फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने का असर, मंदी के डर से सेंसेक्स 1046 अंक लुढ़का

गुरुवार को बाजार में चौतरफा बिकवाली रही. गिरावट में ज्यादातर योगदान Sensex में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी लि. और एचडीएफसी बैंक के शेयरों का रहा.
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घरेलू शेयर बाजारों(Stock Markets) में गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही. BSE Sensex ने 1,045.60 अंकों का गोता लगाया. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में 0.75 प्रतिशत की भारी वृद्धि के बाद वैश्विक बाजारों में नरमी रही, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा. फेड के रेट्स बढ़ाने से डॉलर के और मजबूत होने और रुपये के कमजोर होने की आशंका है. इसके अलावा कुछ एक्सपर्ट अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने की आशंका भी जता रहे हैं.

गुरुवार को बाजार में चौतरफा बिकवाली रही. गिरावट में ज्यादातर योगदान सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC लि. और HDFC Bank के शेयरों का रहा.

एक वक्त 1116 पॉइंट टूटा था सेंसेक्स

सुबह के कारोबार में अच्छी शुरुआत के बावजूद बीएसई मानक सूचकांक लाभ को कायम रखने में विफल रहा और 1,045.60 अंकों की गिरावट के साथ 51,495.79 पर बंद हुआ. बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही. कारोबार के दौरान यह 1,115.91 अंक तक लुढ़क गया था. सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, विप्रो, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और एनटीपीसी सर्वाधिक नुकसान में रहे. एकमात्र नेस्ले इंडिया का शेयर लाभ में रहा. टाटा स्टील का शेयर 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटा. विप्रो, भारती एयरटेल, टेक महिन्द्रा के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई.

Nifty50 का हाल

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 331.55 अंकों की गिरावट के साथ 15,360.60 पर बंद हुआ. निफ्टी पर नेस्ले इंडिया और ब्रिटानिया टॉप गेनर्स रहे. दूसरी ओर हिंडाल्को, टाटा स्टील, ओएनजीसी, कोल इंडिया और टाटा मोटर्स टॉप लूजर्स रहे. निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं. सबसे ज्यादा 5.24 प्रतिशत की गिरावट मेटल शेयरों में देखी गई.

वैश्विक बाजारों में कैसा रहा रुख

एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में, जबकि जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी मामूली बढ़त में रहे. यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेज गिरावट का रुख था. चूंकि फेडरल रिजर्व की ओर से दर बढ़ाया जाना उम्मीद के अनुरूप था, इसलिए शुरुआती कारोबार में बाजार में बढ़त रही. लेकिन मंदी की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया.

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