Startups fight COVID-19: रिमोट मॉनिटरिंग सलूशन पर काम कर रहा है गुरुग्राम स्थित AI स्टार्टअप Staqu

गुरुग्राम स्थित Staqu ने भारत को JARVIS के जरिए कोविड-19 की पहली लहर से लड़ने में मदद की थी। यह सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ाने वाले लोगों की पहचान करता था। कोरोना की प्रचंड दूसरी लहर के बीच, यह स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों को सुरक्षित रखने में मदद करने के लिए रिमोट मॉनिटरिंग सलूशन पर काम कर रहा है।
0 CLAPS
0

जब भारत ने 2020 में COVID-19 के खिलाफ लड़ाई छेड़ी थी तो कई स्टार्टअप्स मदद के लिए सबसे आए। इन्होंने बेहतर रोकथाम, निदान और उपचार के लिए टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद की। ऐसा लग रहा था कि हम SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ युद्ध जीत रहे थे, लेकिन फिर इसकी घातक दूसरी लहर ने पूरे भारत में कोहराम मचा दिया।

गुरुग्राम स्थित AI और टेक्नोलॉजी सलूशन प्रदाता Staqu Technologies का मानना है कि यह एक साथ आने, अवसरों को खोजने और घातक वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ने का समय है।

फोटो साभार: Staqu

2015 में अतुल राय, चेतन रेक्सवाल, अनुराग सैनी, और पंकज शर्मा द्वारा स्थापित, Staqu ने अपने एआई-आधारित वीडियो एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म 'ज्वाइंट एआई रिसर्च फॉर वीडियो इंस्टैंस एंड स्ट्रीम्स' (JARVIS) को अधिक आधुनिक बनाते हुए इसे मोडीफाई किया।

अब तक यह मुख्य रूप से सुरक्षा उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि नियम तोड़ने वालों /या हिंसा का पता लगाना, लेकिन JARVIS, कोरोनावायरस महामारी के मद्देनजर, COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपायों को लागू करने में भी मदद करता था। इसमें सोशल डिस्टेसिंग नियमों को तोड़ने वाले, मास्क न पहनने वाले या COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वाले लोगों की पहचान करना शामिल था।

37 डिग्री सेल्सियस से अधिक बॉडी टेम्परेचर वाले लोगों का पता लगाने के लिए प्रोडक्ट को थर्मल कैमरों के साथ इंटीग्रेट किया गया था। यदि किसी व्यक्ति का बॉडी टेम्परेचर असामान्य पाया जाता है या कोई कोरोना नियमों की उपेक्षा करता है तो यह ऐप के माध्यम से एक अलर्ट देगा।

संस्थापकों ने अब प्रोडक्ट को इस तरह से डेवलप किया है जो लोगों की दैनिक स्वच्छता गतिविधियों जैसे कि हैंडवाशिंग और घरेलू काम जैसे साफ सफाई आदि को ट्रैक करता है अलर्ट भेजता है।

दूसरी लहर से लड़ना

YourStory से बात करते हुए, स्टैकू के सह-संस्थापक अतुल राय कहते हैं, COVID-19 की पहली लहर के इनोवेशन के दौरान ज्यादातर रोकथाम और पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। हालांकि, अब वायरस के म्यूटेशन और तेजी से फैलने, चिकित्सा बुनियादी ढांचे पर बोझ बढ़ने व अस्पतालों पर संकट से साथ स्थिति बदल गई।

अतुल कहते हैं, "हम मरीजों की मैनुअल मॉनिटरिंग की जरूरत को कम करने के लिए रिमोट कैमरों का इस्तेमाल कर मरीज की मॉनिटरिंग के लिए नए उपाय खोज रहे हैं।" उन्होंने कहा कि महामारी की तीसरी लहर आने की सबसे अधिक संभावना है, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मॉनिटरिंग सलूशन जरूरी हो जाएगा क्योंकि संक्रमण बढ़ रहा है।

अतुल कहते हैं कि वर्तमान में स्टार्टअप कुछ डॉक्टरों और अस्पतालों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि उनकी आवश्यकताओं को समझा जा सके।

JARVIS का विस्तार

सह-संस्थापक बताते हैं कि उनके सलूशन को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक, फार्मा और फूड टेक शामिल हैं। यह वर्तमान में 15 से अधिक ब्रांडों के साथ काम करता है, जिसमें रेबल फूड्स, पिरामल और मैरिको शामिल हैं।

JARVIS संगठनों को यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि कार्यकर्ताओं द्वारा COVID-19 नियमों का पालन किया जा रहा है। यह भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग, शरीर का तापमान, स्वच्छता और बहुत कुछ जैसे मापदंडों को ट्रैक करता है, और किसी भी असामान्यताओं के मामले में अलर्ट भेजता है।

2020 में, स्टार्टअप ने JARVIS स्ट्रीमर ऐप लॉन्च किया, जो यूजर्स को साइट से सीधे वीडियो स्ट्रीम करने और उन्हें बिना रिमोट थर्मल कैमरा के अपने मोबाइल फोन एक्सेस करने में सक्षम बनाता है।

अतुल कहते हैं, “जारविस साइट से लाइव-स्ट्रीमिंग भी सक्षम करता है; इसे मोबाइल फोन के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। COVID-19 के बीच स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण कारक है, ऐसे में यह टेक्नोलॉजी क्लाइंट्स को दूर से स्थिति की निगरानी करने में मदद करेगी।” 

Latest

Updates from around the world