केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने धनतेरस पर ग्रामीण SHG की महिलाओं को दिया सालाना 1 लाख रुपये कमाने का मंत्र

By रविकांत पारीक
November 03, 2021, Updated on : Wed Nov 03 2021 06:41:57 GMT+0000
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने धनतेरस पर ग्रामीण SHG की महिलाओं को दिया सालाना 1 लाख रुपये कमाने का मंत्र
गिरिराज सिंह ने NPA घटाकर महज 2.8 फीसदी लाने में DAY-NRLM मिशन की प्रगति की सराहना की।
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केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने धनतेरस के पावन अवसर पर ग्रामीण महिलाओं को उनकी वार्षिक आय बढ़ाकर एक लाख रुपये से ज्यादा करने के लिए मार्गदर्शित किया। इसे प्रेरणादायक और आकांक्षी ’मिशन एक लाख रुपये’ बताते हुए मंत्री ने कहा कि गांवों में बदलाव लाने के लिए यह एक गेम चेंजर पहल साबित होगी।


आजादी का अमृत महोत्सव के भाग के रूप में ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत दीन दयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) द्वारा 2 नवंबर को उत्पादक महिलाओं की कंपनियों के निदेशक मंडलों के साथ बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने महिलाओं को यह मंत्र दिया।

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इस बातचीत के लिए महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, तेलंगाना और मध्य प्रदेश राज्यों से पांच उत्पादक उद्यमों का चयन किया गया था। इसमें हिस्सा लेने वाले उद्यमों में महाराष्ट्र के गढ़ चिरौली से इकोवैन सेल्फ रिलायंट वुमैन फार्मर्स प्रड्यूसर्स लिमिटेड, झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम से झार महिला रेशम प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, बिहार के पूर्णिया से अरण्यक एग्री प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड, तेलंगाना स्थित हैदराबाद से बी ’निशान वुमैन प्रोड्यूसर्स कंपनी और मध्यप्रदेश के श्योपुर से सहरिया महिला लघु वनोपज प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड शामिल थे।


प्रतिभागियों की तरक्की की कहानियों, चुनौतियों और आकांक्षाओं के संबंध में उनसे धैर्यपूर्वक सुनने के बाद मंत्री ने भविष्य के लिए उनका मार्गदर्शन किया।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’सबका साथ, सबका विकास’ के नारे में निहित भाव से प्रेरणा ग्रहण करने की अपील करते हुए गिरिराज सिंह ने टीम से कहा कि स्वयं सहायता समूह यानी एसएचजी के कुछ ही सदस्यों द्वारा एक लाख रुपये सालाना आय का लक्ष्य हासिल करना काफी नहीं है। सही मायने में समूह के सभी सदस्यों की सालाना आय अवश्य इतनी होनी चाहिए।


केंद्रीय मंत्री ने ’आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दीदियों का मार्गदर्शन किया और कहा कि उन्हें अवश्य यह सोचना चाहिए कि वे अपनी आय कैसे बढ़ा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए योजना बनाएं और इसे साझा करें। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारें उन्हें इसे साकार करने में मदद करेंगी।


DAY-NRLM मिशन की प्रगति की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि 2014 में मिशन से 2.35 करोड़ SHG (Self Help Groups) सदस्य जुड़ थे जिनका बैंक लिंकेज 80,000 करोड़ रुपये था और उस समय NPA 9.5 फीसदी था।


उन्होंने आगे कहा कि अब यह आंकड़ा एसएचजी सदस्यों के रूप में 8 करोड़ महिलाओं तक पहुंच गया है, जिसमें 4 लाख करोड़ रुपये का बैंक लिंकेज है जबकि एनपीए महज 2.8 फीसदी है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-24 तक, एसएचजी के दायरा बढ़कर 10 करोड़ सदस्यों का हो जाएगा और उनके लिए सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक की कमाई करना मुमकिन हो सकता है जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर होगा। मंत्री ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास की सराहना की और कहा कि इस तरह का रवैया आर्थिक रूप से सशक्त महिलाओं के सपने को साकार करने में बहुत उत्साहजनक है।


दीदियों के साथ बातचीत करते हुए, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने धनतेरस पर इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए गिरिराज सिंह का आभार जताया और कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार लक्ष्मी के रूप में महिलाओं की शक्ति में विश्वास करती है और नीतियों के माध्यम से उनके लिए बेहतर कल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे पूरे साल काम मिलने में मदद मिल सकती है। मंत्री ने उदाहरण दिया कि कैसे उत्पादों और प्रक्रियाओं में स्विच करके मूल्यवर्धन किया जा सकता है जिन्हें बेहतर विपणन और अन्य सरकारी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है।


बीओडी सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का विजन है कि आर्थिक सशक्तीकरण से ही महिलाओं का स्वाभिमान बढ़ाया जा सकता है और एसएचजी को एक आंदोलन में बदलने से इसे जल्द ही साकार करने में मदद मिलेगी।


बैठक में NRLM और हिस्सा लेने वाले राज्यों के SRLM के अधिकारी शामिल हुए।


Edited by Ranjana Tripathi