Nykaa के चीफ़ फाइनेंस ऑफिसर अरविंद अग्रवाल ने दिया इस्तीफा

By रविकांत पारीक
November 23, 2022, Updated on : Thu Nov 24 2022 10:53:11 GMT+0000
Nykaa के चीफ़ फाइनेंस ऑफिसर अरविंद अग्रवाल ने दिया इस्तीफा
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नायका (Nykaa) ब्रांड की पैरेंट कंपन FSN E-commerce Ventures Limited के चीफ़ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) अरविंद अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.


अग्रवाल, जुलाई, 2020 में नायका से जुड़े थे. वह उन प्रबंधकीय कर्मियों (केएमपी) में शामिल थे, जिन्होंने कंपनी के IPO को संभाला था. अग्रवाल के पास करीब दो दशकों का अनुभव है. नायका में आने से पहले वह अगस्त 2017 से जून 2020 तक का अमेजन इंडिया में थे. इसके पहले पांच साल वोडाफोन इंडिया में काम किया था.


नायका ने शेयर बाजार के साथ जानकारी साझा करते हुए बताया, "एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स लिमिटेड के सीएफओ अरविंद अग्रवाल डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप सेक्टर में अन्य अवसरों को तलाशने के लिए 25 नवंबर, 2022 को कंपनी छोड़ रहे हैं."


एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स की फाउंडर और चेयरपर्सन फाल्गुनी नायर (Falguni Nayar) ने कहा, "अरविंद ने नायका के एक सूचीबद्ध और लाभदायक स्टार्टअप के रूप में उभरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई."


कंपनी ने कहा है कि वह नया CFO नियुक्त करने की प्रक्रिया में है.


वहीं, अरविंद अग्रवाल ने कहा कि नायका के साथ अब तक की यात्रा का अविश्वसनीय रही है. इसका हिस्सा बनना बहुत अच्छा रहा है. मैं नायका को बहुत शुभकामनाएं देता हूं.


अब अगर FSN के शेयरों की बात करें तो मंगलवार को शेयरों में 5% तक की गिरावट देखी गई. मंगलवार को बाजार बंद होने पर Nykaa के शेयर 174.95 पर बंद हुए. इसी के साथ नायका के लगभग 1.8 करोड़ शेयर ब्लॉक डील के माध्यम से लाइटहाउस द्वारा बेच दिए गए. प्राइवेट इक्विटी प्लेयर ने ब्लॉक डील के जरिए FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स में 335 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.


आपको बता दें कि पिछले साल यानी 2021 में 10 नवंबर को ही शेयर की लिस्टिंग हुई थी. इस साल 10 नवंबर को शेयर का एक्स-बोनस डेट भी था. खास बात यह है कि इसी दिन प्री-IPO निवेशकों के लिए वन ईयर लॉक इन खत्म हो गया. 2022 में अबतक करीब 50 फीसदी तक टूट चुका है. 


लॉक इन खत्म होने के बाद 67% हिस्सेदारी बिक्री के लिए खुल गई थी. इसके बाद बड़ी संख्या में विदेशी निवेशकों और प्री-लॉक इन इन्वेस्टर्स ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है. 12 नवंबर, 2022 के मुताबिक, कंपनी की शेयरहोल्डिंग में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 52.36%, म्यूचुअल फंड 2.16% और FPIs के पास 6.16% की हिस्सेदारी है. शेयर के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा है. वहीं एक साल के दौरान स्टॉक में निवेशकों ने अपनी आधी से ज्यादा रकम गंवा दी है.

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