शाहरुख खान के एक फोन कॉल ने बदल दी विशाल पंजाबी की जिंदगी, मिलिए द वेडिंग फिल्मर के पीछे के इस शख्स से

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कहा जाता है कि 'जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं' लेकिन जीवन भर एक दूसरे का साथ निभाने की इस खुशी का जश्न इसी धरती पर मनाया जाता है। और हम बहुत ही धूमधाम और बैंड बाजे के साथ इसका जश्न भी मनाते हैं। चाहे वह बैंड-बाजा और शोर शराबा हो या लजीज भारतीय पकवान या फिर रंगों और चमक का एक अद्भुत मिश्रण, इन चीजों के बिना एक बड़ा भारतीय विवाह अधूरा माना जाता है। यही भव्यता एक शादी को भारतीय टच देती है। लेकिन इस सब का कोई मतलब नहीं रह जाता जब आप उसे हमेशा के लिए कैद न कर सकें और अपनी इस खास मैमोरी को बाद में कभी प्ले या रीप्ले न कर सकें?


दरअसल इसके लिए हमें जरूरत होती है एक अच्छे फिल्म मेकर की। और यहां पर आपकी इस जरूरत को पूरा करता है द वेडिंग फिल्मर (The Wedding Filmer)। मुंबई स्थित यह फिल्म प्रोडक्शन कंपनी घाना मूल के भारतीय निर्देशक और निर्माता विशाल पंजाबी के दिमाग की उपज है, जो स्क्रीन पर कुछ सबसे शानदार शादी के दृश्यों को दिखाने के लिए जाने जाते हैं- ये जवानी है दीवानी जैसी फिल्मों और हालिया वेब सीरीज 'मेड इन हेवन' के खूबसूरत दृश्यों को स्क्रीन पर निखारने के पीछे का दिमाग विशाल ही है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि शादी के वीडियोज को वे किस तरह से फिल्माते हैं।


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विशाल पंजाबी

अब तक, द वेडिंग फिल्मर ने रियल लाइफ में 200 से ज्यादा जोड़ियों की शादियों को फिल्माया है। और इस लिस्ट में विशाल ने अनुष्का-विराट कोहली, बिपाशा बसु-करण सिंह ग्रोवर, दीया मिर्जा-साहिल संघा, दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह सहित कई प्रसिद्ध बॉलीवुड जोड़ियों की शादी को अपने कैमरे में कैद किया है।


जब विशाल से हमने पूछा कि इन सब की शुरुआत कैसे हुई तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया 'शाहरुख खान के एक फोन कॉल से'


रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के साथ एक लाइन प्रोड्यूसर के रूप में काम करने से लेकर अपनी खुद की कंपनी द वेडिंग फिल्मर शुरू करने तक, विशाल ने अपनी अब तक की जर्नी के बारे में खुलकर बात की। पढ़िए उनके इंटरव्यू के संपादित अंश...


द वेडिंग फिल्मर के पीछे का कॉन्सेप्ट क्या है और इसकी शुरुआत किस वजह से हुई?


विशाल पंजाबी: अपनी शादी को फिल्माए जाने के लिए द वेडिंग फिल्मर को हायर करने का मतलब है कि आप दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की एक टीम को हायर कर रहे हैं जो शादी के लम्हों को कैप्चर करने से लेकर एडिट, पोस्ट-प्रोडक्शन और अंत में आपकी शादी की फिल्म को सबसे सुंदर और सम्मानजनक तरीके से आप तक डिलीवर करती है। मेरी अपनी शादी से लेकर अन्य 250 शादियों को हमने पिछले 10 वर्षों में फिल्माया है, यह हमेशा हमारा मुख्य फोकस रहा है। वेडिंग फिल्मर का जन्म प्योर लव से हुआ था, सफल होने की इच्छा के साथ हमारी पूरी टीम एक परिवार की तरह है।





वेडिंग फिल्म मेकिंग क्या है? अपने प्रोडक्शन ब्रांड के बारे में बताएं


विशाल: वेडिंग फिल्म-मेकिंग, प्रत्याशा की शक्ति का सम्मान करने और यह महसूस करने के बारे में है कि ये फिल्में किसी एक्टर्स के साथ नहीं बनाई जा रही हैं। यह सब रियल होता है। इसको लेकर उद्देश्य स्पष्ट होता है। वे लम्हे हमें हर दिन याद दिलाते हैं कि हम एक-दूसरे को क्यों चुनते हैं और वो दिन कितना खास था जब हमने एक दूसरे से हमेशा साथ रहने का वादा किया था।


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आप ने अब तक किन-किन लोगों के साथ काम किया है और क्या इसने आपकी प्रोडक्शन स्टाइल को प्रभावित किया है?


