ज्वालामुखी से राख और धुआं निकलने के कारण फिलीपीन में हजारों लोगों को जिंदगी अधर में लटकी

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फिलीपीन में अधिकारियों ने ताल ज्वालामुखी के कई सप्ताह तक लावा और राख निकलने की चेतावनी देने के बाद घर छोड़ने को मजबूर हजारों लोगों की जिंदगी अधर में लटक गई है। ताल के आस पास के क्षेत्र में स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और फिलीपीन स्टॉक एक्सचेंज को सोमवार को एहतियातन बंद रखा गया। करीब 30,000 लोग अभी आश्रय गृह में हैं।


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फोटो क्रेडिट: News State



तनाउन (फिलीपीन), फिलीपीन में अधिकारियों ने ताल ज्वालामुखी के कई सप्ताह तक लावा और राख निकलने की चेतावनी देने के बाद घर छोड़ने को मजबूर हजारों लोगों की जिंदगी अधर में लटक गई है।


ताल ज्वालामुखी से रविवार को राख निकलने, भूंकप के झटकों और गर्जन की आवाज के मद्देनजर आस पास के इलाके को खाली कराया जा रहा है।


अधिकारियों की ‘‘व्यापक विस्फोट’’ की चेतावनी देने के बाद कई लोग घर के सामान के साथ मवेशी और पालतू जानवर भी छोड़ गए।


करीब 30,000 लोग अभी आश्रय गृह में हैं।


ताल के आस पास के क्षेत्र में स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और फिलीपीन स्टॉक एक्सचेंज को सोमवार को एहतियातन बंद रखा गया।


रविवार को जब चेतावनी जारी की गई तब उसका स्तर 4 था, जिसके बाद कुछ घंटों या आने वाले दिनों में एक खतरनाक विस्फोट की आशंका उत्पन्न हो गई थी। सबसे उच्च स्तर पांच है, जो जब जारी किया जता है जब विस्फोट हो रहा हो।





फिलीपीन की भूकंप एवं ज्वालामुखी एजेंसी ने मंगलवार को आठ घंटे के भीतर ज्वालामुखी के करीब 50 झटके महसूस किए गए, जिससे मैग्मा के बढ़ने की आशंका है।


विमानन अधिकारियों ने बताया कि वे मनीला के नीनॉय एक्वीनो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान सेवाएं बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं।


फिलीपीन की भूकंप एजेंसी ने रविवार को चेतावनी दी,

‘‘कुछ घंटों या आने वाले दिनों में ज्वालामुखी में घातक विस्फोट हो सकता है और इससे निकलने वाली राख से वहां से उड़ने वाले विमानों को खतरा हो सकता है।’’


सरकार के भूकंप विशेषज्ञों ने पाया है कि लावा ताल ज्वालामुखी के मुख की ओर आ रहा है। मनीला से 65 किलोमीटर दक्षिण स्थित यह देश का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है और आखिरी बार 1977 में इसमें विस्फोट हुआ था।


ज्वालामुखी के पास करीब एक किलोमीटर ऊंची राख की दीवार दिखाई दे रही है और आसपास झटके महसूस किए जा रहे हैं।


स्थानीय आपदा कार्यालय ने बताया कि ज्वालामुखी वाले द्वीप से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति बिगड़ी तो नजदीकी द्वीप के लोगों को भी हटने का आदेश दिया जाएगा।


उन्होंने बताया,

‘‘राख मनीला पहुंच चुकी है...इस माहौल में लोगों के लिए सांस लेना खतरनाक है।’’


गौरतलब है कि जनवरी 2018 में माउंट मेयन से निकली लाखों टन राख और लावा की वजह से हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।


(Edited by रविकांत पारीक )



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