अमेरिका के मेट्रोपॉलिटन म्‍यूजियम की पहली भारतीय ट्रस्‍टी बनीं नीता अंबानी

By जय प्रकाश जय
November 14, 2019, Updated on : Thu Nov 14 2019 13:07:57 GMT+0000
अमेरिका के मेट्रोपॉलिटन म्‍यूजियम की पहली भारतीय ट्रस्‍टी बनीं नीता अंबानी
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न्यूयॉर्क (अमेरिका) में रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं कला में गहरी अभिरुचि रखने वाली बिजनेस वुमन नीता अंबानी की उपलब्धियों में एक और नया अध्याय उस समय जुड़ गया, जब गत 12 नवंबर को वह 149 साल पुराने मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट के बोर्ड की पहली भारतीय मानद ट्रस्टी चुन ली गईं।  

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रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं एशिया के सबसे बड़े अमीर मुकेश अंबानी की पत्‍नी नीता अंबानी रिलायंस फाउंडेशन के जरिए भारतीय कला और संस्कृति का दुनियाभर में प्रचार कर रही हैं। वह भारत में खेल और विकास की योजनाओं को भी बढ़ावा दे रही हैं। इसके अलावा पिछले कई साल से अमेरिका की मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम की प्रदर्शनियों को सपोर्ट कर रही हैं, जो अमेरिका का 149 साल पुराना सबसे बड़ा आर्ट म्यूजियम है।


यहां दुनियाभर की पांच हजार साल पुरानी कलाकृतियां भी संकलित हैं। हर साल लाखों लोग इस म्यूजियम को देखने पहुंचते हैं, जिनमें कई अरबपति और सेलेब्रिटी भी होते हैं। अब नीता अंबानी को न्यूयॉर्क के इस मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट के बोर्ड में शामिल कर लिया गया है। इसी के साथ नीता अंबानी म्यूजियम की पहली भारतीय मानद (ऑनरेरी) ट्रस्टी बन गई हैं।


मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट म्यूजियम के चेयरमैन डेनियल ब्रॉडस्की ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नीता अंबानी की मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट के प्रति प्रतिबद्धता और भारत की कला- संस्कृति को बढ़ावा देना वास्तव में असाधारण है। उनकी मदद से म्यूजियम की कला के अध्ययन और प्रदर्शन की क्षमताओं में काफी इजाफा हुआ है। इनका बोर्ड में स्वागत करना खुशी की बात है। 





इस उपलब्‍धि पर खुशी जाहिर करते हुए नीता अंबानी कहती हैं कि यह सम्‍मान उन्हे भारत की विरासत और संस्‍कृति के लिए उनके प्रयासों को दोगुना करने को प्रेरित करता है। शिक्षाविद, परोपकारी, बिजनेस वुमन नीता अंबानी ने 2017 में कहा था कि मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम के जरिये भारतीय कला को एक प्रतिष्ठित संस्थान में प्रदर्शन का मौका मिला और हम कला के क्षेत्र में काम जारी रखने के लिए प्रोत्साहित हुए।


म्यूजियम के चेयरमैन डेनियल ब्रॉडस्की बताते हैं कि 12 नवंबर को बोर्ड की मीटिंग में नीता अंबानी को म्यूजियम के बोर्ड का सदस्य चुना गया।


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तीन साल पहले गुजरात यूनिवर्सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कपड़े पर उकेरी गई कला प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए जब वह अहमदाबाद पहुंचीं तो वहां उन्होंने नाथद्वारा के 35 आर्टिस्टों को प्रोत्साहित किया। दरअसल, नीता अंबानी स्वयं पेंटिंग में गहरी दिलचस्पी रखती हैं।


वह पेंटिग तो नहीं बनातीं लेकिन भरत नाट्यम का शौक अवश्य रखती हैं। वह भारत की प्राचीन कलाओं को प्रमोट करना चाहती हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने अहमदाबाद में एक कपड़े पर बनी पेंटिंग से की थी। 





नीता अंबानी बताती हैं कि अहमदाबाद शहर से उनका गहरा नाता है क्योंकि वहीं उनका जन्म हुआ है। अपनी जन्मभूमि किसे प्यारी नहीं होती है। अच्छा तो तब लगता है, जब कोई अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ कर पाता है। उनका परिवार श्रीनाथजी का भक्त है। उनकी मूर्ति के पीछे लगे कपड़े पर उकेरे गए आर्ट को वह प्रमोट करना चाहती हैं। 17वीं सदी में राजस्थान और गुजरात में आराध्य की मूर्ति के पीछे कपड़े पर जिस कला के दर्शन होते हैं, उसे पुनर्जीवित करने के लिए और इसे विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए ही नीता अंबानी ने इसकी शिकागो में प्रदर्शनी भी लगाई। इस चित्रकला से जुड़े सैकड़ों आर्टिस्ट हैं। 


नीता अंबानी की कोशिशों का ही नया कलात्मक प्रतिफल है बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के सामने मुम्बई का नवनिर्मित न्यू कन्वेंशन सेंटर (धीरूभाई अंबानी स्क्वायर), जिसे इसी साल मार्च 2019 में मुंबई शहर के प्रति अपने सम्मान और प्यार के प्रतीक के तौर पर नीता अंबानी और मुकेश अंबानी और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 20 मिलियन मुंबईकर्स को समर्पित किया। इसमें विश्वस्तरीय, बहुपयोगी सुविधाएं हैं।


लॉन्चिंग के मौके पर नीता अंबानी इसमें विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 2000 से अधिक सुविधाहीन बच्चों को आमंत्रित कर चुकी हैं। वह कहती हैं, यह एक ऐसा स्थान है, जहां लोग एक साथ मिलेंगे, कला की सराहना करेंगे, विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, संस्कृति का जश्न मनाएंगे और हमारे महान शहर की विरासत और जीवंतता को जिएंगे।


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