इन छात्र आंत्रप्रेन्योर ने क्यों किया स्टॉक ट्रेडिंग में युवाओं और ट्रेडर्स को कुशल बनाने का फैसला?

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हर कॉलेज के छात्र की तरह, आकाश जयन और ऋत्विक विपिन 2015 में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) में पढ़ते समय अपनी पॉकेट मनी बढ़ाने के तरीकों की तलाश कर रहे थे। यही वह वक्त था जब उन्होंने पैसा बनाने के तरीके के रूप में स्टॉक ट्रेडिंग की ओर देखा। 

हालांकि, दोनों ने YouTube पर कई तरह की स्ट्रेटजीज के बारे में देखा, लेकिन उन्होंने पाया कि वे कारगर साबित नहीं हुईं। और उचित परामर्श के बिना, उनके पास सही बाजार अंतर्दृष्टि का भी अभाव था।

आकाश योरस्टोरी को बताते हैं, "हमने इसे ट्रायल और एक्सपेरिमेंट के तौर पर लिया। हमने शुरुआत में 3,000 रुपये का निवेश करके शुरुआत की थी, लेकिन यह घटकर 700 रुपये रह गया। साल 2017-18 में जब हम चौथे वर्ष में थे, तब तक हम प्रतिदिन 1,000 रुपये कमा रहे थे। उस समय तक हमारे कई दोस्त भी हमारे पास आ गए और हमने उन्हें पढ़ाना शुरू कर दिया। हमने स्टॉक ट्रेडिंग सिखाने के लिए एक वेबसाइट बनाने के बारे में सोचा, और इसके बारे में फेसबुक ग्रुप्स पर बात करना शुरू कर दिया। सबसे पहले, दो लोगों ने स्टॉक ट्रेडिंग सीखने के लिए हमसे संपर्क किया और हमें फीस के रूप में 2,000 रुपये का भुगतान किया। वह हमारा यूरेका मूमेंट था।”

इसने दोनों को 2019 में बेंगलुरु में हेवनस्पायर शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

आकाश जयन और ऋत्विक विपिन, फाउंडर्स, Havenspire

वह कहते हैं, “हेवनस्पायर में, हम आम लोगों को नौ सप्ताह के भीतर एक्सपर्ट स्टॉक ट्रेडर बनने के लिए प्रशिक्षित करते हैं। भारतीय शिक्षा प्रणाली के साथ सबसे बड़ी समस्याओं में से एक यह है कि यह वित्तीय साक्षरता को प्रोत्साहित नहीं करती है। हेवनस्पायर में, हम लोगों को आर्थिक रूप से साक्षर बनने और उनके पैसे को अच्छी तरह से प्रबंधित करने में मदद करते हैं।”

उनके सामने चुनौती यह थी कि वे एक छात्र होने के नाते निवेश करने के लिए पैसे को मैनेज कैसे करें, और कैसे अपने माता-पिता को उनकी रुचियों को आगे बढ़ाने और उन्हें कैंपस प्लेसमेंट छोड़ने की अनुमति देने के लिए राजी करें। भले ही आकाश को नौकरी मिल गई, लेकिन उन्होंने उसे छोड़ने और हेवनस्पायर में बने रहने का फैसला किया।

द कोविड-19 पुश

आकाश कहते हैं, “COVID-19 के दौरान, हमने कई युवाओं, छात्रों, कामकाजी पेशेवरों, गृहिणियों और यहां तक कि बुजुर्गों को एक्सपर्ट स्टॉक ट्रेडर बनने और वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद की। बतौर सब्जेक्ट ट्रेडिंग को अभी भी भारत में वर्जित माना जाता है जहां बहुत से लोग सोचते हैं कि स्टॉक ट्रेडिंग में केवल लूज मनी का निवेश किया जाना चाहिए। हमने आसान भाषा में बाजार की समानता के बारे में बोलकर जागरूकता पैदा करने और मास्टरक्लास के माध्यम से लोगों की मानसिकता को बदलने का एक विनम्र कार्य किया है।”

टीम में वर्तमान में 30 सदस्य हैं और तेजी से विस्तार करना चाह रहे हैं। एक बार जब कोई लर्नर उनके मास्टरक्लास प्रोग्राम में नामांकित हो जाता है, तो फिर वह व्यवस्थित, पाठ्यक्रम-आधारित प्रशिक्षण से गुजरते हैं।

टीम वीकेंड में रात के दौरान तीन सप्ताह के लिए व्हाट्सएप पर ट्रेडर्स को प्रशिक्षित करती है। उन्हें सप्ताह भर ट्रेडिंग करते समय वीकेंड क्लासेस के दौरान सीखी गई रणनीतियों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वे मेंटर्स के साथ लाइव ट्रेडिंग के लिए हेवनस्पायर लाइव, हेवनस्पायर एकेडमी ऑफ ट्रेड, ब्रेकडाउन वीडियो और लाइव ट्रेडिंग वॉयस चैनल जैसी कई सुविधाओं और टूल्स का भी लाभ उठाते हैं।