विशाल: हमने दुनिया भर के 89 से अधिक शहरों में शादियों को फिल्माया है और हमारे ग्राहकों में कोरियाई, स्पेनिश, ऑस्ट्रेलियाई, भारतीय, अमेरिकी, ब्रिटिश और अफ्रीकी शामिल हैं। अनुष्का-विराट, या दीपिका-रणवीर, या यहां तक कि अम्बानी

द्वारा हमें चुनने के पीछे का कारण हमारे काम की क्वालिटी और हमारे क्रू मेम्बर्स की उत्कृष्टता है। वेडिंग फिल्मर को हायर करने का मतलब है कि आपको वीडियो में अपनी शादी के दिनों का सबसे अच्छा वर्जन मिलेगा।


ये जवानी है दीवानी या मेड इन हेवन जैसी फिल्मों के लिए विशेष दृश्यों को फिल्माने तक आप कैसे पहुंचे? कैसा रहा अनुभव?


विशाल: फिक्शन रियल लाइफ डॉक्यूमेंट्रीज से बहुत अलग है। रियल लाइफ में कोई रीटेक नहीं होता हैं। बॉलीवुड और एडवरटाइजिंग में 10 साल के अनुभव और शाहरुख खान, फराह खान, संतोष सिवन और बॉबी चावला जैसे मेंटॉर के अंडर में ट्रेनिंग ने मुझे तैयार किया जिसके चलते मैं 'ये जवानी है दिवानी' और 'मेड इन हेवन' जैसे प्रोजेक्ट्स को स्वीकार कर पाया। हाल ही में हमने द जोया फैक्टर के लिए एक गाने का सीक्वेंस भी फिल्माया जोकि हमारे लिए काफी बड़ा लर्निंग प्वाइंट था।





फिल्मों/वेब सीरीज के लिए शादी के दृश्यों को फिल्माने और रियल लाइफ कपल की शादी को फिल्माने के बीच क्या अंतर है?


विशाल: यह एक तरह से कार चलाने और प्लेन उड़ाने जैसा है। दोनों ही के लिए आपके अटेंशन और समय जरूरत होती, लेकिन अलग-अलग स्किल सेट की आवश्यकता होती है। जिस तरह की नॉन-फिक्शन डॉक्यूमेंट्रीज हम बनाते हैं वो बिल्कुल ऐसी होती हैं जैसे किसी आंख से रियल लाइफ में जो हो रहा है उसे सबसे रोमांटिक तरीके से कैप्चर कर रहे हों। फिक्शन की बात करें, जैसे कि फिल्मों में, तो यह खुद से सोचकर लाइफ को रीक्रिएट करने जैसा है, जिसके बारे में हमें पहले से ही पता होता है, रियल कुछ भी नहीं होता है, लेकिन ये रियल लाइफ से भी ज्यादा रोमांटिक महसूस होता है!


सोनी डिजिटल के साथ अपने एसोसिएशन के बारे में बताएं और द वेडिंग फिल्मर वर्कशॉप क्या है?


विशाल: हमें शादियों की फिल्म बनाने के लिए हर साल लगभग 3000 रिक्वेस्ट मिलती हैं, लेकिन हम 30 से अधिक नहीं बना सकते हैं, और अगर मुझे लगता है कि हर शादी एक खास मैमोरी डिजर्व करती है, लेकिन इस लिहाज से तो 2970 दुल्हनें ऐसी होंगी जो निराश हो सकती हैं। इसलिए यह आइडिया देश भर के डायनमिक और टैलेंटेड लोगों को प्रशिक्षित करने का है, जो इस क्षेत्र में करियर बनाने में रुचि रखते हैं। इससे फिल्म बनाने के लिए अधिक रोजगार और युवा लोगों के लिए थोड़ा अधिक पैसा कमाने का मौका मिलता है, हमारी वर्कशॉप के माध्यम से वे अपने उत्पादों और सेवाओं को डिजिटल फिल्म बनाने में सुधार करके थोड़ा अधिक पैसा कमा सकते हैं। सोनी डिजिटल इमेजिंग हमें इन वर्कशॉप्स को एक साथ रखने में मदद करता है। हमने अब तक देश के 10 से अधिक शहरों में 15 से अधिक वर्कशॉप्स की हैं।


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ये बताइए कि इस फील्ड में आपकी शुरुआत कैसे हुई?

