क्या देश भर में लागू होगी पुरानी पेंशन स्कीम, जानें क्या है यह और कैसे करती है काम

इस स्कीम को 1 अप्रैल 2004 में बंद करके इसे राष्ट्रीय पेंशन योजना (National Pension System) से बदल दिया गया है.

क्या देश भर में लागू होगी पुरानी पेंशन स्कीम, जानें क्या है यह और कैसे करती है काम

Tuesday December 13, 2022,

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केन्द्र सरकार का पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी है. कराड ने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से शुरू करने के अपने फैसले से केंद्र सरकार को और पेंशन निधि नियामक तथा विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को अवगत कराया है.

पंजाब सरकार ने 18 नवंबर 2022 को उन राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम के कार्यान्वयन के संबंध में एक अधिसूचना जारी की, जो वर्तमान में एनपीएस के तहत कवर किए जा रहे हैं.

क्या है पुरानी पेंशन स्कीम

पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन मिलती है. इसके तहत कर्मचारी को अंतिम वेतन के मूल वेतन की 50 प्रतिशत राशि पेंशन के रूप में मिलने का प्रावधान है. हालांकि पेंशन की राशि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत कॉन्ट्रीब्यूटरी है, जो 2004 से प्रभाव में है. इस स्कीम में रिटायर हुए कर्मचारी की मौत के बाद उनके परिजनों को भी पेंशन दी जाती थी. साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के वेतन की तरह, सरकार द्वारा सेवारत कर्मचारियों के लिए घोषित महंगाई भत्ते या डीए में बढ़ोतरी के साथ पेंशनभोगियों के मासिक भुगतान में भी वृद्धि होती है. महंगाई भत्ता या डीए एक प्रकार का एडजस्टमेंट है जो सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को रहने की लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग) में लगातार वृद्धि के लिए देती है.

इस स्‍कीम के जरिये रिटायरमेंट के बाद मेडिकल भत्‍ता और मेडिकल बिलों की रिइम्बर्समेंट की सुविधा भी दी जाती है. इस स्कीम में रिटायर्ड हुए कर्मचारी को 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी की रकम दी जाती है. हालांकि, इस स्कीम को 1 अप्रैल 2004 में बंद करके इसे राष्ट्रीय पेंशन योजना (National Pension System) से बदल दिया गया है.

अंशदान के रूप में जमा राशि लौटाने का प्रावधान नहीं

कराड के मुताबिक, "राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड की राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार/पीएफआरडीए को प्रस्ताव भेजा है कि एनपीएस के तहत सब्सक्राइबर्स की संचित राशि संबंधित राज्य सरकारों को लौटा दी जाए. पंजाब राज्य सरकार से ऐसा कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है. इन राज्य सरकारों के प्रस्तावों के जवाब में पीएफआरडीए ने संबंधित राज्यों को सूचित किया है कि सरकार के और कर्मचारी के अंशदान के रूप में जमा राशि को राज्य सरकार को लौटाने का कोई प्रावधान नहीं है.

इन राज्य सरकारों के प्रस्तावों के जवाब में, PFRDA ने संबंधित राज्यों को सूचित किया है कि "PFRDA (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत निकास और निकासी) विनियम, 2015 के साथ पठित पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013 और अन्य प्रासंगिक विनियमों के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पहले से ही एनपीएस के लिए सरकार के और कर्मचारियों के योगदान के रूप में जमा किए गए पैसों को रिफंड किया जा सकता है और राज्य सरकार को वापस जमा किया जा सकता है."


Edited by Ritika Singh