PwC सर्वे में भारतीय CEOs ने कहा, “भारत में छंटनी के आसार नहीं”

By yourstory हिन्दी
January 18, 2023, Updated on : Thu Jan 19 2023 05:38:15 GMT+0000
PwC सर्वे में भारतीय CEOs ने कहा, “भारत में छंटनी के आसार नहीं”
PwC (प्राइसवाटरहाउसकूपर्स) के एक ग्‍लोबल सर्वे में दुनिया के कुल 105 देश शामिल हैं.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

इन दिनों जब पूरी दुनिया पर मंदी का संकट गहरा रहा है, बड़े पैमाने पर छंटनी की भविष्‍यवाणी की जा रही है, रोज पूरी दुनिया में तकरीबन 1600 लोगों की नौकरियां जा रही हैं, ऐसे में PwC यानि प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (PricewaterhouseCoopers) के एक ग्‍लोबल सर्वे में शामिल भारतीय CEOs ने कहा है कि भारत में छंटनी के हालात नहीं पैदा होंगे. उल्‍टे यहां लोगों की सैलरी हाइक भी हो सकती है.


वैश्विक हालात को देखते हुए भारत को जरूर कुछ परेशानियों की सामना करना पड़ सकता है, लेकिन फिर भी दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के मुकाबले हमारी स्थिति मजबूत है.   


PwC विभिन्‍न फर्मों की एक इंटरनेशनल प्रोफेशनल ब्रांड सर्विस है. यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पेशेवर सर्विस नेटवर्क है. डेलॉइट, ईवाई और केपीएमजी जैसी बड़ी फर्म के साथ PwC की गणना होती है. यह दुनिया के 157 देशों में, 742 शहरों में काम करता है.  


पिछले दिनों PwC ने दुनिया भर की 700 से ज्‍यादा इंडस्‍ट्रीज के बोर्ड मेंबर्स और टॉप ऑफिशियल्‍स का एक सर्वे रिलीज किया. इस सर्वे में शामिल हुए 50 फीसदी से ज्‍यादा टॉप अधिकारियों ने कहा कि वे कर्मचारियों की संख्‍या कम करने की योजना पर काम कर रहे हैं. यानि उनकी कंपनी में छंटनी हो रही है या हो सकती है. 52 फीसदी का कहना था कि उनके यहां हायरिंग की प्रक्रिया पूरी तरह फ्रीज हो चुकी है.


PwC के इस 26वें वार्षिक ग्लोबल सर्वे में दुनिया के 105 देशों के कुल 4,410 सीईओ ने हिस्‍सा लिया है, जिसमें भारत के कुल 68 सीईओ शामिल हैं. PwC के इस सर्वे में शामिल 85 फीसदी इंडियन सीईओ का कहना है कि उनकी कंपनी में छंटनी किए जाने की कोई प्‍लानिंग नहीं है. इतना ही नहीं, 96 फीसदी सीईओ का कहना है कि उनके यहां कर्मचारियों के वेतन में कटौती की भी कोई योजना नहीं है. 


PwC सर्वे में शामिल 78 फीसदी सीईओ का मानना है कि आने वाले 12 महीनों में वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था की विकास की रफ्तार में कमी आएगी. हालांकि 57 फीसदी ने भारत की अर्थव्यवस्था के बढ़ने की उम्मीद जताई है.


layoff.fyi की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में दुनिया भर की एक हजार से ज्‍यादा कंपनियों ने 1,54,336 कर्मचारियों की छंटनी की थी. इस साल की शुरुआत भी कोई पॉजिटिव नहीं रही है. पूरी दुनिया से रोज किसी ने किसी कंपनी से छंटनी की खबरें आ रही हैं. आज ही माइक्रोसॉफ्ट में ले-ऑफ किए जाने की खबर सुर्खियों में है.


Edited by Manisha Pandey