कौन हैं Cognizant के नए सीईओ? सैलरी है इतने करोड़, 6 करोड़ तो अलग से मिलते हैं

By yourstory हिन्दी
January 17, 2023, Updated on : Tue Jan 17 2023 08:37:16 GMT+0000
कौन हैं Cognizant के नए सीईओ? सैलरी है इतने करोड़, 6 करोड़ तो अलग से मिलते हैं
कॉग्निजेंट ने रवि कुमार को उतनी सैलरी ऑफर की है, जो कंपनी के इतिहास में किसी सीईओ को नहीं मिली.
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एस. रवि कुमार पिछले दो दिनों से खासी चर्चा में हैं. सिर्फ इसलिए नहीं कि जानी-जानी आई-टी कंपनी कॉग्निजेंट ( Cognizant) ने उन्‍हें अपना नया सीईओ और बोर्ड मेंबर बनाया है, बल्कि चर्चा का विषय उनकी कल्‍पनातीत सैलरी है. यूं समझ लीजिए कि एस. रवि कुमार की सैलरी देश के दूसरे नंबर के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी से भी चार गुना ज्‍यादा है.  


इसके पहले रवि कुमार इंफोसिस (Infosys) प्रेसिडेंट थे. 20 सालों तक इंफोसिस की कमान संभालने के बाद अब उन्‍हें कॉग्निजेंट की जिम्‍मेदारी ली है. रवि कुमार को ब्रायन हम्फ्रीज की जगह नियुक्‍त किया गया है. ब्रायन हम्फ्रीज 15 मार्च तक कंपनी के स्पेशल  एडवाइजर के तौर पर काम करते रहेंगे और इस बीच रवि कुमार अपनी जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे.  


आइए अब बात करते हैं सैलरी की.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार कॉग्निजेंट ने रवि कुमार को मोटी सैलरी पर हायर‍ किया है. इतनी सैलरी अतीत में किसी भी सीईओ को नहीं दी गई है. यहां तक कि यह सैलरी पूर्व सीईओ ब्रायन हम्फ्रीज की सैलरी से भी कई गुना ज्‍यादा है.  


रवि कुमार को कंपनी 7 मिलियन यानी 70 लाख डॉलर सालाना की सैलरी पर लेकर आई है. भारतीय रुपए में गणना करें तो यह राशि करीब यानी 56,96,77,500 रुपये ठहरती है. इतना ही नहीं, इसके अलावा रवि कुमार को 7.5 लाख डॉलर साइन इन बोनस के तौर पर भी मिलेगा.

आइए अब बात करते हैं सैलरी ब्रेकअप की. रवि कुमार का मूल वेतन 1 मिलियन यानी 10 लाख डॉलर है. भारतीय रुपए में करीब 8,13,57,500 रुपये. इसके अलावा कंपनी उन्हें 20 लाख डॉलर का कैश इनसेंटिव दे रही है. साथ ही उन्‍हें वन टाइम न्यू हायर अवॉर्ड के तौर पर 50 लाख डॉलर दिए जा रहे हैं. इसके साथ-साथ उन्हें 30 लाख डॉलर PSU के रूप में दिया जाएगा. इन सबके अलावा वहीं साढ़े सात लाख डॉलर साइन इन बोनस अलग से दिया जाएगा.


 रवि कुमार से पहले ब्रायन हम्फ्रीज कंपनी के सीईओ का पद संभाल रहे थे और उनकी सैलरी तकरीबन 13.8 मिलियन डॉलर थी. मजे की बात ये है कि रवि कुमार की सैलरी मुकेश अंबानी से भी ज्‍यादा है. 2015 में मुकेश अंबानी की सैलरी 15 करोड़ रुपए थी.


कॉग्निजेंट ने इतनी मोटी सैलरी के साथ मोटी जिम्‍मेदारी भी रवि कुमार के कंधों पर डाल दी है. उनके कंधों पर ब्रांड को मजबूत बनाने के साथ-साथ बिजनेस को कई गुना बढ़ाने की जिम्‍मेदारी है. इंफोसिस में रवि कुमार का कार्यकाल काफी सफल रहा था. उनके नेतृत्‍व में कंपनी का बिजनेस कई गुना बढ़ा. शायद उनके इसी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए रवि कुमार को इतनी बड़ी जिम्‍मेदारी सौंपी गई है.


Edited by Manisha Pandey

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