अर्थव्यवस्था में MSME का योगदान दोगुना करना चाहती है सरकार, जानें अभी कितना है

वैश्विक MSME सम्मेलन का आयोजन उद्योग मंडल CII; सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम मंत्रालय ने साथ मिलकर किया.

अर्थव्यवस्था में MSME का योगदान दोगुना करना चाहती है सरकार, जानें अभी कितना है

Friday December 02, 2022,

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सरकार ने देश के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम क्षेत्र (MSME) की पूर्ण क्षमता का उपयोग कर अर्थव्यवस्था में योगदान को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है. यह बात हाल ही में केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा (Bhanu Pratap Singh Verma) ने कही है. देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) क्षेत्र का योगदान फिलहाल एक-तिहाई है. एमएसएमई राज्य मंत्री वर्मा ने कहा कि मंत्रालय, एमएसएमई क्षेत्र के समक्ष बाधाओं को दूर कर इस दिशा में काम कर रहा है.

वैश्विक एमएसएमई शिखर सम्मेलन (Global MSME Summit) में वर्मा ने कहा, ‘हमारा एमएसएमई क्षेत्र की क्षमता का पूर्ण रूप से उपयोग कर देश की अर्थव्यवस्था में इसके योगदान को दोगुना करने का लक्ष्य है.’ वैश्विक एमएसएमई सम्मेलन का आयोजन उद्योग मंडल CII; सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME) ने साथ मिलकर किया. इसका उद्देश्य भारतीय एमएसएमई को बढ़ावा देना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार व्यवस्था से जुड़ने को प्रोत्साहित करना है.

PMEGP यूनिट्स का आंकड़ा 1 लाख के पार

वैश्विक एमएसएमई शिखर सम्मेलन के 19वें संस्करण में वर्मा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने वित्त वर्ष 2022 में 1.03 लाख नई विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Services) इकाइयों की स्थापना की सुविधा प्रदान की है. यह आंकड़ा पिछले 14 वर्षों में पहली बार 1 लाख के मार्क को पार कर रहा है. ये इकाइयां रिकॉर्ड हाई 8.25 लाख नौकरियां पैदा कर रही हैं.

बिजनेस स्टैंडर्ड पर ​पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने आगे कहा कि 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान के हिस्से के रूप में शुरू की गई आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत एमएसएमई का समर्थन करने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की घोषणा की गई है. सरकार ने अब इस योजना को मार्च 2023 तक बढ़ा दिया है ताकि एमएसएमई को उनके बिजनेस ऑपरेशंस में सपोर्ट करना जारी रखा जा सके.

2027 तक 1.5 करोड़ MSME कर रहे होंगे ऑनलाइन खरीद-बिक्री

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, वेंचर कैपिटल फर्म एक्सेल के सहयोग से कंसल्टिंग फर्म बैन एंड कंपनी ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2027 तक 1.5 करोड़ से अधिक एमएसएमई ऑनलाइन खरीद और बिक्री कर रहे होंगे. अभी यह आंकड़ा 60 लाख पर है. साथ ही यह भी अनुमान जताया गया है कि ये एमएसएमई 2027 तक 70 लाख से अधिक नौकरियां सृजित करेंगे. यह आंकड़ा अभी 30 लाख पर है.


Edited by Ritika Singh