वुमेन सेंट्रिक फिल्‍मों और कहानियों के लिए कैसा रहा साल 2022

By yourstory हिन्दी
December 31, 2022, Updated on : Sat Dec 31 2022 08:10:42 GMT+0000
वुमेन सेंट्रिक फिल्‍मों और कहानियों के लिए कैसा रहा साल 2022
इस साल की टॉप 10 हिंदी और इंटरनेशनल वुमेन सेंट्रिक फिल्‍में.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

हिंदी फिल्‍म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से लेकर अंग्रेजी फिल्‍म ‘द स्विमर्स’ तक साल 2022 बहुत सारी विमेन सेंट्रिक फिल्‍मों के नाम रहा. ये वो कहानियां हैं, जिनके केंद्र में एक मजबूत और शक्तिशाली फीमेल कैरेक्‍टर था.


पिछले एक दशक से सिनेमा में महिलाओं के योगदान से लेकर सिनेमाई कहानियों में उनका प्रतिनिधित्‍व तक बेहतर हुआ है. अब हीरोइन सिर्फ हीरो का लव इंटरेस्‍ट भर नहीं है. वो अपने आप में एक सेंट्रल कैरेक्‍टर है और अकेले अपने दम पर कहानी का वजन ढोने और कहानी को आगे बढ़ाने की कूवत रखती है. अब तो बॉलीवुड में ऐसी फिल्‍में भी बन रही हैं, जिसमें हीरो एक साइड कैरेक्‍टर है और कहानी के केंद्र में कोई स्‍त्री ही है.


आइए बात करते हैं कि इस साल की टॉप 10 हिंदी और इंटरनेशनल विमेन सेंट्रिक फिल्‍में कौन सी थीं.

1. गंगूबाई काठियावाड़ी

इस साल फरवरी में रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की फिल्‍म गंगूबाई काठियावाड़ी इस साल की सबसे चर्चित फिल्‍मों में से एक है. एक सेक्‍स वर्कर से मुंबई की सबसे ताकतवर माफिया डॉन बनने तक की गंगूबाई की कहानी में केंद्रीय भूमिका में थीं आलिया भट्ट. इस फिल्‍म को दर्शकों से लेकर समीक्षकों तक का भरपूर प्‍यार मिला. फिल्‍म न सिर्फ एक महिला की कहानी पर केंद्रित है, बल्कि फिल्‍म को बनाया भी बहुत सेंसिटिव और फेमिनिस्‍ट नजरिए से है.

2. जलसा

इस साल मार्च में ओटीटी प्‍लेटफॉर्म पर रिलीज हुई फिल्‍म जलसा के केंद्र में दो स्‍ट्रांग फीमेल कैरेक्‍टर हैं. एक है नामी जर्नलिस्‍ट माया, जो भूमिका विद्या बालन ने निभाई है और दूसरी है माया के घर में काम करने वाली हेल्‍पर रुखसाना. रुखसाना की भूमिका में हैं शेफाली शाह. इन दोनों महिलाओं को केंद्र में रखकर लिखी गई ये कहानी लंबे समय तक याद रहने वाली कहानी है.       

3. शाबास मिथु

यह क्रिकेटर मिताली राज की बायोपिक है. फिल्‍म का निर्देशन किया है जाने-माने निर्देशक सृजित मुखर्जी ने, जो इसके पहले ऑटोग्राफ और बेगम जान जैसी फिल्‍में बना चुके हैं. फिल्‍म में मिताली की भूमिका निभाई है तापसी पन्‍नू की. असल जिंदगी की एक जांबाज, जुझारू और सफल महिला खिलाड़ी के जीवन पर आधारित यह कहानी भी उतनी ही जांबाजी के साथ सुनाई गई है. फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर भले सफलता के झंडे न गाड़ सकी हो, लेकिन इसे इज्‍जत और शोहरत खूब कमाई है. 

