जानवरों की देखभाल करने के लिए छोड़ दी नौकरी, शेल्टर बनाकर कर रहे सेवा

जानवरों की देखभाल करने के लिए छोड़ दी नौकरी, शेल्टर बनाकर कर रहे सेवा

Tuesday March 05, 2019,

3 min Read

लद्दाख स्थित अपने शेल्टर में दोरजे

हम इंसानों को अगर कुछ हो जाता है तो हम पूरा आसमान सर पर उठा लेते हैं, लेकिन क्या हम कभी उन बेजुबान जानवरों के बारे में सोचते हैं जो कि हमारी ही दुनिया का हिस्सा हैं? वैसे आज के जमाने में तो यही कहा जा सकता है कि जानवरों के जीवन की क्या कीमत। लेकिन आज भी ऐसे कई लोग हैं जो जानवरों की जिंदगी की अहमियत समझते हैं और उनकी देखभाल करने में लगे हुए हैं। लद्दाख के 57 वर्षीय त्सेरिंग दोरजे ऐसे ही इंसान हैं जिन्होंने जानवरों की सेवा के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी।


दोरजे ऐसे जानवरों को सहारा देते हैं जिन्हें या तो आवारा समझ छोड़ दिया जाता है या जिन्हें बूचड़खाने में जगह मिलती है। अपने सफर के बारे में बताते हुए दोरजे कहते हैं, 'मैं गांव के पास वाहन का इंतजार कर रहा था, तभी मैंने पांच छह मिनी ट्रक में जानवरों को लादकर ले जाते हुए देखा। मैंने पास के ही दुकानवाले से पूछा तो उसने कहा कि इन जानवरों को काटने के लिए कारगिल ले जाया जा रहा है। उसने मुझे बताया कि हर रोज ऐसे 8-12 ट्रक भरकर जानवरों को ले जाया जाता है।'


यह जानकर दोरजे का मन द्रवित हो गया। उन्होंने खुद से सवाल किया कि क्या वे इन जानवरों की जिंदगी बचाने के लिए कुछ कर सकते हैं। उन्होंने सोचा कि वे किसी को रोक तो नहीं सकते और न ही किसी को जानवरों की देखभाल करने के लिए कह सकते हैं, लेकिन वे खुद जितना हो सकता है करने की कोशिश करेंगे। यह 2013 की बात है जब दोरजे ने अपने गांव तरू में ही जानवरों के लिए आश्रयस्थल की स्थापना की। आज इस शेल्टर में 70 से भी अधिक जानवर हैं जिनमें भेड़, गाय, गधे और याक समेत कई पहाड़ी जानवर रहते हैं।


दोरजे इन जानवरों को ग्रीष्म ऋतु में चराने के लिए भी ले जाते हैं। आपको बता दें कि शेल्टर खोलने के लिए दोरजे के पास जमीन नहीं थी, लेकिन जानवरों के प्रति उनके प्रेम को देखते हुए गांव के लोगों ने उन्हें अपनी जमीन का एक टुकड़ा दान कर दिया। आसपास के गांव में पहले जहां बूढ़े हो चुके जानवरों को बूचड़खाने वालों को बेच दिया जाता था, लेकिन अब उन्हें दोरजे का सहारा मिल गया है। दोरजे ऐसे जानवरों को गोद ले लेते हैं और अपने शेल्टर में रखकर परवरिश


यह भी पढ़ें: एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद के लिए ज्वैलरी कंपनी की कोशिश आपका दिल जीत लेगी!