थाने में बच्चों को पढ़ाते हैं ये पुलिसकर्मी, अब वंचित छात्र भी कर रहे हैं सिविल सेवा की तैयारी

By शोभित शील
February 04, 2022, Updated on : Fri Feb 04 2022 11:49:46 GMT+0000
थाने में बच्चों को पढ़ाते हैं ये पुलिसकर्मी, अब वंचित छात्र भी कर रहे हैं सिविल सेवा की तैयारी
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शिक्षा समाज के साथ ही देश के सम्पूर्ण विकास के लिए सबसे बुनियादी जरूरत है, ऐसे में अगर समाज को आगे बढ़ते रहना है तो जरूरी है कि हर बच्चे तक बेहतर शिक्षा की पहुंच हो। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद अभी भी बड़ी तादाद में बच्चे ऐसे भी हैं जिनकी पहुंच बुनियादी शिक्षा तक भी नहीं है। ऐसे बच्चों को भी शिक्षा का समान अवसर मिल सके इसके लिए मध्य प्रदेश के एक पुलिसकर्मी ने बड़ी ही सराहनीय पहल शुरू की है।


पन्ना जिले के दूरदराज़ के एक गाँव ब्रजपुर में स्थित पुलिस स्टेशन पर एक अध्ययन केंद्र की शुरुआत की गई है और इसी के साथ वहाँ पर बच्चों के लिए एक पुस्तकालय की भी स्थापना की गई है। इस नेक पहल का श्रेय सब इंस्पेक्टर बखत सिंह को जाता है।

बच्चों को शिक्षा के लिए करते हैं प्रेरित

41 साल के सब इंस्पेक्टर बखत सिंह हर रोज़ इन कक्षाओं का संचालन करते हैं, जहां वे कक्षा 4 से आगे के बच्चों के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं व सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों को शिक्षित करने का काम करते हैं।


इस गाँव की आबादी करीब 6 हज़ार है और यह गाँव जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बखत सिंह क्षेत्र के सभी बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और इसी के साथ वे पुलिस स्टेशन में उनके द्वारा स्थापित किए गए पुस्तकालय में रखी हुईं किताबों को पढ़ने के लिए भी कहते हैं। बखत सिंह द्वारा हर रोज़ सुबह 7 बजे से 10 बजे तक इन कक्षाओं का संचालन किया जाता है।


मीडिया से बात करते हुए बखत सिंह ने बताया है कि उस क्षेत्र में अपनी तैनाती के बाद जब उन्होने वहाँ मौजूद अशिक्षा और गरीबी को देखा तो उनके मन में इसे बदलने का ख्याल आया और उन्होने फैसला किया कि वे ‘विद्यादान’ करेंगे। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में मुख्य तौर पर वंचित आदिवासी और दलित समुदाय के लोग रहते हैं, जो मुख्यतः खदानों में काम कर अपनी रोजी रोटी कमाते हैं।

बदल रहे हैं पुलिस की ‘डरावनी’ छवि

आमतौर पर किसी भी थाना परिसर में प्रवेश करने पर आम लोगों को डर लगता है और बखत सिंह लोगों के दिल से पुलिस की इस छवि को मिटाना चाहते हैं। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होने बतौर शिक्षक भी काम किया है और उनके अनुसार साक्षारता और अच्छी नैतिक शिक्षा के साथ समाज में अपराध पर रोक लगाई जा सकती है।


उनके द्वारा थाना परिसर में शिक्षा ग्रहण कर छात्रों ने भी मीडिया को यहा बताया है कि पहले वे थाना परिसर में आने से डरते थे, लेकिन अब बखत सिंह ने इसे बदल दिया है। छात्र उनके पढ़ाने के तरीकों और उनके व्यक्तित्व से खासे प्रभावित हैं।


Edited by Ranjana Tripathi

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