माइक्रोसॉफ्ट 2025 तक भारत में 20 लाख लोगों को AI स्किलिंग का मौका देगी: CEO सत्या नडेला

यह प्रतिबद्धता स्किल्ड एआई वर्कफोर्स को बढ़ावा देते हुए और हर सेक्टर एवं उद्योग को एआई की मदद से बदलाव के लिए सशक्त करते हुए भारत के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य के ही अनुरूप है.

माइक्रोसॉफ्ट 2025 तक भारत में 20 लाख लोगों को AI स्किलिंग का मौका देगी: CEO सत्या नडेला

Wednesday February 07, 2024,

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माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सत्या नडेला ने एआई-फर्स्ट नेशन बनने की दिशा में भारत के बढ़ते कदमों में सहयोग देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूती देते हुए अपने भारत दौरे की शुरुआत की. यह प्रतिबद्धता स्किल्ड एआई वर्कफोर्स को बढ़ावा देते हुए और हर सेक्टर एवं उद्योग को एआई की मदद से बदलाव के लिए सशक्त करते हुए भारत के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य के ही अनुरूप है.

नडेला ने बुधवार को मुंबई में आयोजित माइक्रोसॉफ्ट सीईओ कनेक्शन इवेंट में अपने विचार रखे. इस कार्यक्रम में उद्योग जगत की बड़ी हस्तियों एवं नीति नियंताओं ने हिस्सा लिया. अपने संबोधन में नडेला ने ऐलान किया कि माइक्रोसॉफ्ट अपनी नई एडवांटेज इंडिया (ADVANTA(I)GE INDIA) पहल के माध्यम से 2025 तक भारत में 20 लाख लोगों को एआई स्किलिंग का मौका देगी. इससे देश में स्किल गैप को कम करने और एआई के नए युग में आगे बढ़ने की भारत की क्षमता को मजबूती देने में मदद मिलेगी.

माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं सीईओ सत्या नडेला ने कहा, "भारत ऐसी स्थिति में है, जहां वह एआई को वास्तविकता के धरातल पर लाने का वादा कर सकता है. हम देश में एआई स्किल गैप को खत्म करने और देशभर में नए अवसर सृजित करने के लिए सार्वजनिक एवं निजी सभी क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी के लिए तैयार हैं."

नडेला ने उल्लेख किया कि कैसे कंपनी के अन्य एआई सॉल्यूशंस के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट काम को तेजी से और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने में मदद कर रहे हैं तथा लोगों एवं संस्थानों की उत्पादकता बढ़ा रहे हैं. उदाहरण के तौर पर, कोपायलट फॉर माइक्रोसॉफ्ट 365 के शुरुआती यूजर्स पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि ऐसे लोग सर्चिंग, राइटिंग एवं समराइजिंग जैसे कई टास्क को पूरा करने में 29 प्रतिशत तेज थे.

भारत में कई संस्थान कोपायलट फॉर माइक्रोसॉफ्ट 365 और गिटहब कोपायलट का प्रयोग करते हुए उत्पादकता बढ़ा रहे हैं और इनोवेशन को गति दे रहे हैं. ऐसे संस्थानों में निम्नलिखित नाम उल्लेखनीय हैं:

  • एक्सिस बैंक, भारत में एंटरप्राइज स्केल पर कोपायलट फॉर माइक्रोसॉफ्ट को अपनाने वाला पहला बैंक है. इसके 300 यूजर्स हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. कोपायलट की मदद से रोजाना के कामों में इसकी उत्पादकता 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है.

  • इन्फोसिस, यह आईटी कंसल्टिंग फर्म भारत में गिटहब कोपायलट को अपनाने वाले शुरुआती बड़े नामों में से है. कंपनी के 7,000 से ज्यादा डेवलपर्स एआई की ताकत को आजमाने और मन की गति से इनोवेशन करने के लिए गिटहब कोपायलट का प्रयोग कर रहे हैं.

  • एचसीएल टेक, ग्लोबल आईटी सर्विसेज एवं कंसल्टिंग कंपनी ने माइक्रोसॉफ्ट टीम के लिए कोपायलट फॉर माइक्रोसॉफ्ट 365 प्लगइन बनाया था, जिससे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स एवं मैनेजर्स को बग रिजॉल्यूशन में मदद मिली.

  • एलटीआई माइंडट्री, आईटी एवं कंसल्टिंग सर्विसेज प्रदान करने वाली अग्रणी कंपनी ने कोपायलट फॉर माइक्रोसॉफ्ट 365 प्लगइन बनाया है, जिससे टीमें स्टाफ मैनेजमेंट बेहतर कर सकें.

भारतीय कंपनियों को एआई प्रोजेक्ट्स पर किए गए गए प्रत्येक डॉलर के खर्च पर औसतन 3.86 डॉलर का रिटर्न मिल रहा है. कृषि, एविएशन, ईकॉमर्स और एफएमसीजी जैसे विभिन्न उद्योगों में 150 से ज्यादा कंपनियां एज्यूर ओपनएआई सर्विस की मदद से इनोवेशन कर रही हैं. कुछ प्रमुख कंपनियां निम्नलिखित हैं:

  • आईटीसी, विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाले इस भारतीय उद्योग समूह ने किसानों के लिए इनोवेटिव चैटबोट कृषि मित्र विकसित किया है. यह एप किसानों के प्रश्नों को समझने और उनका समाधान देने के लिए माइक्रोसॉफ्ट की वॉइस-टू-टेक्स्ट टेक्नोलॉजी का प्रयोग करता है. इस खूबी के कारण यह कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए भी प्रयोग में आसान है. कृषि मित्र को विशेष रूप से भारत की कृषि संबंधी परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया है.

  • कार्या, इस भारतीय सोशल इंपैक्ट ऑर्गनाइजेशन ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी में स्थानीय भाषाओं में नए डाटा सेट तैयार किए हैं, साथ ही ग्रामीण भारत में लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित किए हैं. इस पहल से डाटा सेट समृद्ध होने के साथ ही बेहतर वेतन, प्रशिक्षण एवं अन्य सपोर्ट के माध्यम से लोगों का जीवन स्तर भी सुधर रहा है.

  • अरविंद लिमिटेड, भारत के सबसे बड़े डेनिम मैन्यूफैक्चरर ने एनुअल रिपोर्ट कोपायलट की मदद से वार्षिक रिपोर्ट को एनालाइज करने में लगने वाला 60 प्रतिशत तक समय बचाया है. इस सॉल्यूशन की मदद से कंपनी के नीति निर्माताओं के लिए कई साल की वार्षिक रिपोर्ट को एनालाइज करना और समय पर महत्वपूर्ण जानकारियां पाना संभव हुआ है, जिससे वे तेजी से बेहतर कारोबारी रणनीतियां बनाने में सक्षम हुए हैं.

  • एयर इंडिया, भारत की प्रमुख एयरलाइन ने एआई वर्चुअल एजेंट एआई.जी को अपनाया है. मार्च, 2023 में लॉन्च होने के बाद से अब तक इसने पांच लाख से ज्यादा यात्रियों के सवालों का जवाब सफलतापूर्वक दिया है और रोजाना चार भाषाओं में 6,000 से ज्यादा सवालों के जवाब देता है.

इस हफ्ते अपनी भारत यात्रा के दौरान नडेला देश के डेवलपर्स एवं टेक्नोलॉजी के दिग्गज लोगों की बड़ी सभा को भी संबोधित करेंगे.