विशाल: 2007 में, मुझे ऐसे समय में भारत से निर्वासित (deported) कर दिया गया जब बॉलीवुड फिल्म मेकर के रूप में मेरा करियर आगे बढ़ने ही वाला था। चूंकि मेरा जन्म घाना में हुआ था और भारत का मेरा वीजा खत्म हो चुका था इसलिए मुझे देश छोड़ने को कहा गया। भारत छोड़ने के बाद मुझे एक ऐसी जगह (वापस घाना) जाना था जहां मैं तब से नहीं गया जब मैं 12 साल का था। मेरी पढ़ाई इंग्लैंड में हुई थी। मुझे लग रहा था कि मेरे साथ इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता लेकिन ये मेरे लिए आंखें खोल देने वाला था। उस समय तक, मैं रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के लिए बॉलीवुड/एडफिल्म के निर्देशक के रूप में, मैं सबसे बड़े बजट, सेट और क्रू के साथ काम कर रहा था, लेकिन घाना में, फिल्म इंडस्ट्री नहीं थी। मुझे खुद ही सब कुछ करना था और लोकल आर्टिस्ट और मकैनिज्म को ढूंढना था और उन्हें फिल्म विज्ञापनों और डॉक्यूमेंट्रीज के क्रू मेम्बर्स में ढालना था। मैं बड़े कैमरे और फिल्म स्टॉक नहीं खरीद सकता था (पूरे पश्चिम अफ्रीका में कोई फिल्म लैब नहीं है), इसलिए मैंने एक छोटा डीएसएलआर उठाया और उसी समय से मैंने खुद को फिल्म निर्माता के रूप में खोजना शुरू किया।


शाहरुख खान की रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के साथ काम करते हुए, क्या आपके साथ कोई स्टार-स्ट्रक मूमेंट हुआ?

विशाल: भारत से बाहर पला बढ़ा और जिन संस्कृतियों में मैं रह रहा था, उन में पूरी तरह से कभी भी फिट नहीं रहा, मैंने विदेशी भूमि में जन्मे और पले-बढ़े अधिकांश भारतीय बच्चों की तरह बॉलीवुड फिल्मों की ओर रुख किया। जैसे-जैसे मैं बड़ा होता गया, मेरी मां को लगा कि मैं शाहरुख खान की तरह दिखता हूं और बहुत जल्द, वह मेरे आदर्श बन गए। मैं उनकी तरह कपड़े पहनने लगा और यहां तक कि उन्हीं की वजह से फिल्मों में काम करना चाहता था, और फिर एक दिन, मुझे एक फोन कॉल आया और दूसरी तरफ फोन पर थे शाहरुख खान। वे मुझे उनके लिए काम करने के लिए कह रहे थे! दरअसल मैंने 1998 में फ्लैश एनिमेशन में एक वेबसाइट जो बनाई थी, तब इंटरनेट अपनी प्रारंभिक अवस्था में था, लेकिन उसने उनका ध्यान आकर्षित किया और इस तरह मेरी सौभाग्यशाली यात्रा शुरू हुई।


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आप द वेडिंग फिल्मर के क्रिएटिव और बिजनेस साइड को कैसे संभालते?

विशाल: मुझे विश्वास है कि मैं एक बहुत गरीब व्यापारी और बहुत ही किफायती प्रोड्यूसर हूँ। वास्तव में सफल फिल्म मेकर होने के लिए, आपको किसी ऐसे व्यक्ति के समर्थन की आवश्यकता होती है जो लॉजिस्टिक और पैसे का ध्यान रख सके और आपको वो ग्राउंड दे सके ताकि आप कुशलतापूर्वक विजुअल्स बनाने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। मुझे वो सपोर्ट मेरी सुपरवुमन नेहा शर्मा से मिला, जो हमारी प्यारी कंपनी का संचालन करती हैं।


आप भारत में वेडिंग फिल्ममेकिंग के भविष्य को कैसे देखते हैं और इस वेव का अधिकतम लाभ उठाने की योजना कैसे बनाते हैं?

विशाल: टेक्नोलॉजी का विकास जारी है और हमें इसके साथ विकसित होना है। बेहतर कैमरे जो अंधेरे में देख सकें। वर्चुअल रियलिटी, ताकि आप महसूस कर सकें कि आप जिस स्थान पर शादी कर चुके हैं आप उसे वास्तविकता में देख रहे हैं। आपके चारों ओर का साउंड, ताकि आप सुन सकें कि जो आपके सामने हुआ था वो ही सब कुछ नहीं था, इधर उधर भी काफी कुछ हो रहा था, और नए क्रिएटिव तरीके और गाने। ये वो कुछ तरीके हैं जो हमारी फिल्मों को और अधिक आकर्षक बनाते हैं। इस टीम का निर्माण करना ही हमारा भविष्य होगा। हमारा भविष्य इस बात पर भी निर्भर करेगा कि हम सबसे प्रतिभाशाली और सर्वश्रेष्ठ फिल्म मेकर्स की तलाश कैसे करते हैं हमारे परिवार को कैसे आगे बढ़ाते हैं ताकि हम विश्व स्तर पर विस्तार कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि हर दूल्हा-दुल्हन को वे यादें मिलें जिनके वे हकदार हैं।




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