कई हफ्तों से लगातार भाग रहे शेयर बाजार की तेजी पर लगा ब्रेक, इन 3 वजहों से लाल निशान में पहुंचा सेंसेक्स

शेयर बाजार में करीब दो महीने पहले शुरू हुई तेजी अब रुकती सी लग रही है. जानिए आखिर क्यों सेंसेक्स-निफ्टी ने निवेशकों को टेंशन देनी शुरू कर दी है.
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पिछले करीब दो महीनों में शेयर बाजार में तगड़ी तेजी देखने को मिली है. 17 जून से सेंसेक्स ने ऐसी तेजी रफ्तार पकड़ी कि वह रुकने का नाम नहीं ले रही थी. 51 हजार से लेकर सेंसेक्स 58 हजार तक जा पहुंचा. वहीं 27 जुलाई से तो बाजार हर दिन लगातार चढ़ता ही जा रहा था, लेकिन आज यानी 3 जुलाई को बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है. यह दबाव कोई मामूली नहीं है, बल्कि ग्लोबल है. दरअसल, चीन और अमेरिका के बीच ताइवान को लेकर बढ़ी चिंता के चलते शेयर बाजार पर दबाव दिख रहा है. वहीं अलीबाबा के खराब नतीजों का अनुमान इस दबाव को बढ़ाने का काम कर रहा है. इतना ही नहीं, रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट बढ़ाए जाने की भी आशंका है, जिसने डर पैदा कर दिया है.

ताइवान को लेकर चीन-अमेरिका आमने सामने

अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी मंगलवार की शाम ताइवान की राजधानी ताइपे पहुंच गईं. उनके प्लेन को सुरक्षा देने के लिए अमेरिकी सेना के करीब दो दर्जन फाइटर प्लेन साथ चल रहे थे. चीन ने पहले से ही ताइवान में लड़ाकू विमान तैनात किए थे, लेकिन चीन की धमकी के बावजूद नैंसी पेलोसी ताइवान जा पहुंची हैं. ऐसे में अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इससे दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति बन सकती है. यही वजह है कि मंगलवार को कई एशियाई शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला. हैंग-सेंग में 2.36 फीसदी की गिरावट देखी गई, जबकि चीन के शांघाई कंपोजिट में भी 2.26 फीसदी की गिरावट आई. जापान का निक्केई भी 1.42 फीसदी गिर गया. सेंसेक्स भी मंगलवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ और आज तो यह 300 अंक से भी अधिक गिर चुका है.

फिर से रेपो रेट बढ़ा सकता है रिजर्व बैंक

पिछले कुछ महीनों में रिजर्व बैंक ने दो बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है. पहली बार रेपो रेट 40 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया गया और दूसरी बार इसमें 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की गई. अब रेपो रेट 4.90 फीसदी हो चुका है. शुक्रवार को रिजर्व बैंक की बैठक खत्म होगी और उम्मीद की जा रही है एक बार फिर से रेपो रेट बढ़ेगा. माना जा रहा है कि यह बढ़ोतरी 35-40 बेसिस प्वाइंट की हो सकती है. इस आशंका ने भी शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है.

अलीबाबा को हो सकता है भारी नुकसान

चीन-अमेरिका तनाव के बीच चीन से एक और बुरी खबर आ रही है. इस बार अलीबाबा को नुकसान होने के अनुमान लगाया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की लिस्टिंग के बाद यह पहली बार होगा जब साल दर साल तिमाही नतीजों में कंपनी की कमाई गिरेगी. ये सब उस वक्त हो रहा है जब पहले ही सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने अलीबाबा को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट करने की चेतावनी दी हुई है. ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी का ऑडिटिंग प्रोसेस पब्लिक कंपनी अकाउंटिंग ओवरसाइट बोर्ड की तरफ से पूरा नहीं किया जा सका है. जिन कंपनियों का ऑडिट लगातार 3 साल तक हो पाता है, उन्हें डिलिस्ट की जाने वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल कर लिया जाता है.

संभल कर करें निवेश

अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं तो अभी थोड़ा संभलने की जरूरत है. इन दिनों शेयर बाजार दबाव में है. थोड़ा रूकना सही रहेगा और तमाम फैक्टर्स को देखते हुए बाजार की चाल समझने की कोशिश करनी होगी. अगर फिर भी आप निवेश करना ही चाहते हैं तो पहले किसी स्टॉक मार्केट के विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें, ताकि आपको नुकसान ना झेलना पड़े.

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