एक असफल स्टार्टअप ने कुछ इस तरह किया इन पूर्व फ्लिपस्टर्स को फिनटेक प्लेटफॉर्म PhonePe लॉन्च करने के लिए प्रेरित

आईये जानते हैं PhonePe की यात्रा के बारे में। यह स्टार्टअप 4,71,401 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन के साथ भारत में UPI पेमेंट्स में लगभग 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी का दावा करता है।
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डिजिटल पेमेंट्स की दिग्गज कंपनी फोनपे के बीज 2012 में तब बोए गए थे जब समीर निगम और राहुल चारी ने फ्लिपकार्ट में काम करते हुए म्यूजिक डाउनलोडिंग प्लेटफॉर्म Flyte लॉन्च किया था।

फ्लिपकार्ट ने 2011 में MIME360 के अधिग्रहण के साथ ऑनलाइन म्यूजिक स्टोर बिजनेस में कदम रखा था, जो इन्हीं दोनों द्वारा स्थापित एक डिजिटल मीडिया डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है। हालांकि, वेंचर उम्मीद के मुताबिक नहीं चल पाया और फ्लिपकार्ट को पेमेंट और सूक्ष्म लेनदेन के समाधान की कमी के कारण कारोबार बंद करना पड़ा।

समीर ने पिछली बातचीत में कहा था, "हम म्यूजिक इंडस्ट्री में काम कर रहे थे और इस दौरान एक कड़वे सच का सामना करना पड़ा कि आप म्यूजिक इंडस्ट्री में आसानी से पैसा नहीं कमा सकते हैं।"

सचिन और बिन्नी बंसल के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को "ग्राहक और तकनीक को पहले रखकर" बनाने और विकसित करने के दृष्टिकोण से आश्वस्त होकेर, दोनों ने फ्लिपकार्ट में काम करना जारी रखा। 2014 में बिग बिलियन डे सेल के दौरान पेमेंट सिस्टम और गेटवे की विफलताओं को देखते हुए, दोनों को एक ऐसे प्लेटफॉर्म की आवश्यकता का एहसास हुआ, जो वित्तीय सेवाओं और भुगतान को आसान बनाए। इस बार वे एक ऐसे प्रोडक्ट का निर्माण करना चाहते थे जिसमें टेक्नोलॉजी "सक्षम करने वाले कार्य के रूप में नहीं, बल्कि अस्तित्व के कारण के रूप में" हो।

समीर और राहुल, बुर्जिन इंजीनियर के साथ, 2015 में फोनपे के आइडिया के साथ आए, और 2016 में ऐप लॉन्च किया। फ्लिपकार्ट में उनका अनुभव, जहां उन्होंने कई भूमिकाएं निभाईं, ने उन्हें फोनपे बनाने और डेवलप करने में मदद की, जिससे उन्हें बहुत बड़े बाजार को पहचानने में मदद मिली। ।

अब मौजूदा समय की बात करते हैं। कुछ दिन पहले, PhonePe ने दावा किया था कि उसने एक ही दिन में 100 मिलियन से अधिक ट्रांजेक्शन यानी लेनदेन को प्रोसेस करने का मील का पत्थर हासिल कर लिया है। बेंगलुरु मुख्यालय वाला फिनटेक स्टार्टअप यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर आधारित है, जो कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा विकसित एक तत्काल रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली है।

एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, देश में यूपीआई लेनदेन के मामले में वॉलमार्ट समर्थित स्टार्टअप का सबसे बड़ा हिस्सा है - लगभग 50 प्रतिशत।

रास्ते में सीखे सबक

वे कहते हैं, "म्यूजिक इंडस्ट्री में एक सीख यह थी कि यदि बाजार का आकार काफी बड़ा है, तो आप यहां घूम फिर के सीधे बड़े अवसर पर भी कब्जा कर सकते हैं। दूसरा यह था कि हम बड़े पैमाने के प्लेटफार्मों के निर्माण में बहुत बेहतर थे, और हमने टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में बहुत अधिक आनंद लिया, बड़े पैमाने पर व उच्च-सामाजिक प्रभाव वाले प्लेटफॉर्म जो महान अनुभव सुनिश्चित करते थे, का निर्माण किया।”

समीर ने कहा, "वे IMPS पर बड़े बैंकों के एक समूह के साथ काम करना चाह रहे थे, उस ब्रोकिंग लेयर का निर्माण कर रहे थे जो वास्तव में UPI ही थी।"

भारतीय रिजर्व बैंक और यूपीआई में एनपीसीआई के भरोसे से आश्वस्त होकर, समीर और राहुल ने इसे आजमाने का फैसला किया। समीर ने आश्चर्य व्यक्त किया कि "कुछ पदधारियों ने यूपीआई पर अधिक ध्यान नहीं दिया।"

वे कहते हैं, "यह वास्तव में सिर्फ हम और बैंक थे। शायद लोगों ने नहीं सोचा था कि सभी बड़े बैंक यूपीआई से इतनी जल्दी जुड़ जाएंगे।"

2016 में, Flipkart ने PhonePe का अधिग्रहण किया, जिसके बाद PhonePe की टीम Flipkart में शामिल हो गई, लेकिन स्वतंत्र रूप से काम करना जारी रखा।

नोटबंदी ने 2017 में कंपनी को अधिक यूजर प्राप्त करने और बढ़ने में मदद की - उस वर्ष इसने 10 मिलियन यूजर को पार कर लिया।

समय के साथ, इसने वित्तीय सेवाओं में प्रवेश किया। 2017 से, इसने कई माइक्रोएप्स, बीमा उत्पाद और अन्य पेश किए हैं, जिसमें 24-कैरेट सोना खरीदने का विकल्प भी शामिल है।

महामारी ने पूरे देश में डिजिटल भुगतान में भारी वृद्धि की, और यूजर्स का ध्यान व्यक्ति-से-व्यक्ति से नियमित कॉमर्स पेमेंट में शिफ्ट हो गया।

भविष्य की योजनाएं

आज, इसके 360 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। इनमें से 165 मिलियन मंथली आधार पर एक्टिव हैं। PhonePe 780 बिलियन डॉलर के वार्षिक पेमेंट वैल्यू रन रेट पर हर महीने लगभग 2.5 बिलियन लेनदेन की प्रक्रिया को पूरा करता है।

फिनटेक स्टार्टअप ने देश में 99 प्रतिशत पिन कोड को कवर करते हुए टियर 2,3 और 4 शहरों में फैले 27 मिलियन से अधिक ऑफलाइन व्यापारियों को डिजिटाइज करने का दावा किया है।

इस महीने की शुरुआत में, कंपनी ने कहा कि उसने दिसंबर 2022 तक अपने कर्मचारियों की संख्या को दोगुना करने की योजना बनाई है। इसमें इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट, एनालिटिक्स, बिजनेस डेवलपमेंट और सेल्स टीमों के लिए स्तरों और कार्यों में बैंगलोर, पुणे, मुंबई, दिल्ली और देश के बाकी हिस्सों में 2,800 ओपन जॉब पॉजिशन हैं, जिसका लक्ष्य अगले 12 महीनों में भरना है।

पिछले साल PhonePe की वैल्यू 5.5 अरब डॉलर आंकी गई थी।

Edited by Ranjana Tripathi