मुफ्त में 3500 छात्रों को गणित पढ़ा रहे हैं ये सरकारी शिक्षक, क़तर और ओमान समेत कई देशों के छात्र भी ले रहे हैं क्लास

पंजाब के भटिंडा के रहने वाले 43 वर्षीय शिक्षक संजीव कुमार ने बीते साल ही लॉकडाउन लागू होने के साथ जरूरतमंद छात्रों के लिए गणित की मुफ्त ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी थीं। संजीव खुद एक सरकारी शिक्षक हैं और पिछले करीब 17 सालों से छात्रों को गणित पढ़ा रहे हैं।
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बीते साल कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ ही लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन ने छात्रों की शिक्षा को भी ऑनलाइन मोड पर ला दिया, हालांकि इसे लेकर देश भर के तमाम हिस्सों में छात्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ा, जिनमें घर में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल जैसी इलेक्ट्रिक डिवाइस का न होना या फिर महामारी के चलते बने हालात के चलते ऑनलाइन शिक्षा के लिए आवश्यक फीस का इंतजाम ना कर पाने जैसे कारक शामिल रहे।

इस बीच पंजाब के एक शिक्षक ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खुद आगे आकर उन्हें अपने खर्चे पर ऑनलाइन पढ़ाने का जिम्मा उठाने का काम किया और आज करीब 35 सौ से अधिक छात्र उनके इस कदम के चलते मुफ्त में गणित की शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं।

पंजाब के भटिंडा के रहने वाले 43 वर्षीय शिक्षक संजीव कुमार ने बीते साल ही लॉकडाउन लागू होने के साथ जरूरतमंद छात्रों के लिए गणित की मुफ्त ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी थीं। संजीव खुद एक सरकारी शिक्षक हैं और पिछले करीब 17 सालों से छात्रों को गणित पढ़ा रहे हैं।

दूसरे देशों के छात्र भी ले रहे हैं क्लास

पहल शुरू होने के करीब डेढ़ साल बाद आज आलम यह है कि संजीव कुमार कक्षा 8वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक के करीब 35 सौ से अधिक छात्रों को गणित की ऑनलाइन क्लास दे रहे हैं। भारत के अलावा कई अन्य देशों के छात्र भी संजीव कुमार से गणित की क्लास ले रहे हैं।

प्रतीकात्मक चित्र (साभार: Quartz)

देश की बात करें तो अधिकांश छात्र तमिलनाडु, केरल और जम्मू-कश्मीर से हैं, जबकि विदेश की बात करें तो संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, मलेशिया, ओमान, क़तर और सऊदी अरब जैसे देशों के छात्र सजीव से ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

बीते साल मार्च में शुरू हुई यात्रा

संजीव कुमार ने अपनी गणित की ऑनलाइन क्लास को बीते साल मार्च में शुरू किया था, तब वह महज 50 छात्रों को पढ़ाते थे। बेहद कम समय में ही संजीव लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए और उनके पास तमाम छात्रों के मैसेज भी आने लगे। इस शुरुआत के कुछ ही दिनों के भीतर संजीव से ऑनलाइन पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 700 के पार पहुँच चुकी थी।

अप्रैल में शिक्षण सत्र खत्म होने के बाद वो 700 छात्र अलग हुए और उसके ठीक बाद अन्य 17 सौ के करीब छात्रों ने संजीव से गणित की ऑनलाइन क्लास लेनी शुरू कर दी और फिर यह आंकड़ा लगातार बढ़ता ही रहा। संजीव का मानना है कि वह इस प्रयास के जरिये सरकारी शिक्षकों के लिए बनी हुई उस धारणा को तोड़ना चाहते हैं, जहां यह माना जाता है कि सरकारी शिक्षक वेतन लेकर भी कुछ काम नहीं करते हैं।

लिया Zoom का प्रीमियम प्लान

संजीव छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ा सकें इसके लिए उन्होंने Zoom का प्रीमियम प्लान लिया हुआ है। संजीव छात्रों से किसी भी तरह की फीस नहीं लेते हैं, जबकि इस दौरान ऑनलाइन क्लास के संचालन में उन्हें लगभग खुद से 20 हज़ार रुपये हर महीने खर्च करने पड़ जाते हैं।

ऑनलाइन क्लास के संचालन के लिए संजीव दो लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं, जहां एक लैपटॉप में Zoom चलता है, जबकि दूसरे लैपटॉप में वह नोट्स रखते हैं। संजीव के ये सेशन हर रोज़ शाम 4 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक चलते रहते हैं। इतना ही नहीं, संजीव अपने हर सेशन के नोट्स बनाकर उन्हें पीडीएफ़ फाइल के जरिये छात्रों को मुहैया कराते हैं ताकि छात्रों में किसी भी तरह की कन्फ़्यूजन ना रहे।

Edited by Ravi Pareek

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