17 जुलाई: डूबा 'रामदास', MH17 फ्लाइट पर हमला और तख्तापलट
जानिए 17 जुलाई के दिन भारत और विश्व में घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जैसे हनी स्प्रिंग्स की लड़ाई, रामदास जहाज दुर्घटना, इराक़ का तख्तापलट, ICC की शुरुआत की ओर पहला कदम और MH17 विमान हादसा. साथ ही जानें इस दिन जन्मे और दिवंगत महान व्यक्तित्वों के बारे में. पढ़िए आज का रोचक तथ्य.
17 जुलाई (17 July Ka Itihas) का दिन भारत और विश्व इतिहास में कई अहम घटनाओं का गवाह रहा है. इस दिन जहां एक ओर समुद्री हादसे और अंतरिक्ष मिशन जैसी घटनाएं दर्ज हैं, वहीं इराक़ में तख्तापलट और अंतरराष्ट्रीय न्याय की दिशा में भी निर्णायक कदम उठाए गए.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 17 जुलाई के दिन (17 July History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए, इस खास दिन की उन घटनाओं पर नज़र डालते हैं जो इतिहास में अमिट छाप छोड़ गईं —
भारत और विश्व के इतिहास में 17 जुलाई की प्रमुख घटनाएं
1863 — हनी स्प्रिंग्स की लड़ाई: 'इंडियन टेरिटरी' में सबसे बड़ी सैन्य झड़प
17 जुलाई 1863 को अमेरिकी गृहयुद्ध (American Civil War) के दौरान 'इंडियन टेरिटरी' (Indian Territory) (आज का ओक्लाहोमा) में 'हनी स्प्रिंग्स' नामक स्थान पर एक ऐतिहासिक लड़ाई (Battle of Honey Springs) लड़ी गई. इसमें संघीय सेना (Union) ने संघीय विरोधियों (Confederates) पर विजय प्राप्त की. इस लड़ाई की खास बात यह थी कि इसमें अफ्रीकी-अमेरिकी, मूल अमेरिकी जनजातियों (जैसे चेरोकी, क्रीक, सेमिनोल) और श्वेत सैनिकों ने मिलकर हिस्सा लिया. यह इंडियन टेरिटरी में लड़ी गई सबसे बड़ी और निर्णायक लड़ाई मानी जाती है, जिसने क्षेत्र में संघीय नियंत्रण मजबूत किया और विभिन्न नस्लीय समूहों की भूमिका को इतिहास में दर्ज कर दिया.
1947 — रामदास जहाज दुर्घटना: स्वतंत्रता से पहले की भीषण समुद्री त्रासदी
17 जुलाई 1947 को मुंबई (तत्कालीन बंबई) के प्रिंसेस डॉक्स से रवाना हुआ एस.एस. रामदास (SS Ramdas) नामक यात्री जहाज अलिबाग (Alibag) के पास अरब सागर में एक तेज़ समुद्री तूफान के चलते डूब गया. इस जहाज में करीब 713 लोग सवार थे, जिनमें से लगभग 625 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. संचार माध्यमों की कमी और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य देर से शुरू हो सका, जिससे जनहानि और अधिक हो गई. यह हादसा भारत के समुद्री इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक था, जो स्वतंत्रता से महज एक महीने पहले हुआ और सैकड़ों परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुःख लेकर आया.
1968 — इराक में बाथ पार्टी का तख्तापलट
17 जुलाई 1968 को इराक (Iraq) में एक शांतिपूर्ण तख्तापलट के ज़रिए बाथ पार्टी (Baʿath Party) ने सत्ता पर कब्जा कर लिया. इस तख्तापलट में तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल रहमान आरिफ (Abdul Rahman Arif) को हटा दिया गया और अहमद हसन अल-बक्र (Ahmed Hassan al-Bakr) नए राष्ट्रपति बने. हालांकि इस समय सद्दाम हुसैन (Saddam Hussein) प्रमुख भूमिका में नहीं थे, लेकिन इस घटना के बाद वे तेजी से सत्ता के केंद्र में आए और 1979 में राष्ट्रपति बने. यह तख्तापलट इराक के इतिहास में सत्ता, दमन और अस्थिरता के एक लंबे और निर्णायक दौर की शुरुआत थी, जिसने पश्चिम एशिया की राजनीति पर भी गहरा असर डाला.
1998 — रोम संविधि का अंगीकरण और ICC की दिशा में पहला कदम
17 जुलाई 1998 को इटली (Italy) के रोम (Rome) में आयोजित एक संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में "रोम संविधि" (Rome Statute) को अंगीकृत किया गया, जो कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court - ICC) की स्थापना का आधार बना. इस ऐतिहासिक संविधि को 120 देशों ने स्वीकार किया, जिसका उद्देश्य युद्ध अपराध, नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध और आक्रामकता के अपराधों पर मुकदमा चलाना है. हालांकि ICC की औपचारिक स्थापना 1 जुलाई 2002 को हुई, लेकिन 17 जुलाई 1998 को रोम संविधि का अंगीकरण वैश्विक न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम था, जिसने पीड़ितों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्याय दिलाने की नई उम्मीद जगाई.
2014 — मलेशिया एयरलाइंस फ्लाइट MH17 पर मिसाइल हमला
17 जुलाई 2014 को मलेशिया एयरलाइंस (Malaysia Airlines) की फ्लाइट MH17, जो एम्स्टर्डम (Amsterdam) से कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) जा रही थी, को यूक्रेन (Ukraine) के डोनेत्स्क क्षेत्र के ऊपर रूस निर्मित BUK मिसाइल से मार गिराया गया, जिससे विमान में सवार 298 लोगों की मौत हो गई. यह क्षेत्र उस समय रूस समर्थित विद्रोहियों और यूक्रेनी सेना के बीच संघर्ष का केंद्र था. अंतरराष्ट्रीय जांच के अनुसार, मिसाइल को विद्रोहियों द्वारा दागा गया था और वह रूस से लाई गई थी. यह त्रासदी नागरिक उड्डयन के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक मानी जाती है और आज भी न्याय, जवाबदेही और युद्ध क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को लेकर वैश्विक विमर्श का हिस्सा बनी हुई है.
17 जुलाई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1923 — बेगम आबिदा अहमद, भारत के पाँचवे राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद की पत्नी
1943 — फ़्लाइंग ऑफ़िसर निर्मलजीत सिंह सेखों, परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक
1969 — रवि किशन, हिंदी और भोजपुरी फ़िल्मों के अभिनेता
17 जुलाई को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1972 — इंदुलाल याज्ञिक, स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ और 'ऑल इंडिया किसान सभा' के नेता
1979 — लालमणि मिश्र, भारतीय संगीतकार
1992 — कानन देवी, भारतीय अभिनेत्री और गायिका
2005 — आई. जी. पटेल, भारतीय रिज़र्व बैंक के चौदहवें गवर्नर
2018 — रीता भादुड़ी, हिन्दी सिने जगत की जानीमानी अभिनेत्री
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि आज ही के दिन, 17 जुलाई 1975 को अपोलो-सायुज़ टेस्ट प्रोजेक्ट (Apollo–Soyuz Test Project - ASTP) के तहत दुनिया का पहला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिलन सफलतापूर्वक पूरा किया गया था. इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन में अमेरिका के अपोलो (Apollo CM-111) और सोवियत संघ के सायुज़ (Soyuz 19) अंतरिक्ष यान पहली बार अंतरिक्ष में एक-दूसरे से जुड़े. यह शीत युद्ध (Cold War) के दौर में वैज्ञानिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मित्रता का प्रतीक बना और अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ.
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