबला करने और सभी भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से कई तरह के उपायों की एक रूपरेखा तैयार की।

हालांकि इन सब उपायों के बीच सरकार ने भारत के सौर ऊर्जा उद्योग पर खासा जोर दिया। 2020-21 के लिए बजट में सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए 2,516 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें ग्रिड-इंटरैक्टिव और ऑफ-ग्रिड दोनों परियोजनाएं शामिल हैं।


अमोल आनंद (बाएं) और अमोद आनंद (दाएं), कॉ-फाउंडर्स, लूम सोलर


आपको बता दें कि यह 2019-20 के लिए संशोधित अनुमान में प्रदान किए गए 2,280 करोड़ रुपये से 10.35 प्रतिशत की वृद्धि है। ऐसे में सौर ऊर्जा क्षेत्र में धमाकेदार शुरुआत करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्रेरित करने वाले भाइयों अमोद आनंद और अमोल आनंद जैसे लोगों की जरूरत है। 

इन दोनों भाइयों ने 2018 में फरीदाबाद में लूम सोलर (Loom Solar) लॉन्च किया, जिसने सिर्फ एक साल के अंतराल में, वित्तीय वर्ष 2019 में 25 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कंपनी ने 9,000 भारतीय घरों में 3,500 किलोवाट सौर पैनल स्थापित किए हैं, इसकी स्थापना के बाद से सौर पैनलों से लगभग 4.2 मिलियन यूनिट बिजली और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 99,000 टन की कमी आई है, जो 1,58,000 पेड़ लगाने के बराबर है।

YourStory के साथ बातचीत में, अमोद ने कंपनी के अब तक के विकास के बारे में बात की।

द सनशाइन सेक्टर

लूम सोलर की स्थापना से पहले, आमोद होमशॉप 18 के साथ काम कर रहे थे और अमोल ल्यूमिनस में ऑपरेशन्स संभाल रहे थे। हालाँकि, भाइयों में हमेशा एक उद्यमशीलता की भावना थी। वह कहते हैं कि भाइयों की हमेशा से ही कुछ न कुछ अपने आप से शुरू करने की योजना थी। जब दोनों ने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला किया, तो उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों की खोज की और सौर ऊर्जा उद्योग में प्रवेश करने के लिए निष्कर्ष निकाला।

अमोद कहते हैं कि जब वे मार्केट रिसर्च कर रहे थे, तो उन्होंने पाया कि भारत में कई ग्रामीण क्षेत्र हैं (विशेषकर उत्तर प्रदेश में) जिनकी पावर तक बहुत कम पहुंच थी। और एनसीआर और नोएडा जैसे शहरी केंद्र, जहां बिजली उपलब्ध है, वहां मांग को पूरा करने के लिए और अधिक की आवश्यकता थी।

लूम सोलर के AC मॉड्यूल

जब वे इस क्षेत्र को और अधिक समझने के लिए तैयार हुए, तो भाइयों ने महसूस किया कि लोग सौर ऊर्जा को जल्दी किसलिए नहीं अपना रहे हैं। उन्होंने इसके पीछे तीन कारण पाए- सीमित जानकारी और जागरूकता, देश भर में उत्पाद की उपलब्धता की कमी और खराब गुणवत्ता और पिछड़ी तकनीक। लूम सोलर मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनल और एसी मॉड्यूल बनाती है जो बिजली उत्पन्न करने के लिए आवासीय छतों पर स्थापित किए जाते हैं। यह नेशनल ग्रिड पर ऊर्जा पर प्रदूषण और निर्भरता को कम करता है।

टेक-फर्स्ट

इस इंडस्ट्री में कई प्लेयर्स हैं, लेकिन अमोद बताते हैं कि उनमें से अधिकांश पुरानी तकनीक का उपयोग करते हैं जैसे कि माइक्रोक्रिस्टलाइन या पॉलीक्रिस्टलाइन पैनल, जो मोनोक्रिस्टलाइन पैनल की तुलना में कम पावर उत्पन्न करते हैं। वे बताते हैं कि ये पैनल सुबह 6:30 बजे से बिजली पैदा करना शुरू होता है और रहता है शाम 6:30 बजे तक।

अमोल कहते हैं,

“आवासीय छत सौर (रूफटॉप सोलर) का बाजार आकार 1,000 करोड़ रुपये से 1,500 करोड़ रुपये के बीच है। लूम सोलर उपभोक्ताओं को नवीनतम प्रौद्योगिकी उत्पाद प्रदान करने में विश्वास करता है। यही कारण है कि हमारे पास मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनल और IoT- आधारित सौर एसी मॉड्यूल हैं। लूम सोलर उत्पादों के लिए हमारे पास देश भर में 1,500 रीसेलर्स हैं।"

वे कहते हैं कि केवल 15 प्रतिशत सौर कंपनियां अपने स्वयं के पैनल का निर्माण करते हैं, बाकी उन्हें आयात करने का सहारा लेते हैं।

लूम सोलर अपने उत्पादों की बिक्री के लिए महाराष्ट्र उपनगर, पश्चिम बंगाल, केरल, दिल्ली / एनसीआर और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को टारगेट करता है। अमेजॉन संभव में "सबसे तेजी से बढ़ती हुई एसएमबी" (fastest-growing SMB) के खिताब से सम्मानित होने के बावजूद, लूम सोलर अपने स्वयं के चुनौतियों के बिना नहीं रहा है।

अमेजन संभव पुरस्कार प्राप्त करते हुए आमोद आनंद

सबसे बड़ी चुनौती विशाल ग्राहक तक पहुंच की रही है, उन्हें उत्पाद की पेशकश और इसके उपयोग के बारे में बताना भी चुनौती रही है। इसके लिए बहुत सारे मार्केटिंग इनोवेशन की जरूरत है और यह जोड़ी कंपनी की मजबूती बनाने के लिए कमर कस रही है। अमोद कहते हैं कि सरकार को पैनलों के स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाने चाहिए ताकि आयात कम हो।

कंपनी की भविष्य की संभावनाओं के बारे में बात करते हुए, अमोद का कहना है कि लूम सोलर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 मिलियन ग्राहकों तक पहुंचने और 2021 तक 100 करोड़ रुपये की बिक्री राजस्व उत्पन्न करने का लक्ष्य रखता है।


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