कोरोना के इलाज को लेकर फैल रहे हैं ये गलत घरेलू नुस्खे, इन्हें बिल्कुल भी न करें ट्राई

मीडिया से बात करते हुए तमाम डॉक्टरों ने लोगों को ऐसे नुस्खे न अपनाने की सलाह दी है ताकि लोग बेहतर ढंग से अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकें और किसी भ्रम में न रहें। नीचे हम आपको उन्हीं वायरल नुस्खों के बारे में बता रहे हैं जिनसे आपको हर हाल में दूर रहना है।
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बीते कुछ दिनों से देश कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहा है और यह लहर पहली लहर से अधिक जानलेवा और हानिकारक साबित हो रही है। इस दौरान देश भर में डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना प्रभावित मरीजों से सेवा में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ देश ऑक्सिजन और जरूरी दवाओं की कमी का भी सामना कर रहा है। इन सब के बीच इस कठिन समय में सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर वायरल हो रहे फर्जी नुस्खे एक ओर जहां कोरोना संक्रमित मरीजों की हालत और बिगाड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वस्थ नागरिक भी इसके दुष्परिणाम भुगत रहे हैं।

मीडिया से बात करते हुए तमाम डॉक्टरों ने लोगों को ऐसे नुस्खे न अपनाने की सलाह दी है ताकि लोग बेहतर ढंग से अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकें और किसी भ्रम में न रहें। नीचे हम आपको उन्हीं वायरल नुस्खे के बारे में बता रहे हैं जिनसे आपको हर हाल में दूर रहना है।

पुड़िया से ऑक्सिजन?

ट्विटर पर देवशीश पालकर नाम के एक डॉक्टर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके पास मरीज था जिसका ऑक्सिजन लेवल 95 था, हालांकि अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद पता चला कि वह मरीज अपना ऑक्सिजन मास्क हटाकर एक पुड़िया के जरिये कुछ सूंघ रहा था। पुड़िया में कपूर, दालचीनी और अजवाइन था। मरीज ने व्हाट्सऐप के जरिये यह अफवाह पढ़ी थी और उसे ही अपने ऊपर इस्तेमाल कर रहा था।

डॉक्टर देवशीश के अनुसार उस मरीज को फौरन प्रोन पोजिशन में लिटाया गया और वापस मास्क लगाकर ऑक्सिजन सप्लाई बढ़ाई गई, तब 15 मिनट के बाद मरीज सामान्य स्थिति में वापस आ पाया। डॉक्टर देवशीश ने लोगों से भी अनुरोध किया है कि इस तरह की चीजों को मरीजों से दूर ही रखा जाए और किसी भी तरह की लापरवाही ना बरती जाये।

सेंधा नमक और प्याज़!

व्हाट्सऐप के जरिये ही एक ऐसा ही अन्य फर्जी दावा किया गया है जिसमें बताया जा रहा है कि सेंधा नमक के साथ कच्चा प्याज़ खाने से लोग कोरोना संक्रमण से महज 15 मिनट में ठीक हो रहे हैं। सरकार की तरफ से पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने इस बात का खंडन कर इसे फर्जी करार देते हुए बाकायदा ट्वीट भी किया है।

स्वास्थ्य जानकारों ने भी मीडिया से बात करते हुए इस फर्जी दावे का खंडन किया है, उनका कहना है कि सेंधा नमक और प्याज़ के सेवन से कोविड रोगियों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिल सकती है, बल्कि इस तरह समय जाया करने से स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

लहसुन का दावा!

व्हाट्सऐप और ट्विटर के जरिये यह दावा भी किया गया कि लहसुन को उबालकर खाने से कोरोना वायरस से बचाव किया जा सकता है, लेकिन इस बात का कोई भी प्रमाण मौजूद नहीं है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार WHO द्वारा लहसुन को स्वास्थ्यवर्धक जरूर माना गया है लेकिन कोरोना से बचाव को लेकर इससे जुड़ा कोई प्रमाण मौजूद नहीं है, हालांकि एक साथ अधिक लहसुन का सेवन आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है।

एक जरूरी अपील

पूरा देश इस समय कोरोना महामारी का सामना कर रहा है। देश भर में फ्रंटलाइन वर्कर लोगों की जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में इस तरह के मिथक और फर्जी दावों पर विश्वास न सिर्फ आपको परेशानी में डाल देगा बल्कि इससे फ्रंटलाइन वर्कर्स पर भी बोझ और अधिक बढ़ जाएगा। व्हाट्सऐप और ट्विटर के माध्यम से शेयर किए जा रहे दावों की सत्यता जाने बिना उनपर भरोसा कतई न करें और न ही उनका इस्तेमाल करें। किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर संबन्धित डॉक्टर या सरकारी हेल्पलाइन की मदद लें।


Edited by Ranjana Tripathi

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