पोखरण से लेकर पेरिस तक – 18 मई को इतिहास में क्या-क्या बदला?
18 मई का इतिहास: जब भारत ने पोखरण में किया पहला परमाणु परीक्षण, WHO ने बदला समलैंगिकता पर रवैया और ब्रिटेन की पहली महिला पहुंची अंतरिक्ष! पढ़िए इस ऐतिहासिक दिन से जुड़ी और भी बड़ी घटनाएं.
हर दिन इतिहास की किताबों में कुछ खास घटनाओं को समेटे होता है, और 18 मई (18 May Ka Itihas) भी इससे अलग नहीं. विश्व इतिहास और भारतीय इतिहास दोनों में यह दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह रहा है. 18 मई का दिन भारत की शक्ति, विश्व की राजनीति, सामाजिक बदलाव और संस्कृति से जुड़ी कई ऐतिहासिक घटनाओं को समेटे हुए है. यह दिन न सिर्फ अतीत को याद करने का है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा लेने का भी. (18 May History)
आइए जानें कि 18 मई के दिन किन ऐतिहासिक पलों ने समय को आकार दिया.
भारत और विश्व के इतिहास में 18 मई की प्रमुख घटनाएं
1804 – नेपोलियन बोनापार्ट ने खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित किया
18 मई 1804 को नेपोलियन बोनापार्ट ने खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित किया, जिससे फ्रांसीसी क्रांति के बाद स्थापित गणराज्य का अंत हुआ. यह यूरोपीय राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ था और नेपोलियन युद्धों की शुरुआत का संकेत भी. इतिहास में नेपोलियन विश्व के सबसे महान सेनापतियों में गिना जाता है. उसने फ्रांस में एक नयी विधि संहिता लागू की जिसे नेपोलियन की संहिता कहा जाता है. वह यूरोप के अन्य कई क्षेत्रों का भी शासक था.
1950 – अमेरीका और यूरोप के बीच NATO लक्ष्यों पर संधि
उत्तरी एटलांटिक संधि पर हस्ताक्षर करने के एक साल बाद 18 मई 1959 को विश्व के 12 देशों ने अमेरीका और यूरोप की रक्षा के लिए एक स्थाई संगठन पर सहमति दी थी. इसी को लेकर NATO (North Atlantic Treaty Organization) देशों की चौथी बैठक लंदन में हुई. 12 देशों के विदेश मंत्रियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया. इन मंत्रियों ने नेटो के उद्देश्य और लक्ष्यों पर सहमति जताई और इन्हें लागू करने पर चर्चा की. इसी बैठक में तय हुआ कि किसी भी मसले को सुलझाने के लिए सेना के प्रयोग से पहले उसे राजनयिक तरीके से सुलझाया जाएगा.
1974 – भारत की परमाणु शक्ति का उद्घोष
18 मई 1974 को भारत ने दुनिया को चौंका दिया जब राजस्थान के पोखरण में पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण (India's first nuclear test) सफलतापूर्वक किया गया. इस परीक्षण का कोड नाम था “स्माइलिंग बुद्धा” (Operation Smiling Buddha) और इसके साथ ही भारत विश्व का छठा परमाणु शक्ति संपन्न देश बन गया. यह पहला मौका था जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों के अलावा किसी और देश ने परमाणु परीक्षण करने का साहस किया. यह परीक्षण तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुआ और भारत की वैज्ञानिक क्षमता तथा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना. इस ऑपरेशन की अगुवाई BARC (Bhabha Atomic Research Centre) के निदेशक डॉक्टर राजा रामन्ना ने की और उनकी टीम में डॉक्टर अब्दुल कलाम भी शामिल थे.
1991 – ब्रिटेन की पहली ऐस्ट्रॉनॉट हेलेन शर्मन ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी
ब्रिटेन की पहली ऐस्ट्रॉनॉट हेलेन शर्मन ने 18 मई 1991 को अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी. 27 वर्षीय हेलेन सोवियत सोयुज़ अंतरिक्ष यान में सवार होकर मीर अंतरिक्ष स्टेशन के लिए कजाकिस्तान से रवाना हुई. उनके साथ दो कॉस्मोनॉट भी मौजूद थे. हेलेन को अंतरिक्ष में जगह एक इश्तिहार में पूछे गए एक सवाल का जवाब देने पर मिली. इस इश्तिहार में लिखा था, ‘एस्ट्रॉनॉट चाहिए, अनुभवी न हो तो भी चलेगा.’ इससे पहले हेलेन एक चॉकलेट कंपनी में कैमिस्ट का काम करती थीं. हेलेन मई 1991 में मीर अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाली पहली महिला भी बनीं. हेलेन को 1992 और 1998 में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा अंतरिक्ष यात्रियों के चयन के लिए उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया गया था.
1990 – संयुक्त राष्ट्र में समलैंगिकता पर बड़ा फैसला
18 मई 1990 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization - WHO) ने समलैंगिकता को मानसिक बीमारी की सूची से हटा दिया. यह मान्यता कि समलैंगिकता एक मानसिक बीमारी नहीं है, ने मानव अधिकारों के लिए WHO द्वारा समलैंगिकता को एक स्वाभाविक मानव व्यवहार के रूप में स्वीकार करने का मार्ग प्रशस्त किया. इस निर्णय से LGBTQ+ समुदाय के लिए कई फायदे हुए, जिसमें बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवा, अधिक समानता और अधिकारों के लिए लड़ने की क्षमता शामिल है. यह LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों के लिए एक ऐतिहासिक दिन था और वैश्विक स्तर पर समावेशी समाज की ओर एक बड़ा कदम माना गया.
18 मई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1682 – छत्रपति शाहु महाराज, छत्रपति शिवाजी महाराज के पौत्र तथा शम्भुजी और येसूबाई के पुत्र
1914 – एस. जगन्नाथन, भारतीय रिज़र्व बैंक के दसवें गवर्नर
1933 – एचडी देवगौड़ा, भारत के बारहवें प्रधानमंत्री
1951 – जगदीप धनखड़, भारत के निर्वाचित 14वें उपराष्ट्रपति
18 मई को जिन हस्तियों ने कहा अलविदा
1966 – पंचानन माहेश्वरी, भारत के सुप्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी
2017 – रीमा लागू, हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री
18 मई को क्यों याद रखा जाए?
पोखरण परमाणु विस्फोट दिवस
विश्व संग्रहालय दिवस: हर साल 18 मई को ‘विश्व संग्रहालय दिवस’ (International Museum Day) मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1977 में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (ICOM) द्वारा की गई थी. इस दिन का उद्देश्य है सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और लोगों में इतिहास के प्रति रुचि बढ़ाना.