4. डार्लिंग्‍स

इस साल की सबसे चर्चित रही विमेन सेंट्रिक फिल्‍मों में से एक डार्लिंग्‍स एक महिला निर्देशक की डेब्‍यू फिल्‍म है. न सिर्फ फिल्‍म की कहानी, बल्कि इसके निर्माण से जुड़ी पूरी टीम महिलाओं की है. प्रोड्यूसर गौरी खान हैं और निर्देशक जसमीत के. रीन. फिल्‍म में केंद्रीय भूमिका निभाई है आलिया भट्ट और शेफाली शाह ने.

5. सलाम वेंकी

दक्षिण भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री और ‘मित्र माय फ्रेंड’ जैसी क्रिटिकली एक्‍लेम्‍ड फिल्‍म का निर्देशन कर चुकी रेवती के निर्देशन में बनी है ये फिल्‍म, जिसका नाम है सलाम वेंकी. फिल्‍म में केंद्रीय भूमिका में हैं अभिनेत्री काजोल. एक सच्‍ची घटना पर आधारित ये फिल्‍म गंभीर बीमारी से जूझ रहे अपने बेटे के लिए न्‍याय की लड़ाई लड़ने वाली एक मां की कहानी है.    

6. कला

बुलबुल के बाद निर्देशक अन्विता दत्‍त की यह दूसरी फिल्‍म है, जिसके केंद में दो महिला चरित्र हैं. एक मां और दूसरी बेटी. मां की भूमिका निभाई है स्‍वास्तिका मुखर्जी ने और बेटी की भूमिका में हैं तृप्ति ढिमरी. यह फिल्‍म पितृसत्‍ता की बारीक तहों में उतरने से लेकर अपराध बोध तक की बारीक पर्तों को उजागर करती है. 

7. धाकड़

इस साल मई में रिलीज हुई फिल्‍म ‘धाकड़’ एक जांबाज इंटरनेशनल टास्‍क फोर्स ऑफीसर अग्नि की कहानी है. फिल्‍म में केंद्रीय भूमिका निभाई है कंगना रनौत ने और फिल्‍म का निर्देशन किया है रजनीश घई ने.

8. द स्विमर्स

इंटरनेशनल फिल्‍मों की बात करें तो इस साल नेटफ्लिक्‍स पर रिलीज हुई और अंग्रेजी और अरबी भाषा में बनी फिल्‍म द स्विमर्स एक ऐसी विमेन सेंट्रिक फिल्‍म है, जो आपको प्‍यार, खुशी, उम्‍मीद और जोश से भर देगी. ये कहानी दो सीरियन रिफ्यूजी लड़कियों युसरा और सारा की वास्‍तविक जिंदगी पर आधारित हैं, जो सीरिया वॉर के दौरान अपनी जान बचाने के लिए जर्मनी में रिफ्यूजी बनने जाती हैं और तैरकर समंदर पार करती हैं. इतना ही नहीं, जर्मनी पहुंचने के बाद युसरा रियो ओलिंपिक में भी जाती है.

9. द ब्‍लांड

एंड्रू डोमिनिक की लिखी और निर्देशित यह फिल्‍म अपने जमाने की मशहूर एक्‍ट्रेस मर्लिन मुनरो की बायोग्राफी है. फिल्‍म में नोर्मा जीन यानी मर्लिन मुनरो की भूमिका निभाई है क्‍यूबन-स्‍पेनिश एक्‍ट्रेस एना सीलिया ने. हालांकि इस फिल्‍म की काफी आलोचना भी हुई कि मर्लिन के जीवन और कहानी के साथ न्‍याय करने की बजाय ये फिल्‍म उसे मिस्‍टीरियस और ग्‍लैमरस बनाने का काम ज्‍यादा करती है.  

 10. जनहित में जारी

ओटीटी प्‍लेटफॉर्म पर रिलीज हुई इस विमेन सेंट्रिक फिल्‍म में केंद्रीय भूमिका में हैं नुसरत भरूचा. फिल्‍म कॉमेडी के बहाने स्त्रियों की आजादी, आत्‍मनिर्भरता, अपने फैसले लेने की ताकत और यहां तक की उनकी सेहत से जुड़े कई जरूरी सवाल उठाती है.


Edited by Manisha Pandey