बैन किए गए सिंगल यूज आइटम्स के इको-विकल्प पर हुआ देश का पहला नेशनल एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस

एक्सपो में देश भर से इको-विकल्प के 150 से अधिक निर्माता भाग ले रहे हैं. इको-विकल्प में प्राकृतिक रेशों से बनी वस्‍तुएं जैसे कॉयर, खोई, चावल और गेहूं की भूसी, पौधे और कृषि पराली, केला और सुपारी, जूट शामिल थे.

बैन किए गए सिंगल यूज आइटम्स के इको-विकल्प पर हुआ देश का पहला नेशनल एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस

Tuesday September 27, 2022,

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देश में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और इनोवेशन तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए इको-विकल्पों को बढ़ावा देने की पहली पहल में से एक, प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्‍तुओं के विकल्प और स्टार्टअप्स-2022 सम्‍मेलन पर नेशनल एक्सपो का सोमवार को चेन्नई ट्रेड सेंटर में उद्घाटन हुआ. इस अवसर पर तमिलनाडु के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री शिव वी मयनाथन उपस्थित थे.

इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भूपेन्द्र यादव का एक वीडियो संदेश एक्सपो और स्टार्टअप सम्मेलन- 2022 का उद्घाटन करते हुए चलाया गया. एक्सपो और स्टार्टअप सम्मेलन का आयोजन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार और तमिलनाडु सरकार ने संयुक्त रूप से किया है.

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केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अपने संदेश में कहा कि संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के स्थान पर बिना सोचे-समझे खपत के कारण कूड़ा-कर्कट और अप्रबंधित प्लास्टिक कचरा उत्‍पन्‍न हुआ है. जूट, और बांस जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाना और इस मुद्दे के समाधान के लिए पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली की ओर बढ़ने की आवश्यकता है.

एक्सपो में देश भर से इको-विकल्प के 150 से अधिक निर्माता भाग ले रहे हैं. इको-विकल्प में प्राकृतिक रेशों से बनी वस्‍तुएं जैसे कॉयर, खोई, चावल और गेहूं की भूसी, पौधे और कृषि पराली, केला और सुपारी, जूट शामिल थे. राष्ट्रीय एक्सपो जनता, स्कूल और कॉलेज के छात्रों, उद्यमियों और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के पर्यावरण विकल्पों के निर्माताओं के लिए खुला है. स्टार्टअप्स का एक्सपो और सम्मेलन पर्यावरण विकल्पों की उपलब्धता पर व्यापक जागरूकता फैलाएगा और स्टार्टअप को अपने साधनों को बढ़ाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा .

एक्सपो में राज्य सरकारों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों, संबंधित केन्द्रीय मंत्रालयों, वित्तीय संस्थानों और बैंकों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. एक्सपो के साथ-साथ सिंगल यूज प्लास्टिक और वायु गुणवत्ता प्रबंधन के विकल्प के क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप्स के एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया. स्टार्टअप्स का सम्मेलन देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम का समर्थन करने वाले इनोवेटर्स और संस्थानों और सरकारी विभागों के बीच विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगा. समुद्री प्लास्टिक कूड़े पर विषयगत सत्र - मुद्दे, चुनौतियां और आगे का रास्ता और निर्माण पर्यावरण के विकल्प तैयार करने के बारे में आयोजित किए गए हैं.

भारत ने 1 जुलाई, 2022 से पहचानी गई सिंगल यूज वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया, जिसमें कचरा फैलाने की उच्च क्षमता वाली और कम उपयोगी वस्‍तुएं शामिल थी. प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के विकल्पों और उनकी उपलब्धता के बारे में जागरूकता प्रतिबंध की सफलता की कुंजी है.


Edited by रविकांत पारीक