Shark Tank के अनुपम मित्तल ने Google को क्यों कहा 'डिजिटल ईस्ट इंडिया कंपनी'

अनुपम मित्तल ने Google के बिलिंग सिस्टम को 'अवैध' बताते हुए कंपनी को 'डिजिटल ईस्ट इंडिया कंपनी' तक कह डाला.

शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के जज और Shadi.com के फाउंडर अनुपम मित्तल ने गुरुवार को अल्फाबेट इंक के स्वामित्व वाली Google के बिलिंग सिस्टम को 'अवैध' बताते हुए कंपनी को 'डिजिटल ईस्ट इंडिया कंपनी' (Digital East India company) तक कह डाला. अरबपति निवेशक ने कहा कि गूगल भारतीय कानूनों की अवहेलना करते हुए काम कर रही है और उसे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधिकारी इस पर ध्यान देंगे.

अनुपम मित्तल ने एक ट्वीट में कहा, "@CCI_India के आदेशों और भारतीय कानूनों के निरंतर उल्लंघन और अवहेलना में भारतीय डेवलपर्स के लिए उनके भुगतान को अनिवार्य करने के लिए आज @Google से एक कॉल प्राप्त हुई. नव-उपनिवेशवाद अपने चरम पर! उम्मीद है मीडिया, कोर्ट और @PMOIndia 🇮🇳 ध्यान दे रहे हैं. डिजिटल ईस्ट इंडिया कंपनी आ गई है."

जब एक यूजर ने पूछा कि क्या अनुपम मित्तल Google द्वारा ली जाने वाली 30% कटौती के बारे में बात कर रहे हैं, तो निवेशक ने जवाब दिया, "अन्य बातों के अलावा."

Google द्वारा हाल ही में की गई पॉलिसी अपडेट के अनुसार, यदि कोई यूजर वैकल्पिक बिलिंग प्रणाली (जिसे यूज़र चॉइस बिलिंग सिस्टम के रूप में भी जाना जाता है) का विकल्प चुनता है, तो ट्रांजेक्शन पर अभी भी एक सेवा शुल्क लगेगा, लेकिन स्टैंडर्ड फीस की तुलना में 4% कम हो जाएगा.

एलायंस ऑफ़ डिजिटल इंडिया फ़ाउंडेशन (ADIF) ने भी इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि Google के प्रस्तावित 'यूज़र चॉइस बिलिंग सिस्टम' के लिए ऐप डेवलपर्स को Google को 11/26 प्रतिशत का कमीशन देना होगा, जिसका अर्थ है कि यह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के नियमों का अनुपालन नहीं करती है.

ADIF ने ब्लॉग में कहा, "Google, एक कंपनी जिसने इनोवेशन और डिस्र्प्टशन के जरिए अपनी खास प्रतिष्ठा बनाई है, भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा Google को इसी तरह के मामले में अपने तरीके सुधारने का निर्देश देने के बावजूद इन प्रथाओं का सहारा ले रही है और इस संबंध में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 937 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसकी प्ले स्टोर नीतियां यह आयोग औपनिवेशिक 'लगान' से बहुत अलग नहीं है - यह ऐप डेवलपर्स और उन लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए अनुचित है जो डिजिटल ऐप्लीकेशन पर भरोसा करते हैं.

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