स्टार्टअप इकोसिस्टम का समर्थन करने के लिए राज्यों की रैंकिंग की गई घोषित

By yourstory हिन्दी
September 12, 2020, Updated on : Sat Sep 12 2020 09:31:30 GMT+0000
स्टार्टअप इकोसिस्टम का समर्थन करने के लिए राज्यों की रैंकिंग की गई घोषित
वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वर्चुअल समारोह के माध्यम से आज स्टार्टअप पारितंत्र के लिए समर्थन पर राज्यों की रैकिंग के दूसरे संस्करण के परिणाम जारी किए।
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वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वर्चुअल समारोह के माध्यम से आज स्टार्टअप पारितंत्र के लिए समर्थन पर राज्यों की रैकिंग के दूसरे संस्करण के परिणाम जारी किए। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री और नागरिक विमानन, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश उपस्थित रहे।


उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने और स्टार्टअप पारितंत्र के सन्दर्भ में सक्रियता से काम करने के लिए राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग के दूसरे संस्करण का संचालन किया। कार्यक्रम की परिकल्पना इस रूप में की गई है कि इससे राज्यों की क्षमता का विकास होगा, राज्य आपसी सहयोग के जरिये अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित होंगे तथा इससे नीति निर्माण और कार्यान्वयन में सहायता मिलेगी।


राज्य स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क 2019 में 7 व्यापक सुधार क्षेत्र हैं,जिसमें 30 कार्य बिंदु (एक्शन पॉइंट) हैं। इन कार्य बिन्दुओं में शामिल हैं- संस्थागत समर्थन, आसान अनुपालन, सार्वजनिक खरीद मानदंडों में छूट, इन्क्यूबेशन समर्थन, सीड फंडिंग सहायता, उद्यम अनुदान सहायता और जागरूकता एवं आउटरीच। रैंकिंग प्रक्रिया में एकरूपता स्थापित करने और मानकीकरण सुनिश्चित करने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दो समूहों में विभाजित किया गया है। दिल्ली को छोड़कर सभी संघ शासित क्षेत्र और असम को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी राज्य श्रेणी वाई में रखे गए हैं। वहीं अन्य राज्यों और संघ शासित क्षेत्र दिल्ली को श्रेणी एक्स में रखा गया है।


इस प्रक्रिया में कुल 22 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया। स्टार्टअप परितंत्र के स्वतंत्र विशेषज्ञों वाली एक मूल्यांकन समिति ने विभिन्न मापदंडों पर प्रतिक्रियाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। कई मापदंडों के तहत लाभार्थियों से सीधी प्रतिक्रिया प्राप्त की गयी। कार्यान्वयन स्तर पर वास्तविकता का पता लगाने के लिए लाभार्थियों को 11 अलग-अलग भाषाओं में 60,000 से अधिक कॉल किये गए।

(चित्र साभार: ट्विटर)

(चित्र साभार: ट्विटर)




रैंकिंग के उद्देश्य से, राज्यों को 5 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला, उत्तम प्रदर्शन, अग्रणी (लीडर), आकांक्षी अग्रणी और उभरता हुआ स्टार्टअप पारितंत्र। हर श्रेणी में इकाइयों को वर्ण माला के क्रम में रखा गया है। राज्यों को स्टार्टअप्स के समर्थन के 7 सुधार क्षेत्रों में अग्रणी के रूप में भी मान्यता दी गई है। इसके परिणाम नीचे संलग्न हैं।


राष्ट्रीय रिपोर्ट को जारी किए जाने के साथ एक अभिनंदन समारोह भी हुआ, जिसमें विजन, प्रक्षेपवक्र, पद्धति और राज्यों की रैंकिंग प्रक्रिया के लिए भविष्य के रोडमैप पर प्रकाश डाला गया। सभी 25 प्रतिभागी राज्यों के लिए एक राज्य केन्द्रित रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें संबंधित पारितंत्र समग्र विश्लेषण शामिल था। इसमें भविष्य के लिए मजबूत और प्राथमिक क्षेत्रों को रेखांकित किया गया।


स्टार्टअप्स के समर्थन में विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाए गए ‘अच्छे अभ्यासों के संकलन’ को भी जारी किया गया। इसमें 166 अच्छे अभ्यासों की पहचान की गई, जिन्हें नई पहलों की पहचान और कार्यान्वयन के लिए राज्यों द्वारा सीधे उपयोग किया जा सकता है।


सत्र के दौरान सभी प्रतिभागी राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों के लिए पेश की गईं राष्ट्रीय रिपोर्ट और विशिष्ट रिपोर्टों को स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।


इस अवसर पर अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने कहा कि स्टार्टअप्स की अलग सोच होती है और वे समाधान केन्द्रित होते हैं, जो नए विचारों की खोज करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने के लिहाज से प्रशंसक और समर्थन देने वाले रहे हैं, जो रोजगार पैदा करने, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और लोगों की संपन्नता के लिए अहम हैं।





केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स में सहयोग, सहभागिता और प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहन देने के लिए केन्द्र और राज्य साथ आए हैं, जो एक अहम घटनाक्रम है। स्टार्टअप्स को प्रतिभा, ज्ञान और विचारों का भंडार बताते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस रैंकिंग से न सिर्फ राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों को, बल्कि उद्यमियों को भी सहायता मिलेगी। इसके साथ ही स्टार्टअप्स के विस्तार और नए उपक्रमों की शुरुआत में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने इस तथ्य को भी रेखांकित किया कि महिला उद्यमी स्टार्टअप्स में सक्रिय हैं और यह एक उत्साहजनक संकेत है।


केन्द्रीय मंत्री ने इस तथ्य पर खुशी जाहिर की कि केन्द्र के स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स की तर्ज पर राज्य भी काम कर रहे हैं। उन्होंने अमीरों (ज्यादा निवल संपत्ति वालों), वेंचर कैपिटलिस्ट और अन्य फंड्स को स्टार्टअप्स उपक्रमों को वित्तपोषण के लिए आगे आने का आह्वान किया।


केन्द्रीय मंत्री ने स्टार्टअप्स को कल्पनाशील, प्रासंगिक और नवीन उत्पादों के साथ आगे आने, प्रक्रियाओं की रिइंजीनियरिंग तथा सुधार और अपने आइडियाज को लोगों पर केन्द्रित रखने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी को एक समस्या या चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि भारत की पुनः कल्पना तथा फिर से मजबूत बनाने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। कोविड के दौरान, हमारे स्टार्टअप्स कई अच्छे विचार और देश तथा दुनिया के सामने मौजूद कई समस्याओं के समाधान लेकर सामने आए हैं।


केन्द्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि दुनिया भर के विकसित समाजों ने उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने वाला पारितंत्र और सहभागी समाधान विकसित किए हैं। उन्होंने कहा कि 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक मजबूत स्टार्टअप पारितंत्र आवश्यक है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमारे लोगों की सोच अब नौकरी खोजने वाले से नौकरी प्रदान करने वालों के रूप में परिवर्तित हो रही है।


वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री ने कहा कि रैंकिंग हमारे ऐसे युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिनमें अपना व्यवसाय शुरू करने के कौशल हैं और नए विचार हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा बड़ा पारितंत्र बन गया है।


डीपीआईआईटी सचिव डॉ. गुरुप्रसाद महापात्रा ने कहा कि देश में स्टार्टअप पारितंत्र से 4 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि रैंकिंग सहकारी संघवाद का एक उदाहरण है, जिससे राज्यों की क्षमता निर्माण में सहायता मिलेगी।


(सौजन्य से- PIB_Delhi)