एक छोटे से गोदाम से हुई थी शुरुआत, आज 40 से अधिक देशों में अपना समान बेचती है ये भारतीय कंपनी

कंपनी अब साल 2025 तक अपने उत्पादों को 50 से अधिक देशों तक लेकर जाना चाहती है, इसी के साथ कंपनी ने अपने लिए 1 हज़ार करोड़ रुपये के टर्नओवर का भी लक्ष्य रखा हुआ है।
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90 के दशक में एक कॉस्मेटिक क्रीम का टीवी विज्ञापन इतना मशहूर हुआ कि वो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। इस चर्चित ब्रांड का नाम विको है, जिसकी दिलचस्प शुरुआत और लगातार बढ़ते कारोबार से लोग आज भी प्रेरणा लेते हैं। मालूम हो कि विको (VICCO) का मतलब दरअसल विष्णु इंडस्ट्रियल केमिकल कंपनी से है।

कंपनी की शुरुआत बड़ी दिलचस्प है। दरअसल कंपनी के संस्थापक केशव पेंढारकर को इसे शुरू करने का विचार तब आया जब वो एक दिन अपनी किराने की दुकान में बैठे हुए थे। केशव पेंढारकर उस समय 55 साल के थे और उस समय उन्होने यह साहसिक फैसला लिया कि वो अपनी किराने की दुकान को बंद कर एक कॉस्मेटिक ब्रांड की शुरुआत करेंगे।

कंपनी को शुरू करने के उद्देश्य से ही केशव पेंढारकर अपने पूरे परिवार के साथ साल 1952 में नागपुर से मुंबई शिफ्ट हो गए। केशव पेंढारकर ने इस काम की शुरुआत करने के लिए अपने एक रिश्तेदार की मदद ली जिनके पास तब आयुर्वेद की डिग्री थी। गौरतलब है कि कंपनी की शुरुआत मुंबई के परेल इलाके में स्थित एक छोटे से गोदाम से की गई थी।

घर-घर पहुंचा ब्रांड

पहले उत्पाद के तौर पर कंपनी ने दांतों की सफाई के लिए एक पाउडर का निर्माण करना शुरू किया। इस उत्पाद को केशव पेंढारकर के बच्चे खुद घर-घर जाकर बेचने का काम किया करते थे। जल्द ही इस उत्पाद ने लोगों के बीच अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी और कंपनी की ग्रोथ में भी तेजी नज़र आने लगी। साल 1971 में जब केशव पेंढारकर का निधन हो गया, तब कंपनी की ज़िम्मेदारी उनके बेटे गजानन पेंढारकर ने संभाली ली।

ये वो समय था तब विको एक ब्रांड के तौर पर महाराष्ट्र के साथ ही आस-पास से तमाम राज्यों में लोकप्रियता हासिल कर रहा था। स्थापित होते ब्रांड के साथ कंपनी ने इस दौरान स्किन क्रीम और टूथपेस्ट का निर्माण करना भी शुरू कर दिया। इन सब के बीच एक उत्पाद जिसने कंपनी को घर-घर पहुंचा दिया उसका निर्माण भी किया गया, वह उत्पाद था कंपनी की खास ‘विको टर्मरिक आयुर्वेदिक क्रीम’।

सबसे चर्चित विज्ञापन

कंपनी ने अपनी ‘विको टर्मरिक आयुर्वेदिक क्रीम’ के विज्ञापन को सिनेमा हॉल और दूरदर्शन चैनल पर दिखाना शुरू किया। इस विज्ञापन का जिंगल ऐसा मशहूर हुआ कि यह आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। इस बीच कंपनी की लगातार बढ़ती लोकप्रियता उसके व्यापार को भी तेजी से ऊपर ले जाने का काम कर रही थी।

साल 1994 में कंपनी ने 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर को भी पहली बार पार कर लिया। मालूम हो कि नागपुर में अपना पहला प्लांट स्थापित करने वाली कंपनी विको आज महाराष्ट्र और गोवा में कई फैक्ट्रियों का संचालन कर रही है।

45 देशों तक पहुंचे उत्पाद

अपने उत्पादों के जरिये भारत के घर-घर में पहचान बनाने वाली इस कंपनी ने अपने 50 से अधिक उत्पादों को 45 से भी अधिक देशों तक पहुंचाने का काम किया है। गौरतलब है कि कंपनी की शुरुआत करने वाले पेंढारकर परिवार के 35 सदस्य आज भी कंपनी में अलग-अलग जिम्मेदारियाँ संभाल रहे हैं, जिसमें परिवार की महिला सदस्य भी शामिल हैं।

कंपनी अब साल 2025 तक अपने उत्पादों को 50 से अधिक देशों तक लेकर जाना चाहती है, इसी के साथ कंपनी ने अपने लिए 1 हज़ार करोड़ रुपये के टर्नओवर का भी लक्ष्य रखा हुआ है।

Edited by Ranjana Tripathi

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