सभी जिलों में महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र स्थापित करेगी राजस्थान पुलिस

सभी जिलों में महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र स्थापित करेगी राजस्थान पुलिस

Wednesday December 25, 2019,

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राजस्थान के सभी जिलों में स्थापित होंगे महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र। आगामी 1 जनवरी से होगा महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्रों का शुभारंभ।

राजस्थान में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने व उन्हें आत्म रक्षा में सशक्त बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस प्रदेश के सभी जिलों में नए साल से ‘महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र’ स्थापित करने जा रही है।


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प्रतीकात्मक चित्र



पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने इस संबंध में सभी रेंज महानिरीक्षक व जिला पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।


डॉ. सिंह ने बताया,

समस्त राजस्थान में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें आत्म रक्षा हेतु सशक्त बनाने, अपने अधिकारों व कानून के बारे में सजग करने तथा महिला अपराधों में कमी लाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस द्वारा एक जनवरी 2020 से ‘महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र’ शुरू किए जाएंगे।



महानिदेशक ने बताया कि इन केंद्रों पर कोई भी कामकाजी, गृहिणी महिला, अध्ययनरत बालिका, शिक्षण संस्थाएं व अन्य संस्थाएं अपनी संस्था की महिलाओं एवं बालिकाओं का नामांकन करा सकते है। जो अभिभावक अपनी बच्चियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दिलवाना चाहते हैं वह निर्धारित केंद्रों पर नामांकन करवा सकते हैं।


उन्होंने बताया,

यह आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम सात दिवसीय होगा, जिसमें मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा जो पूर्णतया नि:शुल्क है।

7 दिन के प्रशिक्षण के लिए 31 दिसंबर तक होंगे रजिस्ट्रेशन

यह आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम सात दिवसीय होगा। इसमें मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा जो पूर्णतया नि:शुल्क रहेगा। इन केंद्रों पर आगामी 31 दिसम्बर से तक रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। हालांकि इस समय अवधि में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने की स्थिति में भी प्रशिक्षण अवधि में करवाया जा सकेगा।


आपको बता दें कि नवंबर 2017 में केन्द्र की मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए इस नई योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत देश के 640 जिलों को जिला स्तरीय महिला केंद्र के माध्यम से कवर किए जाने की योजना थी। ये केंद्र महिला केंद्रित योजनाओं को महिलाओं तक सुविधाजनक तरीके से पहुंचाने के लिए गांव, ब्लॉक और राज्य स्तर के बीच एक कड़ी के रूप में काम करेंगे और जिला स्तर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को भी मजबूत करेंगे।


इस योजना की सफलता के लिए, कॉलेज के छात्र स्वयंसेवकों के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ाया जाना है।


(Edited by रविकांत पारीक )