दिल्ली प्रदूषण: कल से प्राइमरी स्कूल बंद करने का एलान, एयर प्यूरीफायर की बिक्री बढ़ी

By Prerna Bhardwaj
November 04, 2022, Updated on : Fri Nov 04 2022 12:10:56 GMT+0000
दिल्ली प्रदूषण: कल से प्राइमरी स्कूल बंद करने का एलान, एयर प्यूरीफायर की बिक्री बढ़ी
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 अंकों के स्तर में 487 तक पहुंच गया. यह इस बात का संकेत है कि प्रदूषण की स्थिति गंभीर है जो सेहतमंद लोगों को भी प्रभावित कर सकती है तथा बीमार लोगों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है.


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार को सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर 426 था.


इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 5 नवंबर से प्रदूषण की स्थिति में सुधार होने तक दिल्ली के सभी प्राइमरी स्कूल बंद करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऑड-ईवन लागू करने पर विचार चल रहा है, अगर जरूरत हुई तो इसे शुरू किया जाएगा. संभावना जताई जा रही है कि अगले 24 घंटे में इस पर फैसला हो सकता है.उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि उत्तर भारत को पॉलूशन से बचाने के लिए कदम उठाए जाएं.


यूं तो प्रदूषण नियंत्रण को लेकर देश में कई कानून लागू हैं, लेकिन उनके अनुपालन में शायद ही गंभीरता दिखाई जाती है. तय मानकों के अनुसार, हवा में पीएम की निर्धारित मात्रा अधिकतम 60-100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए, किंतु यह साल के अधिकांश समय यह 300-400 के पार रहने लगी है.


वाहनों के धुएं से लेकर आर्थिक गतिविधियों की प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका है, लेकिन सर्दियों में प्रदूषण का सितम बढ़ाने में पराली यानी धान का अवशेष जलाने की घटनाओं का योगदान भी होता है. हवा की गति का कम होना, दिवाली पर नियमों का उलन्घन्न कर पटाखे जलाए जाना इत्यादि प्रदूषण को इस स्तर तक बढाने में ज़िम्मेदार हैं.


जब लग्जरी उत्पाद मानी जाने वाली चीज़ें ज़रूरत बन जाए तब समझ लेना चाहिए कि हालात बहुत ख़राब हो चुके हैं. दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचने के साथ ही दिल्ली में एयर प्यूरीफायर की ज़रूरत महसूस होने लग गई है. एक्यूआई यदि 400 से अधिक हो, तो उसे ‘गंभीर’ माना जाता है और यह स्वस्थ लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है और पहले से बीमार व्यक्तियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है. दिल्ली में प्रदूषण ख़तरनाक स्तर पर पहुंचने के साथ सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. खबरों के मुताबिक़, दिल्ली में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान एयर प्यूरीफायर की बिक्री में भारी उछाल आया है और इनकी बिक्री तेज हो गई है. दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा जैसे प्रमुख शहरों के खरीदार घरों में एयर प्यूरीफायर अब दिखने लग गई है.


Edited by Prerna Bhardwaj