आकाश बताते हैं, "वे डिस्कॉर्ड सर्वर पर ट्रेडर्स की हमारी कम्युनिटी के लिए लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन प्राप्त करते हैं, जो हेवनस्पायर के लिए अद्वितीय है। लर्नर्स को एक्सपर्ट ट्रेडर्स के साथ बातचीत करने का मौका मिलता है, जिनसे वे व्यापार करते समय मदद ले सकते हैं। ये सभी विशेषताएं सदस्यों को सफल व्यापारी बनने के लिए अपनी यात्रा को तेजी से ट्रैक करने में मदद करती हैं।”

संचालन और भविष्य की योजनाएं

आकाश का कहना है कि उन्होंने 10,000 रुपये के निवेश के साथ हेवनस्पायर की शुरुआत की और कंपनी वर्तमान में बूटस्ट्रैप्ड है। टीम ने अपने स्वयं के मुनाफे का इस्तेमाल करके विस्तार किया है और संचालन के पहले चार महीनों में पहले 1 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का आंकड़ा हासिल किया है।

वे कहते हैं, "ऑपरेशन के एक साल के भीतर, हमने $0.6 मिलियन को पार कर लिया है। हेवनस्पायर का टॉप-लाइन रेवेन्यू अब 4.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो एक साल के भीतर रेवेन्यू में 250 प्रतिशत की वृद्धि हासिल कर रहा है। हम तेजी से विस्तार करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।”

टीम मास्टरक्लास प्रोग्राम में नामांकन के माध्यम से भी रेवेन्यू उत्पन्न करती है। ये नामांकन ज्यादातर वर्ड ऑफ माउथ और इंस्टाग्राम से आते हैं। टीम टारगेट ऑडियंस तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का लाभ उठाती है। मुख्य फोकस छात्र समुदाय है।

टीम प्रति लर्नर 30,000 रुपये का शुल्क लेती है, जो उन्हें ट्रेनिंग क्लासेस और स्टॉक ट्रेडर्स के हमारे समुदाय तक पहुंच के साथ-साथ कई सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करता है। आकाश ने कहा कि स्टार्टअप का मौजूदा ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन करीब 40 फीसदी है।

जहां टीम ने व्यवसाय मॉडल को साझा करने से इनकार कर दिया, वहीं उन्होंने कहा कि यह समुदाय-आधारित सीखने के अनुभव के निर्माण पर काम करता है और व्यावहारिक सीखने पर केंद्रित है।

आकाश कहते हैं, "हम अब एडटेक इंडस्ट्री में गहराई से गोता लगाने और अन्य प्रमुख एडटेक कंपनियों के बराबर खड़े होने का लक्ष्य बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने यूजर्स बेस का विस्तार करने और प्रत्येक भारतीय को आर्थिक रूप से साक्षर बनने में मदद करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही हम फिनटेक की दुनिया में भी कदम रखने की योजना बना रहे हैं।"

बाजार 

पीबीएस की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत अब फ्रांस को पछाड़कर छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। और निवेशकों का आधार बढ़ रहा है।

वर्तमान में, स्टार्टअप उसी स्थान पर काम करता है जैसे कि Zerodha और Groww जैसे यूनिकॉर्न।

बच्चों को गेमिफिकेशन के माध्यम से मनी मैनेजमेंट सिखाने वाला एक फिनटेक ऐप बर्डफिन (Birdfin); FamPay, टीनेजर्स के लिए भारत का पहला नियोबैंक जो माता-पिता को खर्च और बचत को ट्रैक करने देता है; Finin, एक नियोबैंक जो खर्च पर एआई-संचालित अंतर्दृष्टि प्रदान करता है और बचत को ट्रैक करता है; और Walrus, टीनेजर्स के लिए एक पेमेंट ऐप जैसे स्टार्टअप अपनी क्रिएटिव ऑफरिंग के साथ बच्चों और युवा वयस्कों के लिए फिनटेक समाधान पेश करके बड़ी लहरें पैदा कर रहे हैं।

आकाश कहते हैं, "हर लर्नर को हमारी कम्युनिटी की लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन मिलती है, जहां हजारों स्टॉक ट्रेडर्स मिलते हैं और एक-दूसरे के साथ बातचीत करते हैं, पारस्परिक मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करते हैं। इस तरह हर लर्नर समय के साथ मेंटर बन जाता है। भारत में, बहुत से लोग इतने भाग्यशाली नहीं हैं कि उन्हें अपने सर्कल में समान रुचियों वाले लोग मिलते हों। हमारे समुदाय का हिस्सा होने के नाते, लर्नर को एक्सपर्ट स्टॉक ट्रेडर्स के साथ कभी भी बातचीत करने का मौका मिलता है।”

Edited by Ranjana Tripathi

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