नारायण राणे ने MSMEs को देरी से पेमेंट मिलने का मुद्दा हल करने पर दिया जोर

By रविकांत पारीक
September 15, 2022, Updated on : Thu Sep 15 2022 06:54:09 GMT+0000
नारायण राणे ने MSMEs को देरी से पेमेंट मिलने का मुद्दा हल करने पर दिया जोर
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केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नारायण राणे ने राष्ट्रीय एमएसएमई बोर्ड (NBMSME) द्वारा आयोजित 18वीं बैठक की अध्यक्षता की. इस अवसर पर एमएसएमई राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने भी शिरकत की.


राणे ने पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) और सिक्किम में एमएसएमई को बढ़ावा देने की योजना के लिए पोर्टल का उद्घाटन किया. मंत्री ने उद्यम और एनसीएस पोर्टलों को जोडने का शुभारंभ किया, जिसकी घोषणा बजट 2022 में की गई थी. उद्यम (Udyam) पंजीकरण पोर्टल के संबंध में एमएसएमई मंत्रालय और सामान्य सेवा केंद्र के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए.

narayan-rane-emphasizes-on-resolving-the-issue-of-delayed-payments-to-micro-small-enterprises

बोर्ड की बैठक के दौरान 23 मार्च, 2022 को आयोजित राष्ट्रीय एमएसएमई बोर्ड की 17वीं बैठक के लिखित ब्यौरे की पुष्टि की गई. एक्शन टेकन रिपोर्ट में यह देखा गया कि 17वीं बैठक की सभी सिफारिशों को एमएसएमई मंत्रालय द्वारा ध्यान में लिया गया था और संबंधित मुद्दों के उचित समाधान के लिए उचित कार्रवाई की गई है.


बैठक की अध्यक्षता करते हुए नारायण राणे ने आश्वासन दिया कि बैठक के दौरान सदस्यों द्वारा दिए गए सभी मूल्यवान सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा. उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद, निर्यात और रोजगार में एमएसएमई क्षेत्र के योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने सूक्ष्म और लघु उद्यमों को विलंबित भुगतान के मुद्दे को हल करने की आवश्यकता पर बल दिया.


केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र में एमएसएमई के प्रचार और विकास के लिए एनईआर और सिक्किम से संबंधित पोर्टल के शुभारंभ की सराहना की. उन्होंने राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) के साथ उद्यम पोर्टल को जोड़ने का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो एमएसएमई क्षेत्र के लिए एनसीएस के रोजगार योग्य जनशक्ति डेटाबेस तक पहुंच के अवसर के रूप में है. एमएसएमई मंत्रालय और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का उल्लेख करते हुए, राणे ने कहा कि यह दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उद्यमों के लिए सलाह और सहायता का विस्तार करेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं और प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण का लाभ उठाने में मदद करेगा.


बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न उद्योग संघों के पदाधिकारी और अन्य प्रतिनिधि भी शामिल हुए.