ओडिशा के छात्रों ने NASA चैलेंज 2021 में भारत का परचम लहराने के लिए बनाया खास रोवर

14 से 19 वर्ष की आयु के छात्रों का ये ग्रुप नासा के एक्सप्लोरेशन चैलेंज में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।
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ओडिशा के कटक के नवोन्मेष प्रसार स्टूडेंट एस्ट्रोनॉमी टीम (Navonmesh Prasar Student Astronomy Team - NaPSAT) के 10 छात्रों की एक टीम ने एक रोवर डिजाइन किया है जिसे नासा ह्यूमन रोवर एक्सप्लोरेशन चैलेंज 2021 (NASA Human Rover Exploration Challenge 2021) में पेश किया जाएगा। 14 से 19 वर्ष की आयु के छात्रों का ये ग्रुप नासा के एक्सप्लोरेशन चैलेंज में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।

आपको बता दें कि NaPSAT टीम को बीते साल 6 नवंबर को अपना चयन पत्र मिला था।

टीम के अनुसार, रोवर को चंद्रमा मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया है जहां पहली महिला और अगले आदमी को भेजा जाएगा।

“रोवर को आर्टेमिस मिशन 2024 (चंद्रमा मिशन) के लिए डिज़ाइन किया गया है जहां पहली महिला और अगले आदमी को चंद्रमा पर भेजा जाएगा। रोवर विभिन्न प्रकार के मार्शन टेरिन्स पर उड़ान भरने में सक्षम है, “ NaPSAT टीम के एक सदस्य ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, सदस्य ने आगे कहा कि टीम ने प्रोजेक्ट पर कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान आठ महीनों तक अविश्वसनीय रूप से कड़ी मेहनत की है। रोवर पूर्णता के अधिकतम प्रयास के साथ निर्मित किया गया है और इसे NaPSAT 1.0 नाम दिया गया है। भारत को नासा से पुरस्कार दिलाने के उद्देश्य से इस परियोजना को डिजाइन किया गया है। हालांकि, टीम कोविड-19 महामारी के कारण अलबामा की यात्रा नहीं कर पाएगी।

आपको बता दें कि NaPSAT भुवनेश्वर स्थित नवोन्मेष प्रसार फाउंडेशन की एक पहल है, यह टीम इंजीनियर अनिल प्रधान और वैशाली शर्मा के दिमाग की उपज है। यह टीम Young Tinker और फाउंडेशन द्वारा संचालित है।

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